ईरान की वो तीन खूबसूरत राजकुमारियां, जिन्होंने अमेरिका में बैठकर हिला दी खामेनेई की सत्ता

16 hours ago

करीब 50 साल बाद ईरान एक 'नई क्रांति' की ओर बढ़ता दिख रहा है. धार्मिक सरकार की नीतियों से परेशान होकर प्रोटेस्ट पहले भी हुए हैं लेकिन इस बार मुद्दे अलग हैं. ये सीधे लोगों की जेब से जुड़े हैं. ऐसे में विरोध प्रदर्शन की आग बढ़ती जा रही है. पांच दशक में शायद पहली बार विदेश में बैठे एक शख्स के समर्थन में जोरदार नारे लग रहे हैं. तेहरान के उत्तर में नारे सुने गए- यह आखिरी जंग है, पहलवी लौटेंगे. इन प्रोटेस्ट के पीछे तीन राजकुमारियों का ब्रेन है जो विदेश में बैठकर ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की सत्ता को चुनौती दे रही हैं. कौन हैं ये प्रिंसेस और ये पहलवी कौन हैं जिनके लौटने की मांग हो रही है. 

नूर, ईमान और फराह तीनों अमेरिका में ही रही हैं. इन्होंने कभी ईरान में अपना पैतृक घर नहीं देखा. ये विदेश में बैठकर ही ईरानी सत्ता के खिलाफ अभियान को चला रही हैं. फिलहाल सड़क पर प्रोटेस्ट देख दुनिया में यही मैसेज जा रहा है कि जनता अब आर या पार के मूड में है. ईरानी सत्ता को चुनौती देने के लिए लोग मास्क और नकाब ओढ़कर सड़कों पर हैं. आंदोलन पर अंकुश लगाने के लिए इंटरनेट रोकना पड़ा है. जिस पहलवी के वापसी की चर्चा है उनका पूरा नाम रजा पहलवी है. वह ईरान के दिवंगत पूर्व शाह के बेटे हैं जो दशकों से देश से बाहर रहने के लिए मजबूर हैं. ये प्रोटेस्ट उन्हीं के इशारों में हो रहा है. fallback

विरोध शुरू हुए दो हफ्ते होने जा रहे हैं. ईरान की मुद्रा पूरी तरह से टूट चुकी है. इस कारण लोग गुस्से में हैं. देश के सभी 31 प्रांतों के 100 से ज्यादा शहरों और कस्बों में विरोध देखा जा रहा है. प्रदर्शनों में पांच बच्चों समेत कुल 42 लोगों की मौत हो चुकी है. दो हजार से ज्यादा लोगों को अरेस्ट किया गया है. सुरक्षाकर्मियों से भिड़ते हुए नारे लगाए जा रहे हैं- डरो मत, हम साथ-साथ हैं. 

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रजा पहलवी का रोल

1979 की इस्लामिक क्रांति में रजा पहलवी के पिता को सत्ता से हटा दिया गया था. रजा वाशिंगटन डीसी में रहते हैं. वह अमेरिका में बैठकर लगातार ईरान को लोगों को संबोधित करते रहते हैं. सोशल मीडिया के साथ-साथ तमाम मंचों पर एक्टिव रहते हैं. उन्होंने ही पिछले दिनों ईरान की जनता से एकजुट होकर सड़क पर उतरने का आह्वान किया था. बाद में उन्होंने दुनिया को संबोधित करते हुए लिखा- आज रात ईरान की जनता ने आजादी के लिए आवाज बुलंद की. अमेरिका और ईरान की मौजूदा हुकूमत से दुश्मनी जग जाहिर है. इस प्रोटेस्ट को अमेरिका गौर से देख रहा है. एक्सपर्ट मानते हैं कि इसमें उसका भी हाथ है. रजा पहलवी खुद कई मौकों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को धन्यवाद देते रहते हैं. 

तीन राजकुमारियों की भूमिका

रजा पहलवी और उनके परिवार का पश्चिमी संस्कृति का गहरा प्रभाव है. उनकी बेटियां वहीं पैदा हुईं तो वे बिल्कुल खुले विचारों वाली हैं. इसका अंदाजा हाल में हुई क्राउन प्रिंस रजा पहलवी की बेटी ईमान पहलवी की शादी की तस्वीरों से लगाया जा सकता है. सोशल मीडिया पर तस्वीरें आईं तो कुछ कट्टरपंथी विरोध करने लगे थे. पार्टनर ने प्रिंसेस को दोनों हाथों से उठा लिया था. उन्होंने सफेद गाउन पहना था. उनके ड्रेस को देखकर कोई नहीं कह सकता था कि वह ईरान से ताल्लुक रखती है क्योंकि आज के समय में ईरान की पहचान इस्लामिक शासन से चलने वाले देश की है. पांच दशक पहले ईरान अलग था. fallback

आप यह भी जानकर चौंक जाएंगे कि रजा की बेटी प्रिंसेस ईमान पहलवी ने एक यहूदी अमेरिकी बिजनसमैन ब्रैडली शेरमैन से शादी की है. ये दोनों चार साल से पार्टनर थे. पेरिस में आलीशान तरीके से शादी हुई. ब्रैडली की एक ड्रोन डिलिवरी कंपनी है. प्रिंसेस न्यूयॉर्क सिटी में अमेरिकन एक्सप्रेस में काम करती हैं. 

तीनों बेटियां अमेरिका में रहने के कारण लोकतंत्र, महिलाओं के अधिकारों के साथ-साथ ईरान में सेक्युलर सरकार की हिमायती हैं. जब भी ईरान में किसी महिला के बुर्के में न होने के कारण सजा देने की खबर आती तो रजा की बेटियां पुरजोर तरीके से आवाज उठाती रही हैं. वह पब्लिक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर विदेश से ही ईरान की राजनीति पर बोल रही है. 

1. प्रिंसेस नूर पहलवी रजा की बड़ी बेटी हैं. वह ईरान में लोकतंत्र की वकालत करती है. कई पब्लिक कार्यक्रमों, पॉडकास्ट और इंटरव्यू के जरिए वह ईरान की जनता में लोकतंत्र की भावना जगाने का काम करती रही हैं. इससे आज के युवा ईरान और पश्चिम का अंतर समझ रहे. नूर ईरानी महिलाओं के संघर्ष की कहानी भी लोगों को बताती हैं. वह लैंगिक समानता और बेहतर स्वास्थ्य की पक्षधर हैं. उनकी मां यासमीन पहलवी भी लोकतंत्र के मूवमेंट की सपोर्टर हैं. दोनों ईरान में महिलाओं और बच्चों से जुड़े मसलों पर बोलती हैं. 

2. प्रिंसेस नूर कुछ एनजीओ से भी जुड़ी हैं जिससे ईरान के कुछ जरूरतमंद लोगों को सपोर्ट किया जा सके. 

3. तीनों प्रिंसेस अंग्रेजी और फारसी भाषा में चल रहे कुछ पब्लिकेशन को भी सपोर्ट करती हैं जिससे उनकी बात जनता तक पहुंचती रहे. नूर मॉडलिंग में भी एक्टिव हैं. 

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