प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मानव इतिहास का बड़ा बदलाव बताया है. उन्होंने कहा कि हर कुछ शताब्दियों में एक ऐसा दौर आता है जो सभ्यता की दिशा बदल देता है. आज एआई वही भूमिका निभा रहा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि जब पत्थरों से पहली बार चिंगारी निकली थी, तब किसी ने नहीं सोचा था कि वही सभ्यता की नींव बनेगी. जब भाषा को लिपि में बदला गया, तब लोगों को अंदाजा नहीं था कि लिखित ज्ञान भविष्य की व्यवस्था की रीढ़ बनेगा. उन्होंने कहा कि जब पहली बार वायरलेस सिग्नल भेजे गए, तब किसी ने नहीं सोचा था कि पूरी दुनिया एक दिन रियल टाइम में जुड़ जाएगी. उसी तरह आज एआई का असली प्रभाव हमें पूरी तरह समझ नहीं आ रहा है. प्रधानमंत्री के मुताबिक, एआई सिर्फ मशीनों को स्मार्ट नहीं बना रही है. यह इंसानों की क्षमता को कई गुना बढ़ा रही है. फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार बदलाव की रफ्तार बहुत तेज है और इसका दायरा भी बहुत बड़ा है. उन्होंने कहा कि पहले किसी नई तकनीक का असर दिखने में दशकों लग जाते थे. लेकिन अब बदलाव तेजी से हो रहा है. मशीन लर्निंग से लर्निंग मशीन तक का सफर गहरा और व्यापक है.
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