Baba Mohan Ram Mela: काली खोली धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, 15 लाख श्रद्धालुओं की उम्मीद, 900 पुलिसकर्मी तैनात

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काली खोली धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, 15 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद

Last Updated:March 05, 2026, 13:29 IST

भिवाड़ी के काली खोली धाम में लोक देवता बाबा मोहन राम का तीन दिवसीय लख्खी मेला होली-धुलंडी के मौके पर शुरू हो गया है. राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा सहित कई राज्यों से लाखों श्रद्धालु बाबा की ज्योत के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. मेले में चिकित्सा, सुरक्षा और पार्किंग सहित श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं.

Bhiwadi Baba Mohan Ram Mela: काली खोली धाम में लोक देवता बाबा मोहन राम का तीन दिवसीय लख्खी मेला होली-धुलंडी के पावन अवसर पर विधिवत शुरू हो गया है. 5 मार्च तक चलने वाले इस भव्य मेले में राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा सहित आसपास के राज्यों से लाखों श्रद्धालु बाबा की ज्योत के दर्शन और मनौतियां मांगने पहुंच रहे हैं. मेले के शुभारंभ के साथ ही श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया और पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूब गया है.

मेला प्रशासन और सामाजिक संस्थाएं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूरी तरह सक्रिय हैं. रेड क्रॉस सोसाइटी अलवर के सेक्रेटरी डॉ. रूप सिंह ने बताया कि मेले के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. ऐसे में रेड क्रॉस सोसाइटी ने प्रशासन के साथ मिलकर व्यापक इंतजाम किए हैं. मेले में एम्बुलेंस, डॉक्टर, दवाइयां और कंपाउंडर सहित इमरजेंसी मेडिकल टीम तैनात की गई है. इसके अलावा राजकीय जिला चिकित्सालय की टीम भी लगातार सेवाएं दे रही है.

मेडिकल कैंप में 100 से ज्यादा श्रद्धालुओं का इलाज
मेडिकल कैंप में अब तक 100 से अधिक श्रद्धालुओं का उपचार निःशुल्क किया जा चुका है. अधिकतर लोगों को सिरदर्द, पेटदर्द, पैरों में छाले, उल्टी और पेट संबंधी शिकायतें रही हैं. भीड़ और लंबी पैदल यात्रा के कारण कई श्रद्धालु थकावट और सर्दी से भी प्रभावित हुए. रात के समय ठंड से बचाव के लिए दो दर्जन कंबल वितरित किए गए हैं. स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए प्लास्टिक के उपयोग से बचने की अपील की गई है. इसके लिए मेले में ‘बर्तन बैंक’ की व्यवस्था की गई है, जहां श्रद्धालु स्टील के बर्तनों में भोजन कर सकते हैं और उपयोग के बाद उन्हें धोकर वापस जमा कर सकते हैं.

दोज मेले में नीले घोड़े के पास होंगे दर्शन
मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष अमर भगत सिंह ने बताया कि दोज का यह मेला बाबा मोहन राम का प्रमुख मेला माना जाता है. इस बार मंदिर के गर्भगृह में मुख्य ज्योत के दर्शन नहीं हो सकेंगे, क्योंकि मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य जारी है. मुख्य ज्योत को अस्थायी रूप से नीले घोड़े के पास स्थापित किया गया है, जहां श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं. श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रवेश द्वार की सीढ़ियों की ऊंचाई लगभग एक फुट रखी गई है, ताकि आगे खड़े व्यक्ति के साथ-साथ पीछे खड़े श्रद्धालुओं को भी सहज दर्शन हो सकें.

मेले में लाल-पीले गुब्बारों से खास व्यवस्था
मेले में सुरक्षा और व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं. यदि कोई बच्चा मेले में अपने परिजनों से बिछड़ जाता है, तो उसे सुरक्षित रखने के लिए लाल रंग का बड़ा गुब्बारा चिन्हित स्थान पर लगाया गया है. वहां मौजूद टीम बच्चों को सुरक्षित रखती है और परिजन वहां से उन्हें ले सकते हैं. इसी तरह पार्किंग स्थल की पहचान के लिए पीले रंग का गुब्बारा लगाया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को अपने वाहन पार्क करने में कोई परेशानी न हो.

मेले में 900 पुलिसकर्मी, सख्त सुरक्षा इंतजाम
इस बार मंदिर ट्रस्ट की ओर से लगभग 15 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद जताई गई है. भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी व्यापक इंतजाम किए हैं. भिवाड़ी डीएसपी के अनुसार मेले में करीब 900 पुलिसकर्मियों का जाप्ता तैनात किया गया है. सादा वर्दी में भी पुलिसकर्मी मेले में निगरानी कर रहे हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके.

बाबा मोहनराम मेले में 15 लाख श्रद्धालुओं की उम्मीद
वाहनों की पार्किंग के लिए मनसा चौक, खुदरपुर गांव और यूआईटी सेक्टर-3 में विशेष व्यवस्था की गई है. पुलिस प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है और श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील की जा रही है. आस्था, सेवा और सुरक्षा के समन्वय के साथ बाबा मोहन राम का यह लख्खी मेला भक्ति और विश्वास का अनूठा उदाहरण बनकर सामने आया है.

About the Author

Rupesh Kumar Jaiswal

A Delhi University graduate with a postgraduate Diploma in Journalism and Mass Communication, I work as a Content Editor with the Rajasthan team at News18 India Digital. I’m driven by the idea of turning raw in...और पढ़ें

Location :

Alwar,Rajasthan

First Published :

March 05, 2026, 13:29 IST

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