केरल में हाई कोर्ट से किस खेती पर रोक लगाने की गुहार लगाई गयी?

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केरल में हाई कोर्ट से किस खेती पर रोक लगाने की गुहार लगाई गयी?

Last Updated:February 19, 2026, 13:36 IST

केरल उच्च न्यायालय ने अथिरप्पिल्ली में अनानास की खेती पर रोक का संज्ञान लिया, एंजेल्स नायर की याचिका पर केरल प्लांटेशन कॉर्पोरेशन और वन विभाग से जवाब मांगा गया है.

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जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने गंभीर चिंता जताई.

तिरुवनंतपुरम. केरल उच्च न्यायालय ने अथिरप्पिल्ली में अनानास की खेती पर तुरंत रोक लगाने का संज्ञान लिया है. वन्यजीव कार्यकर्ता एंजेल्स नायर की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने गंभीर चिंता जताई. याचिका में केरल प्लांटेशन कॉर्पोरेशन पर वन विभाग के निषेध आदेश की अवहेलना करने का आरोप लगाया गया है.

एंजेल्स नायर ने बताया कि 1970 में दिए गए 50 साल के पट्टे की अवधि 2019 में खत्म हो चुकी थी. इसके बावजूद कॉर्पोरेशन ने अनानास की खेती जारी रखी. वन विभाग ने कई बार आपत्ति जताई, लेकिन खेती रोकने के बजाय और बढ़ाई गई. याचिका में दावा किया गया कि रासायनिक उर्वरक और कीटनाशकों के इस्तेमाल से चालकुडी नदी जहरीली हो रही है. इससे मिट्टी का कटाव तेज हुआ है, भोजन-चारे की कमी हुई है और मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ गया है.अथिरप्पिल्ली वन्यजीव अभयारण्य का यह इलाका जैव विविधता से भरपूर है.

एकल फसल (मोनोक्रॉपिंग) ने पारिस्थितिकी को बुरी तरह प्रभावित किया है. नदी प्रदूषण से मछली पालन प्रभावित हुआ है और अथिरप्पिल्ली जलप्रपात के पर्यटन को भी नुकसान पहुंच रहा है. याचिकाकर्ता ने कहा कि यह खेती 30 लाख लोगों और लाखों जीव-वनस्पतियों के लिए खतरा बन गई है.सुनवाई में याचिकाकर्ता के वकीलों ने तर्क दिया कि अवैध पट्टे पर खेती पर्यावरण हत्या के समान है. न्यायालय ने केरल प्लांटेशन कॉर्पोरेशन और वन विभाग से जवाब मांगा है.

दोनों पक्षों को चार हफ्ते के अंदर अपना पक्ष दाखिल करने का निर्देश दिया गया है.इस मामले ने केरल में राजनीतिक बहस छेड़ दी है. विपक्ष ने सरकार पर वन नीति तोड़ने और पर्यावरण की अनदेखी का आरोप लगाया. कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं. कॉर्पोरेशन ने सफाई दी कि पट्टा नवीनीकरण की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन सबूत कमजोर बताए जा रहे हैं. चालकुडी नदी पर निर्भर किसान और स्थानीय लोग भी चिंतित हैं. कोर्ट का अंतिम फैसला इस क्षेत्र के पर्यावरण और आजीविका के भविष्य को तय करेगा.

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Sharad Pandeyविशेष संवाददाता

करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्‍यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज...और पढ़ें

First Published :

February 19, 2026, 13:36 IST

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