एक ऐसे संत पहले की इंजीनियरिंग और फिर बन गए सबसे कम उम्र के जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर

2 hours ago

होमवीडियोबिहारपटना

पहले की इंजीनियरिंग और फिर बन गए सबसे कम उम्र के जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर

X

title=

पहले की इंजीनियरिंग और फिर बन गए सबसे कम उम्र के जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर

arw img

बिहार के पूर्वी चंपारण से एक ऐसे युवा संत की प्रेरक कहानी सामने आई है, जिन्होंने कम उम्र में आध्यात्मिक जगत में ऊंचा स्थान हासिल किया. यह कहानी स्वामी रविशंकर गिरी की है, जो मात्र 32 वर्ष की आयु में जूना अखाड़ा के सबसे कम उम्र के महामंडलेश्वर बने. उनकी प्रारंभिक शिक्षा मोतिहारी में हुई, फिर उच्च शिक्षा के लिए प्रयागराज और कोटा गए तथा इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की. बचपन से भगवान भोलेनाथ में आस्था रखने वाले स्वामी जी ने पारिवारिक परंपरा निभाते हुए संन्यास लिया. 2021 में कोविड काल के दौरान जनसेवा के लिए उनका नाम World Book of Records में दर्ज हुआ.

Last Updated:February 24, 2026, 17:38 ISTपटनादेश

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। बिहार की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें |

Read Full Article at Source