Last Updated:March 07, 2026, 09:58 IST
Mayank Purohit UPSC 2025 Result Phalodi Success Story: फलोदी के मयंक पुरोहित ने यूपीएससी 2025 में 33वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनने का सपना पूरा किया है. आईआईटी धनबाद से इंजीनियर मयंक ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी छोड़कर तैयारी की और 17 घंटे की कड़ी मेहनत व सोशल मीडिया से दूरी बनाकर यह मुकाम पाया. वे वर्तमान में आईएफएस की ट्रेनिंग ले रहे हैं और एक माह पहले ही उनका विवाह हुआ है.
Mayank Purohit UPSC 2025 Result Phalodi Success Story: राजस्थान के नवनिर्मित फलोदी जिले के लिए आज का दिन गौरव और हर्षोल्लास से भरा है. शहर के प्रतिभाशाली युवा इंजीनियर मयंक पुरोहित ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा-2025 में अखिल भारतीय स्तर पर 33वीं रैंक हासिल कर अपनी मेधा का लोहा मनवाया है. मयंक की इस असाधारण उपलब्धि ने न केवल फलोदी बल्कि पूरे राजस्थान का नाम रोशन किया है. यह मयंक का सिविल सेवा परीक्षा में पांचवां प्रयास था जिसमें उन्होंने अपनी पिछली कमियों को सुधारते हुए शीर्ष रैंक हासिल की. गौरतलब है कि इससे पहले भी मयंक ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए भारतीय वन सेवा (IFS) में अखिल भारतीय स्तर पर 7वीं रैंक प्राप्त की थी और वर्तमान में वे देहरादून में अपनी ट्रेनिंग पूरी कर रहे हैं. उनकी इस सफलता की खबर मिलते ही फलोदी में जश्न का माहौल बन गया है.
29 वर्षीय मयंक पुरोहित की शैक्षणिक यात्रा काफी प्रेरणादायक रही है. उनकी प्रारंभिक शिक्षा कक्षा 8वीं तक फलोदी के बाल अकादमी विद्यालय खीचन में हुई. इसके बाद उन्होंने 10वीं तक की पढ़ाई डीपीएस जोधपुर से की और फिर उच्च माध्यमिक शिक्षा के लिए कोटा का रुख किया. स्कूली शिक्षा पूर्ण करने के बाद मयंक ने प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी धनबाद से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के बाद उन्होंने एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में शानदार करियर की शुरुआत की लेकिन उनके मन में देश सेवा का जज्बा हमेशा से था. इसी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उन्होंने लाखों के पैकेज वाली नौकरी को अलविदा कह दिया और यूपीएससी की तैयारी में जुट गए. मयंक पूर्व सरपंच श्यामा पुरोहित के पौत्र और दिनेश (ममसा) पुरोहित के सुपुत्र हैं जिनके परिवार का फलोदी के सामाजिक क्षेत्र में बड़ा योगदान रहा है.
17 घंटे की तपस्या और सोशल मीडिया से पूर्ण वैराग्य
मयंक की इस सफलता का सबसे बड़ा राज उनका अनुशासन और कड़ी मेहनत है. तैयारी के दौरान मयंक ने खुद को बाहरी दुनिया और सोशल मीडिया के भटकाव से पूरी तरह दूर रखा. उन्होंने प्रतिदिन लगभग 17 घंटे तक गहन अध्ययन किया और सेल्फ स्टडी को ही अपनी सफलता का आधार बनाया. मयंक का मानना है कि सिविल सेवा जैसी कठिन परीक्षा में सफलता पाने के लिए निरंतरता और हर विषय की गहराई तक जाना अनिवार्य है. आईएएस बनने के अपने सपने को पूरा करने के लिए वे एक साल तक जोधपुर में एकांतवास में रहकर तैयारी करते रहे. उनके पिता दिनेश पुरोहित ने गर्व से बताया कि मयंक की शादी अभी एक माह पहले ही हुई है और शादी के तुरंत बाद मिली इस सफलता ने खुशियों को दोगुना कर दिया है. उन्होंने यह भी दावा किया कि एसएन थानवी के बाद फलोदी से इतनी बड़ी रैंक लाने वाले मयंक दूसरे युवा हैं.
प्रशासनिक स्तर पर सराहना और युवाओं के लिए प्रेरणा
मयंक पुरोहित की 33वीं रैंक आने पर फलोदी जिला कलक्टर श्वेता चौहान ने उन्हें विशेष रूप से बधाई दी है. जिला कलक्टर ने इसे फलोदी जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि मयंक की सफलता से जिले के अन्य छात्रों को भी अखिल भारतीय सेवाओं की परीक्षाओं में बैठने और सफल होने की प्रेरणा मिलेगी. मयंक ने अपनी सफलता का श्रेय अपने दादा-दादी, माता-पिता और गुरुजनों के मार्गदर्शन को दिया है. उनका संदेश युवाओं के लिए स्पष्ट है कि यदि दृढ़ इच्छाशक्ति और सही दिशा में मेहनत की जाए तो सफलता निश्चित है. वर्तमान में मयंक देहरादून में हैं लेकिन फलोदी स्थित उनके निवास पर ढोल-नगाड़ों और मिठाइयों के साथ जश्न का दौर जारी है. रिश्तेदार और परिचित लगातार उनके घर पहुंचकर परिवार को इस ऐतिहासिक जीत की बधाई दे रहे हैं.
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Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a seasoned multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience across digital media, social media management, video production, editing, content...और पढ़ें
Location :
Jodhpur,Jodhpur,Rajasthan
First Published :
March 07, 2026, 09:58 IST

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