Honey production : भरतपुर में मधुमक्खी पालन अब किसानों के लिए अतिरिक्त नहीं बल्कि मुख्य आय का जरिया बन चुका है. कम लागत और बेहतर मुनाफे के चलते शहद उत्पादन ने पारंपरिक खेती का विकल्प पेश किया है. 1997 से शुरू हुआ यह प्रयास आज हजारों लोगों को रोजगार दे रहा है. ‘एक जिला एक उपज’ योजना के तहत शहद को पहचान मिलने के साथ अब भरतपुर में अत्याधुनिक मधुमक्खी पालन उत्कृष्टता केंद्र भी स्थापित किया जा रहा है, जिससे किसानों की आय और ब्रांड वैल्यू दोनों बढ़ेंगी.
खेती से ज्यादा शहद में होगी मोटी कमाई! भरतपुर बना बी-कीपिंग हब, हजारों किसानों की बदली किस्मत
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