Ceasefire in Syria: सीरियाई सरकार ने रविवार को कुर्द नेतृत्व वाले सीरियाई डेमोक्रेटिक फोर्सेज के साथ सीजफायर की घोषणा की है. इस कदम से सरकार ने लगभग पूरे देश पर कंट्रोल कर लिया है और पूर्वी इलाकों में लंबे समय से सत्ता में रहने वाले सीरियाई डेमोक्रेटिक फोर्सेज को अलग कर दिया है. पिछले कुछ हफ्तों में दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया था, जिसके बाद सरकार ने पूर्वी इलाकों की ओर बड़ी कार्रवाई शुरू की थी.
क्या था मामला?
दरअसल, ये मामला 1962 से आग पकड़ी हुई है. उस समय बड़ी संख्या में कुर्दों से सीरियाई नागरिकता छीन ली गई थी. जिसको लेकर लोगों में तब से असंतोष का माहौल था. लेकिन कुछ दिनों पहले सीरियाई सरकार ने समान अधिकार देने का फैसला लिया है. साथ ही कुर्द भाषा को राष्ट्रीय भाषा का दर्जा दिया जाएगा. जिसके बाद से माहौल ठंडा हुआ है.
सीरियाई डेमोक्रेटिक फोर्सेज के नेता मजलूम अबदी ने एक वीडियो में इस समझौते की पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि समझौते के तहत उन्हें रक्का और डेयर-एज-जोर प्रांतों से हटना होगा ताकि खून-खराबा रोका जा सके. अबदी ने कहा कि आने वाले दिनों में वे अपने लोगों को समझौते की पूरी जानकारी देंगे. सीरियाई रक्षा मंत्रालय ने भी घोषणा के बाद फ्रंटलाइन पर लड़ाई रोकने के आदेश दिए हैं.
नए सरकारी नेतृत्व को देश पर पूर्ण नियंत्रण हासिल करने में मुश्किलें आ रही थीं. दिसंबर 2024 में बशर अल-असद को हटाने के बाद सरकार ने सीरियाई डेमोक्रेटिक फोर्सेज को अपने साथ मिलाने का प्रयास किया था, लेकिन दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर समझौते का उल्लंघन करने के आरोप लगाए. अब सरकार ने डेयर-एज-जोर और रक्का प्रांतों में कंट्रोल स्थापित कर लिया है, जो तेल और गैस क्षेत्रों, डैम और सीमा चौकियों के लिए जरूरी हैं.
सीरियाई डेमोक्रेटिक फोर्सेज का अंत
समझौते के मुताबिक, सीरियाई डेमोक्रेटिक फोर्सेज को तुड़वाया जाएगा और उसके सैनिकों को सीरियाई सेना और सुरक्षा बलों में शामिल किया जाएगा. वरिष्ठ अधिकारी और नागरिक कर्मियों को राज्य संस्थानों में उच्च पद दिए जाएंगे. रक्का और डेयर-एज-जोर के प्रांतों, सीमा चौकियों और ऊर्जा क्षेत्रों का कंट्रोल सरकार को सौंपा जाएगा, जबकि कुर्द बहुल हसाका प्रांत में केवल नागरिक प्रशासन सरकार को सौंपा जाएगा.
समझौते के बाद रक्का में लोग सड़कों पर निकल आए और जश्न मनाया. वहीं, कमिशली में कुछ लोग चिंतित थे. कुछ परिवार पहले से ही जा चुके थे और अब अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं. संयुक्त राज्य अमेरिका के दूत टॉम बैरैक ने समझौते की सराहना करते हुए कहा कि यह पूर्व दुश्मनों के बीच साझेदारी और संवाद की दिशा में जरूरी कदम है. समझौते से क्षेत्र में लंबे समय से जारी संघर्ष को खत्म करने की उम्मीद जताई जा रही है.
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2 hours ago
