Last Updated:January 23, 2026, 17:12 IST
India EU Trade Deal: गणतंत्र दिवस परेड में यूरोपीय संघ (EU) की भागीदारी ने खालिस्तानी गुटों और ISI की नींद उड़ा दी है. चार EU ध्वजवाहकों का कर्तव्य पथ पर मार्च करना भारत की संप्रभुता को वैश्विक समर्थन का प्रतीक है. NIA द्वारा 2025 में बेनकाब किए गए आतंकी मॉड्यूल्स के बाद यूरोप अब भारत के साथ खड़ा है. यह कूटनीतिक जीत न केवल अलगाववाद पर चोट है बल्कि ऐतिहासिक व्यापार समझौते (FTA) की दिशा में बड़ा कदम भी है.
गणतंत्र दिवस पर ईयू भारत का मेहमान है. नई दिल्ली. कर्तव्य पथ पर जब यूरोपीय संघ (EU) के झंडे लहराएंगे और विदेशी मेहमानों की धमक सुनाई देगी तो इसकी गूंज केवल दिल्ली में ही नहीं बल्कि सात समंदर पार बैठे भारत विरोधियों के खेमों में भी सुनाई देगी. गणतंत्र दिवस 2026 की परेड इस बार सिर्फ एक शक्ति प्रदर्शन नहीं बल्कि खालिस्तानी एजेंडे और पाकिस्तान की ISI के ताबूत में आखिरी कील साबित होने वाली है. परेड में EU नेताओं—एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन की मौजूदगी ने उन ताकतों की नींद उड़ा दी है जो यूरोप की धरती से भारत के खिलाफ नफरत की खेती करते थे.
ISI और खालिस्तानियों में खौफ क्यों?
खुफिया सूत्रों के अनुसार गणतंत्र दिवस पर EU की भागीदारी ने अलगाववादी समूहों को हिलाकर रख दिया है. परेड में दो जिप्सी वाहनों पर सवार चार EU ध्वजवाहक भारतीय संप्रभुता को अंतरराष्ट्रीय समर्थन देंगे. यह केवल एक प्रोटोकॉल नहीं है बल्कि एक कड़ा संदेश है. यूरोप अब खालिस्तानी नेरेटिव के बजाय भारत के साथ सामरिक संबंधों को प्राथमिकता दे रहा है. ज़ाग्रेब में भारतीय दूतावास पर हुए हालिया हमले के बाद भारतीय एजेंसियों ने विदेशी फंडिंग और हवाला चैनलों के सबूत साझा किए हैं जिससे यूरोपीय देश अब इन समूहों को अपनी आंतरिक सुरक्षा के लिए भी खतरा मानने लगे हैं.
NIA की कार्रवाई और 2025 के बड़े खुलासे
NIA ने 2025 में कई ऐसे मामलों की चार्जशीट दाखिल की है जिन्होंने खालिस्तानी मॉड्यूल और पाकिस्तान के कनेक्शन को बेनकाब कर दिया है:
· अप्रैल 2025: जालंधर में पंजाब के पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया के घर पर ग्रेनेड हमला.
· जुलाई 2025: नीमराना हेरिटेज होटल के बाहर फायरिंग; गोल्डी बराड़ और अर्श डल्ला से जुड़े 1200 पन्नों की चार्जशीट.
· मार्च 2025: अमृतसर मंदिर ग्रेनेड हमला.
महत्वपूर्ण सवाल
Q1. गणतंत्र दिवस पर EU की उपस्थिति का क्या महत्व है?
यह भारत की वैश्विक साख और संप्रभुता पर यूरोप के अटूट विश्वास को दर्शाता है. यह अलगाववादी ताकतों के लिए एक बड़ा कूटनीतिक झटका है.
Q2. FTA या ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ क्या है?
यह भारत और EU के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता है, जो 200 करोड़ लोगों का बाजार तैयार करेगा और वैश्विक GDP का 25% हिस्सा कवर करेगा.
Q3. खालिस्तानी समूहों पर इसका क्या असर होगा?
यूरोप अब इन समूहों की फंडिंग और भर्ती नेटवर्क पर नकेल कसने के लिए भारत के साथ सुरक्षा और साइबर सुरक्षा पर सहयोग कर रहा है.
कूटनीति की नई बिसात
यह परेड भारत की बदलती विदेश नीति का प्रतीक है. जब उर्सुला वॉन डेर लेयेन दावोस में इसे ऐतिहासिक क्षण कहती हैं तो वह केवल व्यापार की बात नहीं कर रही होतीं बल्कि एक ऐसी सुरक्षा साझेदारी की बात कर रही होती हैं जहां भारत के दुश्मनों को अब यूरोप में पनाह नहीं मिलेगी. NIA की 2025 की चार्जशीट ने साबित किया है कि आतंक की डोर कनाडा और ब्रिटेन से जुड़ी है. ऐसे में EU का भारत के साथ कदम से कदम मिलाकर मार्च करना, आतंकवाद के खिलाफ एक ‘ग्लोबल शील्ड’ तैयार करने जैसा है.
About the Author
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और...और पढ़ें
First Published :
January 23, 2026, 17:11 IST

1 hour ago
