Last Updated:January 07, 2026, 13:05 IST
Jaishankar Operation Sindoor: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ऑपरेशन सिंदूर पर पश्चिमी देशों की प्रतिक्रिया को पाखंड करार दिया है. उन्होंने भारत की सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि भारत बाहरी दबाव में नहीं आएगा, अपनी सुरक्षा नीति पर अडिग रहेगा.
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत के ऑपरेशन सिंदूर पर पश्चिमी देशों की प्रतिक्रिया को साफ 'पाखंड' करार दिया है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत के ऑपरेशन सिंदूर पर पश्चिमी देशों की प्रतिक्रिया को साफ ‘पाखंड’ करार दिया है. उन्होंने कहा कि कुछ पश्चिमी देश केवल अपने स्वार्थ के अनुसार ही काम करते हैं, फिर भी भारत को ‘मुफ़्त सलाह’ देने की कोशिश करते हैं. जयशंकर यह टिप्पणी भारत की पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर की गई सैन्य कार्रवाई को लेकर उठ रहे वैश्विक सवालों के बीच कर रहे हैं.
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि भारत-पाकिस्तान संबंध सामान्य नहीं रहे हैं और यह एक अपवाद है. उन्होंने कहा कि दशकों तक पाकिस्तान में आतंकियों के ट्रेनिंग कैंप चलते रहे हैं और इसमें राज्य व सेना का समर्थन रहा है. डॉ. जयशंकर के मुताबिक पाकिस्तान ने आतंकवाद को बढ़ावा दिया और उसे सामान्य बनाने की कोशिश भी की, जिसका भारत ने लगातार विरोध किया है.
जयशंकर ने पश्चिम की उधेड़ी बखिया
जयशंकर ने कहा कि आज की दुनिया में कई पश्चिमी देश सिर्फ़ उसी जगह कार्रवाई करते हैं, जहां उन्हें खुद को फ़ायदा दिखे, लेकिन वही देश भारत को अंतरराष्ट्रीय मामलों पर सलाह देने से नहीं हिचकते. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी प्रतिक्रियाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि अगर इतनी चिंता है तो वे अपने ही इलाकों में फैली हिंसा पर क्यों नहीं गौर करते. उन्होंने कहा कि कई बार ‘लोग कहते एक बात हैं और करते दूसरी हैं’ और भारत को इस वास्तविकता को स्वीकार करते हुए अपनी विदेश नीति और सुरक्षा नीतियों को प्रभावित नहीं होने देना चाहिए.
‘भारत नहीं सुनेगा दूसरों की बात’
जयशंकर ने कहा, ‘आप अपने ही क्षेत्र को क्यों नहीं देखते और खुद से पूछते कि वहां हिंसा का स्तर क्या है, आपने क्या रिस्क उठाए हैं और बाकी लोग आपके कार्यों को लेकर कितनी चिंता रखते हैं?’ विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत को बाहरी टिप्पणियों से विचलित नहीं होना चाहिए, बल्कि अपने निर्णयों पर दृढ़ता से आगे बढ़ना चाहिए.
ऑपरेशन सिंदूर मई 2025 में पाकिस्तान और पाकिस्तान-प्रशासित कश्मीर (PoK) में आतंकवादी ढांचों के खिलाफ भारत की सटीक सैन्य कार्रवाई थी. यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का जवाब थी, जिसमें 26 नागरिकों की मौत हो गई थी. इसके तहत पाकिस्तानी और PoK में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिद्दीन के नौ आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया था और इन हमलों में सैंकड़ों आतंकियों का खात्मा किया गया था.
विदेश मंत्री वर्तमान में फ्रांस और लक्जमबर्ग के छह दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हैं, जहां वे डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री जेवियर बेटेल से भी मुलाक़ात कर चुके हैं. इस दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय रिश्तों को और गहरा करने और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की.
जयशंकर के बयान ऐसे समय में आए हैं जब विश्व पटल पर सुरक्षा, आतंकवाद और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर कूटनीतिक बहसें तेज हैं. उन्होंने यह भी संकेत दिए कि भारत वैश्विक दबाव और आलोचना के बावजूद अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं को बनाए रखेगा और राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के अनुरूप निर्णय लेगा.
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An accomplished digital Journalist with more than 13 years of experience in Journalism. Done Post Graduate in Journalism from Indian Institute of Mass Comunication, Delhi. After Working with PTI, NDTV and Aaj T...और पढ़ें
First Published :
January 07, 2026, 13:05 IST

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