Last Updated:January 19, 2026, 21:24 IST
पाकिस्तान जिस 'ऐतिहासिक' सऊदी डील का ढिंढोरा पीट रहा था, उससे 10 गुना बड़ी डील भारत और यूएई ने महज डेढ़ घंटे की मुलाकात में फाइनल कर ली है. पीएम मोदी और यूएई के राष्ट्रपति ने 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है, जो पाकिस्तान के 20 अरब डॉलर के सपने को बौना साबित करता है.
भारत और यूएई के बीच बड़ी डील हुई है.कूटनीति की दुनिया में अक्सर कहा जाता है कि शोर मचाने से सफलता नहीं मिलती. पाकिस्तान ने सऊदी अरब के साथ अपनी डील का जमकर ढिंढोरा पीटा था, लेकिन सोमवार को दिल्ली में महज डेढ़ घंटे के भीतर एक ऐसी इबारत लिखी गई, जिसने इस्लामाबाद के सारे दावों को बौना साबित कर दिया. यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की भारत यात्रा भले ही छोटी थी, लेकिन इसका नतीजा पाकिस्तान की सोच से भी बड़ा है. जहां पाकिस्तान 20 अरब डॉलर के सपने देख रहा है, वहीं भारत और यूएई ने 200 अरब डॉलर यानी करीब 16 लाख करोड़ रुपये का विशाल लक्ष्य तय कर दुनिया को चौंका दिया है.
आंकड़े झूठ नहीं बोलते और भारत-यूएई के बीच तय हुए नए लक्ष्य ने पाकिस्तान की आर्थिक हैसियत की पोल खोलकर रख दी है. इसे दो आंकड़ों से समझने की कोशिश करते हैं.
पाकिस्तान: शहबाज शरीफ सरकार ने सऊदी अरब के साथ बड़ी मुश्किल से 20 अरब डॉलर का ‘ट्रेड और निवेश टारगेट’ तय किया था. वर्तमान में उनका व्यापार महज 5.7 अरब डॉलर पर अटका है और वे अभी पहले चरण के 5 अरब डॉलर के निवेश के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं. भारत: दूसरी तरफ, भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने पुष्टि की है कि भारत और यूएई का द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर का आंकड़ा पहले ही पार कर चुका है. अब पीएम मोदी और यूएई के राष्ट्रपति ने इसे दोगुना करते हुए 2032 तक 200 अरब डॉलर तक ले जाने का फैसला किया है.डेढ़ घंटे की मुलाकात और ऐतिहासिक फैसले
पीएम मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर एयरपोर्ट पर यूएई के राष्ट्रपति का गले लगाकर स्वागत किया. इसके बाद पीएम आवास तक की यात्रा और महज डेढ़ घंटे की बैठक में जो फैसले लिए गए, वे पाकिस्तान की ‘कर्ज खाकर घी पियो’ डिप्लोमेसी के ठीक उलट है. विदेश मंत्रालय के अनुसार, 2022 में हुए CEPA समझौते के बाद व्यापार रॉकेट की रफ्तार से बढ़ा है. अब 200 बिलियन डॉलर के लक्ष्य में भारत के MSME सेक्टर को पश्चिम एशिया, अफ्रीका और यूरेशिया तक पहुँचाने का रोडमैप तैयार किया गया है.
कहां खर्च होगा ये पैसा
पाकिस्तान जहां सऊदी से रिफाइनरी और उधारी के तेल की बात कर रहा है, वहीं भारत और यूएई ने भविष्य की तकनीक पर हाथ मिलाया है. सबसे बड़ा समझौता गुजरात के धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन को लेकर हुआ है. यूएई यहां इंटरनेशनल एयरपोर्ट, स्मार्ट टाउनशिप और नया पोर्ट डेवलपप करेगा. यह सीधा निवेश है, कोई कर्ज नहीं.
भारत की संस्था ‘इन-स्पेस’ और यूएई स्पेस एजेंसी मिलकर सैटेलाइट फैक्ट्री और लॉन्च कॉम्प्लेक्स बनाएंगी. साथ ही, न्यूक्लियर एनर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भी सहमति बनी है.
दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी पर काम शुरू कर दिया है, जो खरीद-फरोख्त से आगे बढ़कर साथ मिलकर हथियार बनाने की दिशा में बढ़ा कदम है. कहा जा रहा कि यूएई भारत के हथियार मार्केट में पैसा झोंकने जा रहा है.
हैसियत की बात
यह तुलना केवल आंकड़ों की नहीं, बल्कि नियत और हैसियत की है. पाकिस्तान का 20 अरब डॉलर का टारगेट अभी भी कागजी उम्मीद है, जिसमें से अधिकांश हिस्सा कर्ज या बेलआउट पैकेज का है. वहीं, भारत का 200 अरब डॉलर का टारगेट एक ठोस आर्थिक धरातल पर खड़ा है, जो 100 अरब डॉलर की उपलब्धि हासिल करने के बाद तय किया गया है. शहबाज शरीफ की सरकार जिस 5 अरब डॉलर के लिए महीनों से रियाद के चक्कर काट रही है, उतना निवेश भारत और यूएई एक सिंगल प्रोजेक्ट (धोलेरा या डेटा सेंटर) में करने का माद्दा रखते हैं.
Today I was pleased to meet with Indian Prime Minister @narendramodi in New Delhi to discuss opportunities to further strengthen the deep-rooted and historical ties of cooperation between our countries. Committed to fostering sustainable development and economic growth, the UAE… pic.twitter.com/i46cgMh0iX
यूएई के प्रेसिडेंट ने क्या कहा
भारत से लौटते वक्त यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने एक्स पर लिखा, आज मुझे नई दिल्ली में भारत के प्रधानमंत्री से भेंट कर प्रसन्नता हुई. इस दौरान हमारे देशों के बीच गहरे और ऐतिहासिक सहयोग संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने की संभावनाओं पर सार्थक चर्चा हुई. सतत विकास और आर्थिक वृद्धि को आगे बढ़ाने के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुए, यूएई और भारत भविष्य-केंद्रित क्षेत्रों में प्रगति को गति देने तथा अपने देशों और जनता के लिए पारस्परिक लाभ सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे.
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Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for 'Hindustan Times Group...और पढ़ें
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Delhi,Delhi,Delhi
First Published :
January 19, 2026, 21:24 IST

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