अरविंद केजरीवाल-अतिशी की याचिका पर 'सुप्रीम' सुनवाई, मानहानि समन से जुड़ा है मामला

1 hour ago

Last Updated:January 27, 2026, 09:38 IST

Supreme Court news: अरविंद केजरीवाल और आतिशी ने सुप्रीम कोर्ट में वोटर्स लिस्ट से नाम हटाने पर मानहानि समन रद्द करने की मांग की है, मामला जस्टिस एमएम सुंदरेश और एनके सिंह की बेंच में है.

अरविंद केजरीवाल-अतिशी की याचिका पर 'सुप्रीम' सुनवाई, मानहानि समन से जुड़ा केसकेजरीवाल-अतिशी की याचिका पर 'सुप्रीम' सुनवाई, मानहानि समन से जुड़ा है मामला

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी की याचिका पर सुनवाई करेगा. इस याचिका में उन्होंने वोटर्स लिस्ट से कथित तौर पर वोटर्स के नाम हटाने के मामले में अपनी टिप्पणियों को लेकर मानहानि के मामले में जारी समन को रद्द करने की मांग की है. सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर पब्लिश कॉजलिस्ट के अनुसार, यह मामला जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एनके सिंह की बेंच के सामने लिस्टेड है.

इससे पहले, अरविंद केजरीवाल और आतिशी को बड़ी राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने भाजपा नेता राजीव बब्बर द्वारा उनके खिलाफ दायर मानहानि मामले में आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी. जस्टिस हृषिकेश रॉय (अब रिटायर्ड) की अध्यक्षता वाली तत्कालीन बेंच ने अपने अंतरिम आदेश में इस बात पर जोर दिया था कि क्या किसी राजनीतिक पार्टी को मानहानि का मुकदमा दायर करने के लिए पीड़ित व्यक्ति माना जा सकता है, इस सवाल पर गहरी जांच की जरूरत होगी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि चार हफ्ते में जवाब देने के लिए नोटिस जारी करें। इस बीच आगे की कार्यवाही पर रोक रहेगी.

सितंबर 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने आप नेताओं को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 499/500 के तहत अपराधों के लिए ट्रायल कोर्ट द्वारा जारी समन आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया था. याचिका खारिज करते हुए, कोर्ट ने कहा, ‘याचिकाकर्ताओं द्वारा लिया गया बचाव कि आरोप नेक इरादे से और जनहित में लगाए गए थे, इसे ट्रायल के दौरान साबित और स्थापित करने की जरूरत है.’

जस्टिस अनूप कुमार मेंदिरत्ता की सिंगल-जज बेंच ने कहा, ‘मौजूदा मामले में लगाए गए आरोप पहली नजर में मानहानिकारक हैं, जिनका मकसद भाजपा को बदनाम करना और कुछ खास समुदायों के करीब 30 लाख वोटरों के नाम हटाने के लिए भआजपा को जिम्मेदार ठहराकर गलत राजनीतिक फायदा उठाना है.’ जस्टिस मेंदिरत्ता ने आगे कहा कि वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने या हटाने में किसी राजनीतिक पार्टी की शायद ही कोई भूमिका होती है, क्योंकि यह काम चुनाव आयोग को कानून के मुताबिक करने के लिए सौंपा गया है.

मार्च 2019 में ट्रायल कोर्ट ने भाजपा दिल्ली यूनिट के अधिकृत प्रतिनिधि बब्बर की शिकायत पर केजरीवाल, आतिशी और सुशील कुमार गुप्ता के साथ मनोज कुमार को समन भेजा था. भाजपा नेता बब्बर ने अपनी शिकायत में दावा किया था कि आप नेता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि भाजपा के निर्देश पर बनिया, पूर्वांचली और मुस्लिम समुदायों के 30 लाख वोटरों के नाम चुनाव आयोग ने हटा दिए हैं. दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा ट्रायल कोर्ट द्वारा जारी समन में दखल देने से इनकार करने से नाराज होकर, केजरीवाल और आतिशी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था और पूरी कार्यवाही को रद्द करने की मांग की थी.

About the Author

Shankar Pandit

Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho...और पढ़ें

First Published :

January 27, 2026, 09:38 IST

homenation

अरविंद केजरीवाल-अतिशी की याचिका पर 'सुप्रीम' सुनवाई, मानहानि समन से जुड़ा केस

Read Full Article at Source