Last Updated:February 13, 2026, 07:17 IST
Seva Teerth New PMO Pic: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 फरवरी को नए सरकारी परिसर 'सेवा तीर्थ' का उद्घाटन करेंगे. इसी परिसर से अब प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय संचालित होंगे. सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत बने इस परिसर को आधुनिक, डिजिटल और पर्यावरण अनुकूल सुविधाओं से लैस किया गया है.
देश की सत्ता और प्रशासनिक फैसलों का दशकों पुराना गवाह रहा साउथ ब्लॉक अब इतिहास बनने की कगार पर है. शुक्रवार 13 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए सरकारी कार्यालय परिसर 'सेवा तीर्थ' का औपचारिक उद्घाटन करेंगे. यह बदलाव सिर्फ दफ्तर बदलने का नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े परिवर्तन का संकेत माना जा रहा है. सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत बनाए गए इस आधुनिक परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय को एक साथ स्थापित किया गया है. प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी जानकारी और सरकारी ब्रीफिंग के मुताबिक यह कदम प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में बड़ा फैसला है. (फोटो X)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान 'सेवा तीर्थ' के साथ कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 का भी उद्घाटन करेंगे. इसके अलावा शाम को सेवा तीर्थ परिसर में एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस ऐतिहासिक बदलाव को साझा करते हुए बताया कि यह दिन भारत के प्रशासनिक इतिहास में एक निर्णायक मोड़ माना जाएगा. (फोटो X)
'सेवा तीर्थ' परिसर को आधुनिक प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है. इस परिसर में पहले अलग-अलग जगहों पर फैले हुए महत्वपूर्ण कार्यालयों को एकीकृत किया गया है. सरकारी अधिकारियों के अनुसार पहले इन विभागों के अलग-अलग भवनों में होने से समन्वय में दिक्कत, संचालन में देरी और रखरखाव लागत बढ़ने जैसी समस्याएं सामने आती थीं. इसी कारण सरकार ने सभी प्रमुख प्रशासनिक इकाइयों को एक ही परिसर में लाने का निर्णय लिया. यह पहल प्रशासनिक प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाने की दिशा में अहम मानी जा रही है. (फोटो X)
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कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 में देश के कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों को स्थान दिया गया है. इनमें वित्त मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और विधि एवं न्याय मंत्रालय जैसे प्रमुख विभाग शामिल हैं. सरकारी सूत्रों के मुताबिक इन भवनों को डिजिटल रूप से एकीकृत किया गया है ताकि मंत्रालयों के बीच तालमेल बेहतर बनाया जा सके और फैसलों की प्रक्रिया तेज हो सके. यह व्यवस्था नागरिक सेवाओं को भी ज्यादा प्रभावी बनाने में मदद करेगी. (फोटो X)
नए परिसर को पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है. चार-स्टार जीआरआईएचए मानकों के अनुसार डिजाइन किए गए इन भवनों में नवीकरणीय ऊर्जा प्रणाली, जल संरक्षण तकनीक और आधुनिक अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था लागू की गई है. अधिकारियों के मुताबिक इन उपायों से सरकारी भवनों की ऊर्जा खपत कम होगी और पर्यावरणीय प्रभाव घटेगा. साथ ही कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण और नागरिकों के लिए सुविधाजनक सार्वजनिक संपर्क क्षेत्र तैयार किए गए हैं. (फोटो X)
सुरक्षा व्यवस्था को भी अत्याधुनिक बनाया गया है. सेवा तीर्थ परिसर में स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल सिस्टम, हाई-टेक निगरानी नेटवर्क और उन्नत आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली स्थापित की गई है. अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था अधिकारियों और आम नागरिकों दोनों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करेगी. इसके साथ ही परिसर को डिजिटल और तकनीकी रूप से अत्याधुनिक बनाने का प्रयास किया गया है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और तेजी लाई जा सके. (फोटो PTI)
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने अपने बयान में कहा कि 13 फरवरी 1931 को अंग्रेजों ने नई दिल्ली को राजधानी घोषित किया था और अब इसी तारीख को प्रशासनिक बदलाव भारत के आत्मनिर्भर और आधुनिक शासन मॉडल को दर्शाता है. यह बदलाव सिर्फ स्थानांतरण नहीं बल्कि प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. (फोटो PTI)
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First Published :
February 13, 2026, 07:17 IST

2 hours ago
