Last Updated:February 20, 2026, 14:09 IST
फिलहाल 12 विषयों पर आधारित इस प्रशिक्षण के लिए 35 जीविका दीदियों का चयन किया गया है. यह प्रशिक्षण बैचवार सभी प्रखंडों में आयोजित किया जाएगा. इसकी शुरुआत बेगूसराय जिले के सदर प्रखंड से की गई है और आने वाले समय में इसे अन्य प्रखंडों में भी लागू करने की योजना है.

बेगूसराय: अब तक ग्रेजुएशन का नाम स्कूल, कॉलेज या किसी शिक्षा बोर्ड से ही जुड़ा रहा है, लेकिन बिहार के बेगूसराय जिले में एक नई और अनोखी पहल शुरू की गई है. यहां जीविका से जुड़ी महिलाएं अब जीविका के माध्यम से ही ‘ग्रेजुएशन’ कर रही हैं. जिले में शुरू किए गए इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत चयनित जीविका दीदियों को कई अहम विषयों पर व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें और अपने स्वयं सहायता समूहों का बेहतर संचालन कर सकें. इस विशेष प्रशिक्षण को ‘ग्रेजुएशन कोर्स’ नाम दिया गया है.
12 विषयों की हो रही पढ़ाई
ग्रेजुएशन प्रशिक्षण में शामिल जीविका दीदी नीतू कुमारी ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत वे 12 अलग-अलग विषयों की पढ़ाई कर रही हैं. इन विषयों से संबंधित प्रश्न भी पूछे जाते हैं, जिनका सही जवाब देना जरूरी होता है. वहीं उषा देवी ने कहा कि प्रशिक्षण में स्वयं सहायता समूह से जुड़ने की प्रक्रिया, आय बढ़ाने के उपाय, स्वच्छता, सामाजिक जिम्मेदारियां और सामुदायिक नेतृत्व जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जा रही हैं. प्रशिक्षण पूरा करने के बाद प्रतिभागियों को जीविका की ओर से ग्रेजुएशन सर्टिफिकेट दिया जाएगा, जिससे उनकी पहचान और क्षमता दोनों को मजबूती मिलेगी.
35 महिलाओं का हुआ चयन
जीविका की जिला कोऑर्डिनेटर रिया ने बताया कि फिलहाल 12 विषयों पर आधारित इस प्रशिक्षण के लिए 35 जीविका दीदियों का चयन किया गया है. यह प्रशिक्षण बैचवार सभी प्रखंडों में आयोजित किया जाएगा. इसकी शुरुआत बेगूसराय जिले के सदर प्रखंड से की गई है और आने वाले समय में इसे अन्य प्रखंडों में भी लागू करने की योजना है. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों से विभिन्न आयामों से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं और सभी मानकों पर खरा उतरना अनिवार्य होता है.
कमाई, संपत्ति और जीवन स्तर पर विशेष फोकस
इस ग्रेजुएशन प्रक्रिया में केवल सैद्धांतिक पढ़ाई ही नहीं, बल्कि महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. इसमें यह शर्त रखी गई है कि जीविका दीदियों की मासिक आय 8 हजार रुपये से अधिक होनी चाहिए. इसके साथ ही जीविका से मिली सहायता में कम से कम डेढ़ गुना वृद्धि होनी जरूरी है. संपत्ति, आवास की स्थिति, बीमा कवरेज, स्वच्छता और सामाजिक स्थिति जैसे कई मानकों पर भी उन्हें सफल होना होता है.
जीविका के माध्यम से ग्रेजुएशन का मॉडल
इस पहल को महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. यदि यह प्रयोग सफल साबित होता है, तो भविष्य में बिहार के अन्य जिलों में भी जीविका के माध्यम से ग्रेजुएशन का यह मॉडल लागू किया जा सकता है, जिससे हजारों महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा.
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न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क...और पढ़ें
Location :
Begusarai,Bihar
First Published :
February 20, 2026, 14:09 IST

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