Ajab Gajab News: बनारसी पान के चर्चे तो दुनिया भर में हैं, लेकिन मिथिला की सांस्कृतिक राजधानी दरभंगा में पान का जो जुनून है, वह अद्वितीय है. यहां पान सिर्फ शौक नहीं, बल्कि मान-सम्मान और परंपरा का प्रतीक है. ताजा आंकड़ों के अनुसार, अकेले दरभंगा जिले में हर महीने 20 लाख पान के पत्तों की खपत होती है. कृषि विभाग द्वारा पुरस्कृत अनुभवी पान किसान रमेश कुमार भगत बताते हैं कि जिले में रोजाना 50 से 60 हजार पत्तों की सप्लाई होती है, जो अक्सर कम पड़ जाती है. यहां अतिथि का सत्कार पान से शुरू होता है और विदाई भी पान खिलाकर ही की जाती है. शहर हो या गांव, हर गली में पान की मौजूदगी अनिवार्य है. शुभ कार्यों में पान के पत्ते को बेहद शुद्ध माना जाता है. यहां सदा पान से लेकर मीठा पान तक, हर उम्र के लोग शौक से चबाते नजर आते हैं. दरभंगा का यह 'पान प्रेम' न केवल स्थानीय किसानों की अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहा है, बल्कि मिथिला की प्राचीन 'पान, मखान और माछ' वाली पहचान को भी जीवंत रखे हुए है.
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1 hour ago

