Last Updated:January 01, 2026, 17:21 IST
First Vande Bharat sleeper train: केन्द्र सरकार के मंत्री कितना तैयार रहते हैं और एक ऐसा दिन जिस दिन खबरों का सूना हो तो उसमें कैसे डिजिटल से लेकर प्रिंट और चैनलस में अपने मंत्रालय को चर्चा में लाया जा सकता है उसका एक उदाहरण आज एक बार फिर देखने को मिला. 31 दिसंबर को रेल मंत्रालय की तरफ से एक मैसेज रिपोटर्स को आया जिसमें बताया गया कि एक जनवरी को मंत्री जी यानी अश्विनी वैष्णव पत्रकारों से मिलेंगे और इसमें आम चर्चा होगी. पर यह मुलाकात आम नहीं थी और मंत्रालय पूरी तरह से तैयार था कि कैसे एक जनवरी को मीडिया को अपने मंत्रालय की खबर दी जाए और ये खबर रेल मंत्रालय की वंदे भारत ट्रेन की स्लीपर क्लास की लॉन्चिंग को लेकर थी. वो भी उस राज्य से जहां पर अगले विधानसभा चुनाव आने वाले हैं.
रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव की फाइल फोटोनई दिल्ली. नए साल के पहले दिन खबरों का सूना होना मीडिया के लिहाज से आम बात है, लेकिन इस बार रेल मंत्रालय ने 1 जनवरी को एक ऐसा प्लान तैयार किया जिसकी मंत्रालय कवर करने वाले रिपोटर्स को कम थी. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उस दिन पत्रकारों से मुलाकात के बहाने न केवल नए साल की शुभकामनाएं दीं, बल्कि वंदे भारत ट्रेनों के स्लीपर कोच की लॉन्चिंग का बड़ा ऐलान करके चर्चा का केंद्र बन गए.
31 दिसंबर की शाम जब पत्रकारों को मंत्रालय की ओर से संदेश मिला कि 1 जनवरी को रेल मंत्री से सामान्य मुलाकात होगी तो यह मुलाकात एक औपचारिक नए साल की बधाई या मंत्रालय के कॉमन ब्रीफिंग जैसी ही मानी गई, लेकिन रेल भवन के तीसरी मंजिल पर स्थित साकेत हॉल में जैसे ही रिपोटर्स एंट्री करते गए तो माहौल साफ संकेत दे रहा था कि तैयारी साधारण नहीं है मीडिया डेस्क सक्रिय, डिसप्ले स्क्रीन पर वंदे भारत ट्रेन और उस हॉल में अधिकारियों की फाइलों के साथ मौजूदगी.
बंगाल चुनाव से पहले स्लीपर ट्रेन का ऐलान
जैसे ही मंत्री हॉल में आए पत्रकारों ने नए साल का अभिवादन किया. इसके तुरंत बाद वैष्णव ने घोषणा कि वंदे भारत की स्लीपर कोच जनवरी के तीसरे हफ्ते से शुरू होने जा रही है और पहली ट्रेन पश्चिम बंगाल से चलेगी. यह घोषणा उसी राज्य से जुड़ी थी जहां अगले विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं यानी पश्चिम बंगाल. कोलकाता से गुवाहाटी के बीच यह वंदे भारत ट्रेन चलेगी और उत्तर-पूर्व और बंगाल को जोड़ने वाला हाई-इम्पैक्ट कॉरिडोर, जिससे राजनीतिक हलकों में इसकी टाइमिंग को विशेष महत्व दिया जा रहा है.
कम किराया कम और रूट रणनीतिक: वंदे भारत स्लीपर की घोषणा करते हुए मंत्री ने यह भी बताया कि किराया आम आदमी की पहुंच में रखा गया है.
– कोलकाता-गुवाहाटी थर्ड एसी: लगभग ₹2300 – सेकंड एसी: लगभग ₹3000 – फर्स्ट एसी: लगभग ₹3600इसका मतलब है कि वंदे भारत ब्रांड को हाई-एंड प्रीमियम से किफायती प्रीमियम की तरफ बढ़ाने का संकेत है. यह कदम रेलवे के बड़े लक्ष्य ट्रेवल को गुणवत्ता के साथ आम आदमी की पहुंच तक लाना है. इस फैसले से वंदे भारत की छवि केवल चेयरकार तक नहीं रह जाएगी बल्कि लंबी दूरी के रूट्स पर भी एक नया विकल्प बनकर उभरेगी.
मीडिया में प्रमुखता से चली खबर
जैसे ही घोषणा हुई तो न्यूज चैनलों से लेकर डिजिटल मीडिया ने वंदे भारत स्लीपर की शुरुआत को तुरंत ब्रेकिंग के तौर पर चलाया. डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने किराया, रूट और लॉन्च की तारीख को प्राथमिकता के साथ पुश अलर्ट में डाला. वहीं प्रिंट मीडिया भले अगले दिन छपे, लेकिन ऐलान की टाइमिंग ऐसी थी कि डे-एंड न्यूज साइकिल में यह खबर आसानी से प्रमुखता पा गई.
बंगाल की सड़क पर ट्रेन की एंट्री?
चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल में कोलकात-गुवाहाटी रूट से शुरुआत को राजनीतिक तौर पर भी अहम संकेत माना जा रहा है. पूर्वोत्तर के लिए यह रूट एक भावनात्मक और आर्थिक कड़ी है यानी विकास और कनेक्टिविटी का कॉम्बिनेशन, जिसे चुनावी समय में अहम माना जाता है.
Location :
Delhi,Delhi,Delhi
First Published :
January 01, 2026, 17:21 IST

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