मुफ्त की XUV700 लेना पड़ा भारी! ज्वेलर्स के लकी ड्रॉ के चक्कर में नप गईं IAS अफसर, आखिर गलती क्या थी?

1 hour ago

Last Updated:February 28, 2026, 22:08 IST

क्या कभी इनाम जीतना किसी के लिए आफत बन सकता है? महाराष्ट्र के गोंडिया में एक महिला अधिकारी को लकी ड्रॉ में लग्जरी कार XUV700 जीतना बहुत भारी पड़ गया. एक नामी ज्वेलर्स से बिना सरकारी अनुमति के यह इनाम स्वीकार करन पर राज्य सरकार ने सख्त एक्शन लेते हुए असिस्टेंट चैरिटी कमिश्नर दिशा पजाई को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है.

मुफ्त की XUV700 लेना पड़ा भारी, लकी ड्रॉ के चक्कर में नप गईं IAS अफसरZoom

लकी ड्रॉ से कार जीतना आईएएस अधिकारी को पड़ा महंगा, नौकरी से सस्पेंड. (सोशल मीडिया)

किसी की लॉटरी लगे और वह उसके लिए गले की फांस बन जाए, ऐसा सुना है? नहीं न… महाराष्ट्र के गोंडिया में ठीक ऐसा ही एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक महिला अधिकारी को लकी ड्रॉ में चमचमाती लग्जरी एसयूवी (XUV700) जीतना इतना भारी पड़ गया कि उन्हें अपनी कुर्सी ही गंवानी पड़ी. सरकार की पूर्व अनुमति के बिना ज्वेलर्स के लकी ड्रॉ में भाग लेने और चार पहिया वाहन स्वीकार करने के आरोप में गोंडिया की सहायक चैरिटी कमिश्नर (प्रोबेशनरी) दिशा केशवराव पजाई को निलंबित कर दिया गया है.

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, नागपुर के एक नामी ज्वैलर ने सोने की खरीद पर ग्राहकों के लिए एक शानदार ‘लकी ड्रॉ’ योजना का आयोजन किया था. इस योजना में गोंडिया की ट्रेनी असिस्टेंट चैरिटी कमिश्नर दिशा पजाई ने भी हिस्सा लिया. किस्मत ने उनका साथ दिया और लकी ड्रॉ में उन्होंने एक लग्जरी चार पहिया वाहन (XUV700) जीत लिया. इसके बाद, गोंडिया में ज्वैलर के एक नए प्रतिष्ठान के उद्घाटन के मौके पर उन्होंने मंच से शान से यह कार स्वीकार भी कर ली. लेकिन, एक सरकारी अधिकारी होने के नाते उन्होंने इसके लिए प्रशासन से कोई पूर्व अनुमति नहीं ली थी, जो कि सिविल सेवा आचरण नियमों का खुला उल्लंघन है.

सरकार ने चलाया निलंबन का हंटर

जैसे ही यह मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा, राज्य के प्रधान सचिव और कानूनी सलाहकार दिलीप शिवाजीराव घुमरे ने सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई का चाबुक चलाया. दिशा पजाई को महाराष्ट्र सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1971 के नियम 12, 13 और 19 का उल्लंघन करने का सीधा दोषी माना गया. इसके बाद, महाराष्ट्र सरकार के सिविल सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1979 के नियम 4 (1) के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय गोंडिया ही तय किया गया है और सख्त आदेश दिया गया है कि वे बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकतीं.

जनता के भरोसे के साथ धोखा

इस पूरे मामले का भंडाफोड़ करने वाले और शिकायतकर्ता यशवंत मानकर ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. मानकर ने कहा कि एक लोक सेवक द्वारा इस तरह किसी व्यावसायिक संस्थान से इतना महंगा उपहार स्वीकार करना जनता के साथ स्पष्ट रूप से विश्वासघात है. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सरकारी अधिकारी इस तरह खुलेआम संस्थानों से कार और इनाम लेंगे, तो प्रशासन पर जनता का भरोसा कैसे कायम रहेगा? मानकर ने इस पूरे प्रकरण की एक विस्तृत और गहन जांच की मांग की है, ताकि यह पता चल सके कि इसके पीछे कोई और भ्रष्टाचार या कदाचार तो नहीं है.

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Deep Raj Deepak

दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व...और पढ़ें

Location :

Nagpur,Maharashtra

First Published :

February 28, 2026, 22:08 IST

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