Vermi compost business: कम लागत में बेहतर मुनाफे की तलाश कर रहे युवाओं के लिए गोंडा जिले के झंझरी विकासखंड स्थित केशवपुर पहाड़वा गांव के शैलेंद्र सिंह प्रेरणा बन गए है. एमबीए करने के बाद 10 साल तक फार्मा कंपनी में नौकरी करने वाले शैलेंद्र ने नौकरी छोड़कर घर पर ही वर्मी कंपोस्ट का व्यवसाय शुरू किया. उन्होंने 30 बेड से शुरुआत की, जो अब बढ़कर 120 बेड हो गए है. वर्मी कंपोस्ट बनाने में वह लाल केंचुआ Eisenia fetida और Eisenia andrei का उपयोग करते है. शुरुआत में करीब 3 से 4 लाख रुपये की लागत आई. शैलेंद्र बताते है कि 2 से ढाई महीने में खाद तैयार हो जाती है. सिर्फ 9 महीनों में उन्हें 8 से 9 लाख रुपये की आमदनी हो चुकी है, जबकि सालाना टर्नओवर 12 से 15 लाख रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है.
Vermi compost business: नौकरी छोड़ी, अपनाया जैविक रास्ता, गोंडा का किसान वर्मी कंपोस्ट से कमा रहा लाखों
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