I-PAC के चेहरे से हटा नकाब! रोहतक की जिस कंपनी से लिया ₹13 करोड़ का लोन, उसका नामोनिशान ही नहीं

1 hour ago

Last Updated:January 22, 2026, 07:58 IST

I-PAC ने जिस कंपनी से लिया ₹13 करोड़ का लोन, उसका नामोनिशान ही नहींI-PAC Loan Scam: I-PAC ने रोहतक की एक कंपनी से 13 करोड़ रुपये से ज्‍यादा का लोन लिया था. अब पता चला है कि उस कंपनी का अस्तित्‍व ही नहीं है. (फाइल फोटो)

I-PAC Loan Scam: पॉलिटिकल कंसल्‍टेंसी फर्म I-PAC को लेकर होश उड़ाने वाले खुलासे हुए हैं. प्रतीक जैन की I-PAC ने रोहतक (हरियाणा) की एक कंपनी से 13.50 करोड़ रुपये का अनस‍िक्‍योर्ड लोन लिया था. अब पता चला है कि I-PAC ने जिस कंपनी से करोड़ों रुपये का लोन लेने का दावा किया था, उसका अस्तित्‍व ही नहीं है. इस खुलासे से I-PAC की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. मनीलॉन्ड्रिंग के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की टीम ने I-PAC के ऑफिस और इसके डायरेक्‍टर प्रतीक जैन के आवास पर छापा मारा था, जिससे पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बवाल मच गया था. बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने ईडी के एक्‍शन को राजनीतिक रंग दे दिया. अब I-PAC से जुड़ी ऐसी सच्‍चाई सामने आई है, जिससे कंसल्‍टेंसी फर्म को लेकर संदेह और बढ़ सकता है.

राजनीतिक रणनीति और चुनाव प्रबंधन के क्षेत्र में चर्चित कंपनी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) एक बार फिर विवादों में घिर गई है. हाल ही में सामने आई एक जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कंपनी ने वर्ष 2021 में रोहतक स्थित एक फर्म से 13.50 करोड़ रुपये का अनसिक्योर्ड लोन लेने का दावा किया था, लेकिन आधिकारिक रिकॉर्ड में ऐसी कोई कंपनी मौजूद ही नहीं है. यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब I-PAC पहले से ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विवाद के केंद्र में है. ‘इंडियन एक्‍सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, I-PAC ने 17 दिसंबर 2021 को रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज़ (ROC) के समक्ष दाखिल दस्तावेजों में अपने लेनदारों की सूची में ‘रामासेतु इंफ्रास्ट्रक्चर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ नाम की कंपनी का उल्लेख किया था और बताया था कि उसे इससे 13.50 करोड़ रुपये का अनसिक्योर्ड लोन मिला है. कंपनी ने जून 2025 में एक अन्य घोषणा में कहा कि इस रकम में से 2024-25 के दौरान एक करोड़ रुपये चुका दिए गए हैं और अब 12.50 करोड़ रुपये बकाया हैं.

I-PAC का गजब खेल

हालांकि, जब आधिकारिक रिकॉर्ड खंगाले गए तो पता चला कि ‘रामासेतु इंफ्रास्ट्रक्चर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ नाम की कोई कंपनी कभी रजिस्‍टर्ड ही नहीं हुई. जिस पते (तीसरी मंजिल, अशोका प्लाजा, दिल्ली रोड, रोहतक) का उल्लेख I-PAC के दस्तावेजों में किया गया है, वहां भी ऐसी किसी कंपनी के संचालन के प्रमाण नहीं मिले. ROC रिकॉर्ड में इसी पते पर ‘रामसेतु इंफ्रास्ट्रक्चर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ नाम की एक कंपनी जरूर दर्ज है, लेकिन यह कंपनी अक्टूबर 2013 में पंजीकृत हुई थी और अगस्त 2018 में ही रजिस्ट्रार द्वारा धारा 248(1) के तहत स्ट्राइक ऑफ कर दी गई थी. यानी I-PAC द्वारा बताए गए लोन से करीब तीन साल पहले ही यह कंपनी कानूनी रूप से अस्तित्व में नहीं थी.

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Manish Kumar

बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु...और पढ़ें

Location :

New Delhi,Delhi

First Published :

January 22, 2026, 07:51 IST

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I-PAC ने जिस कंपनी से लिया ₹13 करोड़ का लोन, उसका नामोनिशान ही नहीं

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