Last Updated:January 29, 2026, 12:46 IST
भारत का एलसीएच प्रचंड हेलीकॉप्टर दुनिया का एक सबसे बेहतरीन लड़ाकू उड़न खटोला है.LCH Prachand and US apache and chinese z10: यह सच्चाई है कि फाइटर जेट की रेस में भारत, चीन से पिछड़ चुका है. भारत का अपना फाइटर जेट प्रोग्राम उस रफ्तार से नहीं चल पाया जैसी उम्मीद की गई थी. आज चीन की सेना पांचवीं पीढ़ी का फाइटर जेट उड़ा रही है. ड्रैगन छठी पीढ़ी की ओर बढ़ रहा है, जबकि भारत अभी 4 से 4.5 पीढ़ी पर ही अटका हुआ है. खैर, हम आज की रिपोर्ट में फाइटर जेट की बात नहीं कर रहे हैं. भारत ने उड़न खटोले के क्षेत्र में बड़ा धमाका किया है. हमने अपना फिफ्थ जेन फाइटर हेलीकॉप्टर बनाया है. यह एक ऐसा लड़ाकू उड़न खटोला है जो कई मानकों पर चीन क्या सीधे अमेरिका को टक्कर देता है.
जी हां, हम बात कर रहे हैं भारतीय लड़ाकू हेलीकॉप्टर प्रचंड की. इस हेलीकॉप्टर को हिमालय का राजा कहा जाता है. यह 5.8 टन का एक हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर है. इसे खासतौर पर ऊंचाई वाले इलाकों के लिए ही बनाया गया है. यह दुनिया का इकलौता हेलीकॉप्टर है जो पांच हजार मीटर यानी 16,400 फीट की ऊंचाई पर हथियारों के साथ टेकऑफ और लैंडिंग कर सकता है. यानी यह हेलीकॉप्टर लद्दाख, सियाचिन या फिर अरुणाचल प्रदेश की भौगोलिक स्थिति में बेहद कारगर है. इसकी अधिकतम स्पीड 280 किमी है. इसका ऑपरेशनल रेंज 550 से 700 किमी है. इसकी अधिकतम ऊंचाई 6,500 मीटर (21,300 फीट) है. इस हेलीकॉप्टर की क्लाइंब रेट 12 मीटर प्रति सेकेंड है.
हथियार और वेपन सिस्टम
प्रचंड हेलीकॉप्टर में में टैंडेम-सीट ग्लास कॉकपिट और मॉड्यूलर वेपन सूट है. इसके नोट पर लगा 20mm M621 टरेट गन गला है , जो 800 राउंड प्रति मिनट फायर करता है. इसके रॉकेट के लिए चार पॉड्स हैं, जिससे लेजर लेजर-गाइडेड रॉकेट फायर किए जा सकते हैं. इसकी रेंज 8 किमी तक प्रिसिजन स्ट्राइक है. इसमें चार मिसाइलें लगी हैं. जनवरी 2026 तक रक्षा मंत्रालय ने इसके लिए 62,700 करोड़ रुपये के ऑर्डर को अप्रूव कर दिया था. इसकी डिलीवरी 2027-28 से शुरू होगी.
चीन के Z-10 से तुलना
प्रचंड को टक्कर देने के लिए चीन के पास Z-10 हेलीकॉप्टर है. लेकिन तिब्बत/लद्दाख जैसी ऊंचाई वाले जगहों में यह प्रचंड की तरह प्रभावी नहीं है. हालांकि चीन ने नए WZ-16 के इंजन से सुधार किया है. पाकिस्तान के पास चीन Z-10ME हेलीकॉप्टर है. स्टील्थ के मामले में प्रचंड का फ्यूजलेज नैरो और ज्यादा स्टील्थ प्रोफाइलिंग वाला है. इसका राडार क्रॉस सेक्शन (RCS) काफी कम है. इस कारण दुश्मन के लिए इसको डिटेक्ट करना चुनौतीपूर्ण है. वहीं Z-10 एक बड़ा हेलीकॉप्टर है, उसे डिटेक्ट करना आसान है. Z-10 ज्यादा मिसाइल्स (16 एंटी-टैंक मिसाइलें) कैरी कर सकता है, लेकिन प्रचंड 4-8 मिसाइलें ले जाता. लेकिन हिमालयी क्षेत्रों में प्रचंड राजा है. प्रचंड 15,000+ फीट पर ऑपरेट कर सकता है. लेकिन, Z-10 के लिए ऐसा करना मुश्किल है.
ग्लोबल लेवल पर कहां है प्रचंड
ग्लोबल लेवल पर एलसीएच प्रचंड मुख्य रूप से लाइट-मीडियम अटैक हेलीकॉप्टर श्रेणी में कंपीट करता है. इसकी तुलना अमेरिकी हैवीवेट हेलीकॉप्टर अपाचे से की जाती है. अपाचे दुनिया का नामी हेलीकॉप्टर है. इसकी मारक क्षमता शानदार है. वह एक तरह का दैत्य है जो अपने साथ कम से कम 16 हेलफायर मिसाइलें ले जाता है. लेकिन, कीमत के मामले में हमारे प्रचंड से करीब-करीब दोगुना महंगा है. प्रचंड की कीमत करीब पांच करोड़ डॉलर है जबकि अपाचे की कीमत 10 करोड़ डॉलर के आसपास है. इसके अलावा कई अन्य हेलीकॉप्टर भी इस रेस में शामिल हैं लेकिन जब सियाचिन ग्लेशियर जैसे ऊंचाई वाले इलाकों की बात आती है तो प्रचंड के आगे करीब-करीब सभी का दम फूल जाता है. इस मामले में प्रचंड वाकई प्रचंड है. वह सब पर भारी है.
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न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स...और पढ़ें
First Published :
January 29, 2026, 12:46 IST

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