Last Updated:February 01, 2026, 09:08 IST
Budget 2026 Recruitment Updates India: बजट 2026 से युवाओं को बहुत उम्मीदें हैं. रेलवे, सेना और शिक्षा क्षेत्र में लाखों पदों पर भर्ती के लिए फंड बढ़ने की संभावना है. जहां रेलवे वार्षिक कैलेंडर पर फोकस कर रहा है, वहीं शिक्षा क्षेत्र में 10 लाख शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए विशेष घोषणाओं की संभावना है.
Recruitment Budget 2026: युवाओं को नौकरी के क्षेत्र में बजट से बहुत उम्मीदें हैंनई दिल्ली (Budget 2026 Recruitment Updates India LIVE). केंद्रीय बजट 2026 केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य का रोडमैप भी है. पिछले कुछ सालों में सरकार ने बुनियादी ढांचे पर रिकॉर्ड निवेश किया है, जिसका सीधा असर अब रोजगार के अवसरों पर दिखने लगा है. रेलवे ने जहां अपने वार्षिक भर्ती कैलेंडर के जरिए पारदर्शिता लाने की कोशिश की है, वहीं सेना और पुलिस बल अब तकनीकी रूप से सक्षम और युवा वर्कफोर्स की तलाश में हैं.
पिछले बजट (2025-26) में रेलवे को ₹2.52 लाख करोड़ का रिकॉर्ड आवंटन मिला था, जिससे 1.2 लाख से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया को स्पीड मिली. एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि इस साल यानी बजट 2026 में रक्षा और रेलवे के पूंजीगत व्यय (Capex) में 10-12% की और वृद्धि हो सकती है. यह बढ़त केवल नई ट्रेनों या हथियारों के लिए नहीं, बल्कि उन्हें संचालित करने वाले कुशल जनशक्ति (Manpower) की भर्ती के लिए भी नए दरवाजे खोलेगी.
रेलवे: वार्षिक कैलेंडर और नियमित भर्तियां
रेलवे ने अब ‘एक बड़ी भर्ती’ के बजाय ‘नियमित छोटी भर्तियों’ का मॉडल अपनाया है. पिछले साल ALP, टेक्नीशियन और NTPC के हजारों पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी किए गए. बजट 2026 से उम्मीद है कि ग्रुप डी (MTS) और RPF के रिक्त पदों के लिए नए फंड आवंटित किए जाएंगे. ‘कवच’ जैसे सिक्योरिटी सिस्टम के विस्तार के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की भारी जरूरत है, जो नई भर्तियों का मुख्य आधार बनेंगे.
सेना और पुलिस: तकनीक के साथ तालमेल
अग्निपथ योजना के बाद सेना अब ‘टेक्निकल अग्निवीरों’ पर अधिक ध्यान दे रही है. बजट 2026 में सीमा सुरक्षा और आधुनिकीकरण के लिए फंड बढ़ने की उम्मीद है, जिससे विशेष बलों में नई नियुक्तियों का रास्ता साफ होगा. वहीं, राज्यों में पुलिस भर्ती के लिए केंद्र की ओर से मिलने वाली सहायता राशि में वृद्धि की संभावना है. इससे पुलिस-जनसंख्या अनुपात को सुधारा जा सकेगा.
शिक्षा क्षेत्र: 10 लाख शिक्षकों की कमी को भरने की चुनौती
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में अभी भी लगभग 10 लाख शिक्षकों के पद खाली हैं. बजट 2026 में ‘पीएम श्री’ स्कूलों और डिजिटल लर्निंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भारी निवेश की उम्मीद है. विशेषज्ञों का मानना है कि नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के प्रभावी Implementation के लिए शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को तेज किया जाएगा. इसके लिए बजट में विशेष वित्तीय प्रावधान किए जा सकते हैं.
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First Published :
February 01, 2026, 09:07 IST

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