Last Updated:February 10, 2026, 17:51 IST
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ऐसे मुहावरे का इस्तेमाल कर लिया, जिस पर BJP नाराज हो गई. विधानसभा में सीएम का विरोध किया, माफी और इस्तीफे की मांग की. सत्ता पक्ष ने इसे सिर्फ मुहावरा बताया, सदन में हंगामा हुआ.

श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर विधानसभा में मंगलवार को एक मुहावरे पर बवाल हो गया. बीजेपी विधायकों का आरोप है कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने उनके लिए कुछ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जो स्वीकार नहीं किए जा सकते. इस एक शब्द ने सदन में ऐसा तूफान खड़ा किया कि बीजेपी सदस्यों ने न केवल वेल में आकर प्रदर्शन किया, बल्कि मुख्यमंत्री के माफीनामे और इस्तीफे की मांग तक कर डाली.
दरअसल, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर अपनी बात रख रहे थे. बता रहे थे कि अगर वहां से सेब, बादाम, अखरोट आने लगे तो जम्मू कश्मीर के किसानों को नुकसान होगा. यह डील किसी भी फल उत्पादक को फायदा नहीं पहुंचाएगी. यह समझौता हमारे हितों का सौदा है. इस पर भाजपा विधायक सुनील शर्मा ने मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर कड़ा एतराज जताया. इसके बाद सदन में दोबारा हंगामा शुरू हो गया और दोनों पक्षों के सदस्य नारेबाजी व आरोप-प्रत्यारोप में उलझ गए.
मुख्यमंत्री ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, मेरे भाषण के दौरान भाजपा सदस्य केवल मोदी जी का नाम लेकर शोर मचा रहे हैं. लगता है हमारी बातों से वे परेशान हो गए हैं. इसी दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हस्तक्षेप किया और बीजेपी विधायकों की ओर इशारा करते हुए एक बेहद तीखी टिप्पणी कर दी. उमर अब्दुल्ला ने बीजेपी सदस्यों से कहा, ‘आपको जू… पड़ेंगे गृह मंत्री (HM) साहब से, आपके पिछले भाषणों पर जो आपने इस सदन में दिए थे.’ मुख्यमंत्री का इशारा इस ओर था कि बीजेपी विधायकों ने सदन में जो कुछ कहा, उससे केंद्रीय नेतृत्व नाराज है और उन्हें इसके लिए फटकार पड़ी है. लेकिन उन्होंने जिस शब्द का इस्तेमाल किया, उससे बीजेपी विधायक बिफर पड़े.
सदन में माफी मांगे के नारों की गूंज
मुख्यमंत्री के मुंह से यह शब्द निकलते ही बीजेपी विधायक अपनी सीटों से खड़े हो गए और सदन के बीचों-बीच पहुंच गए. बीजेपी सदस्यों ने माफी मांगो, माफी मांगो और मुख्यमंत्री इस्तीफा दो… के जबरदस्त नारे लगाए. बीजेपी का आरोप है कि एक मुख्यमंत्री के पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह की असंसदीय और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. विधायकों ने कहा कि यह न केवल उनका अपमान है, बल्कि जम्मू-कश्मीर की जनता का भी अपमान है. बीजेपी नेताओं ने साफ कर दिया कि जब तक उमर अब्दुल्ला अपने शब्द वापस नहीं लेते और माफी नहीं मांगते, सदन की कार्यवाही नहीं चलने दी जाएगी.
सत्ता पक्ष की सफाई- यह केवल एक मुहावरा था
हंगामे के बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस और सत्ता पक्ष के अन्य सदस्यों ने उमर अब्दुल्ला का बचाव करने की कोशिश की. सत्ता पक्ष की ओर से तर्क दिया गया कि मुख्यमंत्री ने इसे एक ‘मुहावरे’ के तौर पर इस्तेमाल किया था, जिसका अर्थ ‘फटकार पड़ना’ होता है, न कि शारीरिक हिंसा. हालांकि, बीजेपी विधायक इस दलील को मानने को तैयार नहीं हुए और सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी.
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Location :
Jammu and Kashmir
First Published :
February 10, 2026, 17:51 IST

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