Donald Trump: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि वो एक झटके में अमेरिकियों की नागरिकता छीन सकते हैं. उन्होंने इसका कारण भी बताया. उन्होंने कहा कि अगर उन्हें ये लगे कि वो देश के प्रति बेईमान हैं या बड़ा खतरा हैं. ट्रंप ने पिछले हफ्ते द न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में यह बात कही, जिसका ट्रांसक्रिप्ट रविवार को जारी किया गया. इस इंटरव्यू में आव्रजन, राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकता पर तगड़ी बहस हुई थी. जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह नेचुरलाइज्ड अमेरिकियों की नागरिकता रद्द करेंगे, तो उन्होंने कहा कि अगर उनसे नागरिकता छीनी जानी चाहिए, तो मैं ऐसा करूंगा, हां. जब उनसे फिर पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि मैं इसे तुरंत करूंगा.
बता दें, अमेरिका में नेचुरलाइज्ड सिटीजनशिप का प्रावधान है, यानी जो लोग यूएस में नहीं जन्मे हैं और एक तय कानूनी प्रक्रिया के तहत अमेरिकी नागरिक बने हैं, उन्हें नेचुरलाइज्ड सिटीजन कहा जाता है. इनको भी अन्य नागरिकों की तरह सभी अधिकार प्राप्त हैं.
सोमालिया दुनिया का सबसे बुरा देश: ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन फिलहाल मापदंड तय कर रहा है. उन्होंने माना कि सिटिजनशिप प्रोटेक्शन पूरी तरह से लागू नहीं होना चाहिए और कहा कि इसका मानक राष्ट्र के प्रति वफादारी और ईमानदारी होनी चाहिए. ओवल ऑफिस में लगभग दो घंटे तक चले इंटरव्यू के दौरान, ट्रंप ने इमिग्रेशन पर बात करते हुए बार-बार सोमाली अमेरिकियों का जिक्र किया, सोमालिया को दुनिया के सबसे बुरे देशों में से एक बताया और दावा किया कि देश के लोगों ने यूनाइटेड स्टेट्स में गंभीर समस्याएं खड़ी की हैं.
इल्हान उमर को भेज देना चाहिए वापस सोमालिया
सीधे पूछे जाने पर कि क्या सोमाली मूल के लोग एक ऐसा ग्रुप हैं जिनकी सिटिजनशिप रद्द करने पर वह विचार कर रहे हैं, ट्रंप ने जवाब दिया कि अगर वो बेईमान हुए तो मैं जरूर करूंगा. ट्रंप ने मिनेसोटा की डेमोक्रेटिक इल्हान उमर का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें तुरंत कांग्रेस से निकाल देना चाहिए और सोमालिया वापस भेज देना चाहिए. जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें अपनी यूएस नागरिकता खो देनी चाहिए, तो ट्रंप ने जवाब दिया कि ओह, बिल्कुल.
न्यूयॉर्क टाइम्स के रिपोर्टरों ने ट्रंप को उनके कुछ दावों के लिए सबूतों की कमी पर चुनौती दी, जिसमें उमर के व्यक्तिगत इतिहास के बारे में आरोप भी शामिल थे, जिनके बारे में उन्होंने कहा कि वे साबित नहीं हुए. ट्रंप ने उन आपत्तियों को खारिज कर दिया और जोर देकर कहा कि उनके विचार सही थे. उन्होंने इस चिंता को खारिज कर दिया कि उनकी टिप्पणियों ने पूरे समुदायों को एक ही रंग में रंग दिया. उन्होंने कहा कि मुझे परवाह नहीं है. मुझे इस देश में अच्छे लोग चाहिए. मुझे ऐसे लोग चाहिए जो देश से प्यार करते हों.
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ट्रंप ने तर्क दिया कि जज कुछ खास हालात में उन्हें रोक सकते हैं, लेकिन उन्होंने सुझाव दिया कि कानून और व्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों में उनका अधिकार ज्यादा है. उन्होंने कहा कि उन्हें सीमा नियंत्रण और पब्लिक सेफ्टी के वादों पर चुना गया था. राष्ट्रपति ने इंसरेक्शन एक्ट (एक बहुत पुराना कानून जिसके तहत अमेरिकी राष्ट्रपति को यह अधिकार है कि जब किसी राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ जाए और स्थानीय प्रशासन या अदालतें हालात संभालने में नाकाम हों, तब वह अमेरिकी सेना को तैनात कर सकता है.) लागू करने की संभावना भी जताई, जो देश में सेना तैनात करने के लिए राष्ट्रपति की शक्तियों को बढ़ाएगा, हालांकि उन्होंने कहा कि उन्हें अभी तक ऐसा करने की जरूरत महसूस नहीं हुई है.
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ट्रंप की यह बात इमिग्रेशन एनफोर्समेंट, डिपोर्टेशन और सिविल राइट्स पर चल रही कानूनी लड़ाइयों के साथ-साथ एग्जीक्यूटिव अथॉरिटी की संवैधानिक सीमाओं पर बड़ी बहस के बीच आई है. यूएस कानून के तहत, नागरिकता रद्द होना बहुत कम होता है और आमतौर पर नेचुरलाइजेशन प्रोसेस के दौरान धोखाधड़ी का सबूत चाहिए होता है, जिसमें कोर्ट की अहम भूमिका होती है.

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