Supreme Court SIR LIVE: न्याय दरवाजे के पीछे रो रहा है... SC में SIR पर ममता के तीखे तेवर, फिर CJI ने क्या दिया जवाब?

1 hour ago

Supreme Court SIR LIVE: पश्चिम बंगाल की राजनीति अब सुप्रीम कोर्ट के भीतर संवैधानिक बहस में बदल चुकी है. वोटर लिस्ट रिवीजन (SIR) विवाद को लेकर सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद कोर्ट में मौजूद रहीं और उन्होंने न्याय प्रक्रिया पर चिंता जताई. ममता ने कहा कि उन्होंने कई बार चुनाव आयोग को पत्र लिखकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई, लेकिन समाधान नहीं मिला. इस पर मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने विधिवत याचिका दायर की है और देश के शीर्ष वकील उसकी ओर से दलील रख रहे हैं. साथ ही कोर्ट ने दोहराया कि सुनवाई का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी वैध मतदाता का नाम सूची से बाहर न हो.

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Supreme Court SIR LIVE: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि जब न्याय दरवाजे के पीछे रोता हुआ महसूस हो, तब उन्होंने कई बार चुनाव आयोग को पत्र लिखे. इस पर मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने औपचारिक रूप से याचिका दायर की है और उसकी ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और श्याम दीवान जैसे देश के शीर्ष अधिवक्ता कोर्ट में दलील रख रहे हैं. CJI ने यह भी कहा कि हर समस्या का समाधान संभव है ताकि कोई भी निर्दोष नागरिक सूची से बाहर न रह जाए। जवाब में ममता बनर्जी ने बेंच और विरोधी पक्ष के वकीलों के प्रति सम्मान जताते हुए कहा कि वह अपने राज्य के लोगों के लिए यहां आई हैं और उन्होंने कई बार चुनाव आयोग को पत्र लिखकर चिंता जताई है. वहीं CJI ने कहा कि 19 जनवरी को कपिल सिब्बल ने राज्य की प्रक्रियागत दिक्कतों और वास्तविक आशंकाओं, खासकर वैध निवासियों के नाम छूटने की चिंता, को विस्तार से कोर्ट के सामने रखा था.

Supreme Court SIR LIVE:  सुनवाई के दौरान CJI ने कहा कि 19 जनवरी को कपिल सिब्बल ने प्रक्रिया से जुड़ी कठिनाइयों को विस्तार से समझाया था और कोर्ट यह सुनिश्चित करना चाहता है कि कोई भी निर्दोष नागरिक सूची से बाहर न रह जाए. CJI ने टिप्पणी करते हुए कहा कि हर समस्या का समाधान संभव है ताकि किसी भी नागरिक के साथ अन्याय न हो. इसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बोलना शुरू किया और कहा कि उन्हें बेंच के प्रति पूरा सम्मान है. उन्होंने आरोप लगाया कि न्याय कई बार दरवाजे के पीछे रोता हुआ दिखाई देता है और उन्होंने इस मुद्दे पर कई बार चुनाव आयोग को पत्र भी लिखा है.

Supreme Court SIR LIVE: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ वकील श्याम दीवान पेश हुए और उन्होंने तत्काल अंतरिम आदेश जारी करने की मांग की. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के पिछले आदेश का हवाला देते हुए चुनाव आयोग को तार्किक विसंगति श्रेणी से जुड़े निर्देशों का जिक्र किया और बताया कि इस संबंध में एक संक्षिप्त नोट भी दाखिल किया गया है. वकील दीवान ने कहा कि अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन में केवल 11 दिन बचे हैं और सुनवाई पूरी करने के लिए चार दिन का समय शेष है, जबकि अब तक 32 लाख मतदाताओं को ‘अनमैप्ड’ के रूप में चिन्हित किया गया है. उन्होंने बताया कि एलडी पोस्ट ड्राफ्ट रोल में 1.36 करोड़ नाम शामिल हैं, जो कुल मतदाताओं का लगभग 20 प्रतिशत है. 16 दिसंबर 2025 से अब तक 88 लाख सुनवाइयाँ हुई हैं, जिनकी औसत दर करीब 1.8 लाख प्रतिदिन रही, जबकि अभी भी लगभग 63 लाख सुनवाइयां लंबित हैं और इन्हें समय पर पूरा करने के लिए 15.5 लाख प्रतिदिन की दर जरूरी होगी. इसके अलावा, उन्होंने बिना वैधानिक आधार के 8,300 माइक्रो ऑब्जर्वर तैनात किए जाने पर भी सवाल उठाया.

Supreme Court SIR LIVE: पश्चिम बंगाल के SIR से जुड़े मामले की सुनवाई शुरू हो गई है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अब अपने वकील के साथ आगे खड़ी हैं और कार्यवाही में मौजूद हैं. इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत की नियमित बेंच कर रही है. इसमें जस्टिस जॉयमल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली भी शामिल हैं.

