‘जिन, जियान, आजादी’ से फिर गूंजने लगा ईरान, क्या है इस नारे का मतलब,जिससे दहशत में आया खलीफा?

2 hours ago

Jin, Jian, Azadi Slogan Meaning: भयंकर महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी और उत्पीड़न के खिलाफ उभरे जनांदोलन को ईरान की खामेनेई सरकार ने फिलहाल भले ही दबा दिया हो. लेकिन अंदरखाने इसकी चिंगारी अब भी सुलग रही हैं. लोग अब किसी भी हाल में खामेनेई सरकार से आजादी हासिल कर लेना चाहते हैं. इसकी अगुवाई वहां की महिलाएं कर रही हैं. इसके लिए वे 'जिन, जियान, आजादी' का नारा बुलंद कर रही हैं. जिसका का मतलब है, 'औरत, जीवन और आजादी'.

लोगों को रोटी के पड़ रहे लाले

असल में ईरान इन दिनों बढ़ती महंगाई, ढहती अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय अलगाव से जूझ रहा है. वहां पर एक डॉलर की कीमत 15 लाख ईरान रियाल हो गई है. जिसकी वजह से ईरानी सरकार चाहकर भी दूसरे देशों से कुछ मंगा नहीं पा रही है. इसके चलते लोगों को रोटी और इलाज के लाले पड़ गए हैं. बड़े पैमाने पर पसरी इस आर्थिक निराशा ने लोगों को बगावत के लिए मजबूर कर दिया है. उस खामेनेई के खिलाफ, जो इस तरह के विरोध को क्रूर तरीके से कुचलने के लिए जाने जाते हैं.

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इस बार भी उनकी हुकूमत ने दमन का वही पुराना तरीका अपनाया है. करीब 12 हजार लोग अब तक मारे जा चुके हैं और करीब 18-22 हजार प्रदर्शनकारियों को विभिन्न जेलों में ठूंसा गया है. जिन पर फांसी की तलवार लटक रही है. इन सबके बावजूद ईरान की औरतें अब डर कर घर बैठने को तैयार नहीं है. 

महिलाओं ने बुलंद किया 'जिन, जियान, आजादी' का नारा

उनका कहना है कि उनके पास अब खोने को कुछ नहीं है. आसमान छू चुकी महंगाई उन्हें रोज तिल-तिल मार रही है. इससे बेहतर है कि सरकार का विरोध करते हुए उसकी गोली से एकदम मर जाएं. 

A brave woman at Tehran’s Mehrabad Airport confronted a cleric harassing her for not wearing a hijab. In a bold act of defiance, she removed his turban and wore it like a scarf, turning oppression into resistance.

For years, clerics have claimed their turbans and robes are… pic.twitter.com/Mdj1c0b3Vo

— Masih Alinejad  (@AlinejadMasih) January 6, 2025

महिलाएं इस मौके का इस्तेमाल कट्टरपंथी शासन से खुद की आजादी पाने के लिए भी कर रही हैं. इसीलिए 'जिन, जियान, आजादी' का नारा ईरानी औरतों के सिर चढ़कर बोल रहा है. यह नारा ईरान के उत्तरी इलाकों में बसी कुर्द आबादी से आया है. जो अपने उदार विचारों और सभ्य जीवनशैली के लिए चर्चित रहा है. वहां से निकली यह लौ अब पूरे ईरान में फैल गई है. 

लगातार उत्पीड़न से चाहती हैं आजादी

महिलाएं अब किसी हाल भी हाल में इस्लामी शासन से निजात पाना चाहती हैं. उनकी नाराजगी इस बात से भी बढ़ी है कि सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं को जैसे इंजीनियरिंग, शिक्षा और काउंसलिंग से वंचित करने का अभियान चला रहा है. विरोध करने वाले छात्र-छात्राओं को पीटना, उन्हें कॉलेज से निकाल देना. ये सब उत्पीड़न वे रोजमर्रा की जिंदगी में लगातार देखती आ रही हैं. जिससे अब उनके सब्र का पैमाना पूरी तरह छलक गया है और अब वे इस बंधन से पूरी तरह आजादी चाहती हैं.

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