Last Updated:January 30, 2026, 12:02 IST
Hamid Ansari: पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने एक बार फिर से अपने बयानों से विवाद पैदा कर दिया है. उन्होंने कहा कि गजनी या लोदी हिन्दुस्तानी लुटेरे थे. वे विदेशी नहीं थे. बता दें कि गजनी ने ही भारत पर आक्रमण कर सोमनाथ मंदिर को तोड़ा था. अब अंसारी के इस बयान पर सियासी तूफान खड़ा हो गया है. बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है.
Hamid Ansari: पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने गजनी और लोदी को हिन्दुस्तानी लुटेरा बताया है. (फाइल फोटो/PTI)Hamid Ansari: देश के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने एक बार फिर से विवादित बयान देकर खलबली मचा दी है. उन्होंने कहा कि गजनी और लोदी हिन्दुस्तानी लुटेरे थे. हामिद अंसारी ने कहा कि अपनी किताबों में लोग छपवाते हैं कि कोई लोदी है तो कोई गजनी है…ये सब हिन्दुस्तानी लुटेरे थे. ये बाहर से नहीं आए थे. पूर्व उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि राजनीतिक सुविधा को ध्यान में रखते हुए लोग कहते हैं कि उन्होंने ये तोड़ दिया और वो तोड़ दिया. सब हिन्दुस्तानी थे. बीजेपी ने हामिद अंसारी के बयान पर करारा पलटवार किया है. भाजपा ने पूर्व उपराष्ट्रपति के बयान पर कहा कि शरजील इमाम और उमर खालिद को युवा नेता बताने के बाद हामिद अंसारी ने अब सोमनाथ मंदिर को तोड़ने वाले गजनी की तारीफ की है.
अब भाजपा ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के मध्यकालीन शासकों महमूद गजनवी और लोदी वंश को लेकर दिए गए बयान पर कांग्रेस और तथाकथित कांग्रेस इकोसिस्टम पर तीखा हमला बोला है. भाजपा ने आरोप लगाया कि विपक्ष इतिहास को नए राजनीतिक नजरिये से पेश कर रहा है और हिंदू धार्मिक प्रतीकों पर हुए हमलों को कमतर दिखाने की कोशिश कर रहा है. भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि अंसारी की टिप्पणी कोई अलग घटना नहीं है, बल्कि यह उस पैटर्न का हिस्सा है, जिसमें कांग्रेस से जुड़े लोग बार-बार भारत के मध्यकालीन इतिहास को साफ-सुथरा दिखाने का प्रयास करते हैं. उन्होंने कहा, ‘शरजील इमाम और उमर खालिद को युवा नेता बताने के बाद अब कांग्रेस इकोसिस्टम और हामिद अंसारी महमूद गजनवी जैसे शासक का महिमामंडन कर रहे हैं, जिसने सोमनाथ मंदिर को नष्ट और अपवित्र किया था.’
After calling Sharjeel and Umar Khalid as Yuva
Now CONGRESS ECOSYSTEM AND Hamid Ansari eulogise Ghazni who destroyed & desecrated Somnath Mandir
Congress ecosystem eulogises Mahmud of Ghazni…they oppose Somnath Swabhiman Parv.. they whitewash crimes of Aurangzeb and those… pic.twitter.com/YUeXxI4Jrs
— Shehzad Jai Hind (Modi Ka Parivar) (@Shehzad_Ind) January 30, 2026
गजनी-लोदी विदेशी नहीं – हामिद अंसारी
पूनावाला ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार मध्यकालीन इतिहास की अपने अनुसार फिर से व्याख्या कर समकालीन राजनीतिक एजेंडे के तहत कर रही है. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस इकोसिस्टम गजनवी का गुणगान करता है, सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का विरोध करता है और औरंगजेब जैसे शासकों द्वारा हिंदुओं पर किए गए अत्याचारों को सफेदपोश बनाता है.’ भाजपा की प्रतिक्रिया हाल ही में अंसारी की उस टिप्पणी के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि लोदी और गजनवी भारतीय लुटेरे थे, वे बाहर से नहीं आए थे. उन्हें विदेशी कहना राजनीतिक रूप से सुविधाजनक हो सकता है, लेकिन वे विदेशी नहीं थे.’
क्या कहता है इतिहास?
इतिहासकारों के अनुसार, महमूद गजनवी गजनवी साम्राज्य का शासक था, जिसका केंद्र वर्तमान अफगानिस्तान में था. उसने 10वीं और 11वीं शताब्दी के बीच भारतीय उपमहाद्वीप में कई सैन्य अभियानों का नेतृत्व किया, जिन्हें व्यापक रूप से लूट और विस्तार के उद्देश्य से किए गए आक्रमण माना जाता है. समकालीन स्रोतों में कई मंदिरों के विध्वंस का उल्लेख मिलता है, जिनमें गुजरात का सोमनाथ मंदिर प्रमुख है. गजनवी ने भारत में स्थायी शासन स्थापित नहीं किया और उसका राजनीतिक आधार उपमहाद्वीप के बाहर ही रहा. वहीं, लोदी वंश 1451 से 1526 तक दिल्ली सल्तनत का अंतिम शासक रहा. इसकी स्थापना बहलोल लोदी ने की थी और इसके शासक अफगान मूल के माने जाते हैं. हालांकि, लोदी शासकों ने लंबे समय तक उत्तर भारत के बड़े हिस्से पर शासन किया और प्रशासनिक ढांचे में गहराई से शामिल हुए, लेकिन इतिहासकार आमतौर पर उन्हें विदेशी मूल के शासक मानते हैं जिन्होंने विजय के जरिए सत्ता स्थापित की.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु...और पढ़ें
Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
January 30, 2026, 11:32 IST

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