Supreme Court SIR LIVE: ममता बनर्जी बनाम चुनाव आयोग मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच करेगी. इसमें जस्टिस जॉयमाला बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली भी शामिल हैं. बेंच जल्द ही बैठने वाली है और कोर्ट रूम खचाखच भरा हुआ है. इस बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोर्ट नंबर-1 में मौजूद हैं, जहां वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान उनके पक्ष में पैरवी करेंगे. वहीं वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी भी कोर्ट नंबर-1 पहुंच चुके हैं. इससे सुनवाई को लेकर हलचल और तेज हो गई है.

Supreme Court SIR LIVE: सुप्रीम कोर्ट में अभी मुख्य न्यायाधीश (चीफ जस्टिस) की बेंच नहीं बैठी है. इसके चलते कार्यवाही शुरू होने का इंतजार किया जा रहा है. संबंधित मामले की सुनवाई बेंच के बैठने के बाद शुरू होगी और इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.

Supreme Court SIR LIVE: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुकी हैं और तय कार्यक्रम के अनुसार कोर्ट की कार्यवाही में हिस्सा लेंगी. उनके सुप्रीम कोर्ट पहुंचने को लेकर राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज है और संबंधित मामले की सुनवाई पर सबकी नजर बनी हुई है.

Supreme Court SIR LIVE: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत सुप्रीम कोर्ट के लिए रवाना हो गई हैं. वह तय समय पर कोर्ट पहुंचकर निर्धारित सुनवाई और कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी, जहां उनके पहुंचने को लेकर सियासी हलकों में भी हलचल बनी हुई है.

Supreme Court SIR LIVE: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सुबह 10 बजे 181 साउथ एवेन्यू स्थित आवास से सुप्रीम कोर्ट के लिए रवाना होंगी. वह सुबह करीब 10:30 बजे तक कोर्ट नंबर-1 में मौजूद रहेंगी, जहां निर्धारित कार्यक्रम में भाग लेंगी.

Supreme Court SIR LIVE: सुप्रीम कोर्ट से निकलने के बाद ममता बनर्जी दोपहर करीब 1 बजे एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगी. उनका चार्टर्ड विमान दोपहर 2 से 3 बजे के बीच कोलकाता के लिए उड़ान भरेगा.

न्यूज एजेंसी IANS के अनुसार इस मामले ने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है. ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि SIR प्रक्रिया के जरिए लाखों मतदाताओं के वोट देने का अधिकार छीनने की कोशिश हो रही है. उन्होंने आयोग पर राजनीतिक पक्षपात का आरोप भी लगाया है. सुप्रीम कोर्ट की बेंच इस संवेदनशील मामले पर सुनवाई करने जा रही है. इस सुनवाई पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं. यह फैसला सिर्फ बंगाल ही नहीं बल्कि देश की चुनावी प्रक्रियाओं पर भी बड़ा असर डाल सकता है.

SIR विवाद आखिर है क्या?

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन वोटर लिस्ट की जांच और संशोधन की प्रक्रिया है. चुनाव आयोग का कहना है कि इसका मकसद वोटर लिस्ट को साफ और सटीक बनाना है. लेकिन ममता बनर्जी और टीएमसी नेताओं का आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए असली मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं. खासकर समाज के कमजोर और हाशिए पर रहने वाले वर्गों को प्रभावित करने का आरोप लगाया गया है. इसी वजह से यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है.

क्या ममता बनर्जी खुद सुप्रीम कोर्ट में जिरह कर सकती हैं?

भारतीय कानून के तहत कोई भी व्यक्ति अपने केस में खुद पक्ष रख सकता है. अगर ममता बनर्जी ऐसा करती हैं तो यह बेहद असाधारण और ऐतिहासिक घटना होगी. हालांकि आमतौर पर संवैधानिक मामलों में वरिष्ठ वकील पक्ष रखते हैं. लेकिन राजनीतिक संदेश और जनसंपर्क के नजरिए से ममता बनर्जी का खुद अदालत में खड़ा होना बड़ा कदम माना जा सकता है. इससे राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है.

इस मामले का चुनावी राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?

यह विवाद बंगाल विधानसभा चुनाव की दिशा तय कर सकता है. अगर सुप्रीम कोर्ट SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाता है तो चुनाव आयोग को प्रक्रिया में बदलाव करना पड़ सकता है. वहीं अगर आयोग का पक्ष मजबूत रहता है तो TMC इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर जनता के बीच ले जा सकती है. दोनों ही स्थिति में यह मामला चुनावी माहौल को और ज्यादा गर्म कर सकता है.

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