Mood of the Nation: अगर आज देश में लोकसभा चुनाव करा दिए जाएं, तो सत्ता की तस्वीर लगभग साफ नजर आती है. जनता का मूड एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के पक्ष में झुका हुआ दिख रहा है. 2024 के चुनाव में बहुमत से कुछ सीटें दूर रह जाने के बावजूद मोदी सरकार ने सहयोगियों के सहारे सत्ता संभाली थी. अब सवाल यही है कि क्या जनता फिर से उसी भरोसे को दोहराएगी या विपक्षी गठबंधन INDIA कोई बड़ा उलटफेर करेगा. इसी सवाल का जवाब देता है ताजा मूड ऑफ द नेशन सर्वे.
2025 और 2026 की शुरुआत में बीजेपी ने कई अहम चुनावों में जीत दर्ज की है. दिल्ली, बिहार, फिर महाराष्ट्र और बीएमसी जैसे बड़े नगर निकायों में जीत ने एनडीए का आत्मविश्वास बढ़ाया है. इंडिया टुडे सी वोटर के मूड ऑफ द नेशन सर्वे के मुताबिक अगर जनवरी 2026 में लोकसभा चुनाव होते हैं, तो एनडीए भारी बढ़त के साथ सरकार बनाता दिख रहा है. वहीं राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस और INDIA गठबंधन को नुकसान उठाना पड़ सकता है.
जनता का मूड क्या कहता है?
इंडिया टुडे सी वोटर के मूड ऑफ द नेशन सर्वे के मुताबिक अगर आज लोकसभा चुनाव हों तो बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए करीब 352 सीटें जीत सकता है. यह आंकड़ा भले ही 2024 में दिए गए ‘400 पार’ के नारे से कम हो, लेकिन यह साफ दिखाता है कि मोदी सरकार पर जनता का भरोसा अब भी कायम है. सर्वे में बीजेपी अकेले 287 सीटें जीतती नजर आ रही है, यानी वह अपने दम पर बहुमत के करीब पहुंच जाती है.
एनडीए के लिए यह सर्वे संजीवनी की तरह है. (फाइल फोटो PTI)
विपक्ष के लिए चिंता के संकेत
कांग्रेस के नेतृत्व वाला INDIA गठबंधन इस सर्वे में कमजोर नजर आता है. 2024 में जहां INDIA गठबंधन ने 234 सीटें जीतकर उम्मीदें जगाई थीं, वहीं अब यह आंकड़ा घटकर 182 सीटों तक सिमटता दिख रहा है. अगस्त 2025 के सर्वे में 208 सीटों का अनुमान था, यानी कुछ ही महीनों में विपक्ष को बड़ा झटका लगा है. कांग्रेस के खाते में इस बार सिर्फ 80 सीटें जाती दिख रही हैं, जो पार्टी के लिए खतरे की घंटी है.
मोदी फैक्टर और मजबूत नेतृत्व
सर्वे के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता अब भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है. उन्हें 57 फीसदी अप्रूवल रेटिंग मिली है. भले ही यह अगस्त 2025 के 58 फीसदी से थोड़ा कम हो, लेकिन विपक्षी नेताओं से यह काफी आगे है. स्थिर नेतृत्व, निर्णायक फैसले और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सख्त रुख ने ‘ब्रांड मोदी’ को मजबूत बनाए रखा है.
क्यों मजबूत दिख रहा है एनडीए?
2025 और 2026 में लगातार चुनावी जीत. राष्ट्रीय सुरक्षा पर सख्त रुख. पाकिस्तान को लेकर कड़ा सैन्य जवाब. अमेरिका और यूरोप के साथ व्यापार समझौते. मोदी की व्यक्तिगत लोकप्रियता. 2026 के विधानसभा चुनाव भी अहम.यह सर्वे ऐसे समय आया है जब 2026 में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होने हैं. इनमें से बंगाल, तमिलनाडु और केरल ऐसे राज्य हैं, जहां बीजेपी कभी सत्ता में नहीं रही. फिर भी लोकसभा के आंकड़े बताते हैं कि एनडीए इन राज्यों में भी अपनी पकड़ मजबूत करने की स्थिति में है.
INDIA गठबंधन से क्यों दूर हो रही जनता?
INDIA गठबंधन लगातार ‘वोट चोरी’ और संस्थानों के दुरुपयोग का आरोप लगाता रहा है, लेकिन सर्वे संकेत देता है कि यह नैरेटिव जनता के बीच ज्यादा असर नहीं छोड़ पाया. हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली और बिहार में हार ने विपक्ष की रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं. जम्मू-कश्मीर और झारखंड को छोड़ दें तो विपक्ष के खाते में हालिया दौर में कोई बड़ी सफलता नहीं आई.
नंबरों की भाषा में तस्वीर
एनडीए: 352 सीटें, वोट शेयर 47%. बीजेपी अकेले: 287 सीटें. INDIA गठबंधन: 182 सीटें कांग्रेस: 80 सीटें. पीएम मोदी की अप्रूवल रेटिंग: 57%.इन आंकड़ों से साफ है कि अगर आज चुनाव होते हैं तो सरकार बदलने के आसार बेहद कम हैं.
राहुल गांधी के लिए यह सर्वे एक चेतावनी की तरह है. 2024 में कांग्रेस ने सीटें दोगुनी कर राजनीतिक वापसी का संकेत दिया था, लेकिन मौजूदा मूड बताता है कि वह लय बरकरार नहीं रह सकी. संगठन, नेतृत्व और मुद्दों के स्तर पर विपक्ष को नए सिरे से सोचने की जरूरत है. वहीं एनडीए के लिए यह सर्वे संजीवनी की तरह है. सहयोगी सरकार होने के बावजूद जनता का भरोसा कायम रहना बताता है कि मोदी फैक्टर अब भी चुनावी राजनीति का सबसे बड़ा हथियार है. अगर यही रुझान रहा, तो 2029 से पहले ही सत्ता की दिशा लगभग तय मानी जा सकती है.
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