कभी करोड़ों में खेलता था ये डॉन, आज पाई-पाई के लिए मोहताज, कहानी डॉन अबू सलेम की

1 hour ago

Last Updated:February 06, 2026, 23:07 IST

Abu Salem News: बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को जेल में बंद गैंगस्टर अबू सलेम की अर्जी को खारिज कर दिया. दरअसल डॉन ने अपने भाई अबू हकीम अंसारी की मौत पर दुख जताने के लिए उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में अपने परिवार से मिलने के लिए इमरजेंसी पैरोल मांगी थी. जस्टिस एएस गडकरी और एससी चांडक की बेंच ने कहा कि संबंधित अधिकारियों के फैसले में दखल देने का कोई कारण नहीं है. सलेम की अर्जी को मेरिट के आधार पर खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि अगर सलेम घर जाना चाहता है तो जाए, मगर उसे एस्कॉर्ट करने वाली पुलिस की टीम का पूरा खर्च उठाना होगा. इसके लिए उसे अग्रिम 17 लाख रुपये जमा कराने थे. कभी करोड़ों में खेलने वाला डी-कंपनी का डॉन ऐसा नहीं कर पाया.

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सलेम को पैरोल पर रिहा करने की पहले ही इजाजत दे दी थी, लेकिन सिर्फ इस शर्त पर कि उसे एक हाई-सिक्योरिटी पुलिस टीम एस्कॉर्ट करेगी. वह एस्कॉर्ट का पूरा खर्च उठाएगा. पिछली सुनवाई के दौरान, बेंच ने साफ कर दिया था कि इसमें शामिल खर्चों पर कोई मोलभाव नहीं होगा.

सलेम की वकील, फरहाना शाह ने कोर्ट को बताया कि उनका क्लाइंट एस्कॉर्ट चार्ज नहीं दे सकता है. उनके अनुसार पूरा खर्च लगभग 17 लाख रुपये होगा. उसने तर्क दिया कि ऐसी शर्त लगाने से उसे असल में पैरोल नहीं मिल पाई.

इस अर्जी का विरोध करते हुए, एडिशनल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर आशीष सतपुते ने कहा कि अधिकारियों ने उस एक्सट्रैडिशन ट्रीटी पर विचार करने के बाद एक बैलेंस्ड फैसला लिया था जिसके तहत सलेम को भारत लाया गया था. एक खराब पुलिस रिपोर्ट जिसमें कानून और व्यवस्था की चिंताओं को बताया गया था. उन्होंने कहा कि सलेम जिस अंतिम संस्कार में शामिल होना चाहता था. वह पहले ही हो चुका था और अगर एस्कॉर्ट तैनात किया जाता तो राज्य को शुरू में काफी खर्च उठाना पड़ता.

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अबू सलेम उर्फ अबू सलेम अब्दुल कयूम अंसारी भारत के उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के सराय मीर का गैंगस्टर है. वह अंडरवर्ल्ड डी-कंपनी से जुड़ा, जो दाऊद इब्राहिम के नेतृत्व वाला क्रिमिनल सिंडिकेट था.

सलेम मुंबई अंडरवर्ल्ड में ऊपर उठा और डी-कंपनी का एक अहम ऑपरेटर बन गया. वह मुंबई में हिंसक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए अपने होमटाउन से युवाओं को भर्ती करने के लिए जाना जाता था.

सलेम बॉलीवुड फिल्म प्रोड्यूसर्स को पैसे और फिल्म डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स पर कंट्रोल के लिए धमकाने और उगाही करने के लिए बदनाम था. 1993 के मुंबई सीरियल बम धमाकों का मुख्य साज़िशकर्ता था. यह एक बड़ा आतंकी हमला था, जिसमें 250 से ज़्यादा लोग मारे गए थे और सैकड़ों घायल हुए थे. कोर्ट ने इन धमाकों और दूसरे अपराधों के सिलसिले में उसे दोषी ठहराया था.

1990 के दशक के आखिर से 2000 के दशक की शुरुआत तक वह अपने पीक पर था. उस दौरान अबू सलेम की लाइफ़स्टाइल बहुत शानदार थी. वह विदेशों (दुबई, पुर्तगाल, वगैरह) में लग्जरी होटलों में रहने और नकली पासपोर्ट का इस्तेमाल करके इंटरनेशनल ट्रैवल करने के लिए जाना जाता था. उसे अक्सर डिजाइनर कपड़ों से लेकर महंगी घड़ियों तक में देखा जाता था, जबकि एक्टर मोनिका बेदी के साथ उसके रिश्ते सुर्खियों में रहते थे.

सलेम 23 साल से ज्यादा समय से जेल में है. वह दो सजाएं काट रहा है. 1995 में बिल्डर प्रदीप जैन की हत्या के लिए उम्रकैद और 1993 के मुंबई सीरियल बम धमाकों के मामले में साजिशकर्ता और मददगार के तौर पर उसकी भूमिका के लिए उम्रकैद. वह अभी नासिक रोड सेंट्रल जेल में बंद है.

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First Published :

February 06, 2026, 23:07 IST

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