Last Updated:January 31, 2026, 17:28 IST
Karauli DJ Loudspeaker Ban: करौली जिले में शादी समारोहों और पार्टियों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है. फरवरी से 31 मई तक रात के समय डीजे और लाउडस्पीकर बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, यह निर्णय ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने और आमजन को होने वाली असुविधा से राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तय समय सीमा में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. शादी, धार्मिक आयोजन या किसी भी प्रकार की पार्टी में तेज आवाज में डीजे या लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति नहीं होगी.
karauli dj loudspeaker banकरौली. करौली जिले में अब रात के समय लाउडस्पीकर और डीजे नहीं बजा सकेंगे. जिला प्रशासन ने बोर्ड एग्जाम और आमजन की शांति को ध्यान में रखते हुए कड़ा आदेश जारी किया है. जिला मजिस्ट्रेट नीलाभ सक्सेना ने बताया कि हर साल की तरह इस वर्ष भी माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, महाविद्यालयों और स्थानीय विद्यालयों की परीक्षाएं फरवरी 2026 से शुरू होकर मई 2026 के अंत तक चलेंगी. ऐसे में विद्यार्थियों की पढ़ाई में किसी तरह का व्यवधान न हो, इसके लिए यह फैसला लिया गया है.
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि शादी-विवाह समारोह, पार्टियों और अन्य कार्यक्रमों में लाउडस्पीकर, एम्प्लीफायर और डीजे के कारण तेज आवाज होती है. इससे खासकर रात के समय विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती है और आम नागरिकों की नींद व शांति में खलल पड़ता है. यह स्थिति ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम 2000 का उल्लंघन मानी जाती है.
पूरी तरह से रोक लगा दी
इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पूरे करौली जिले में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक सभी प्रकार के ध्वनि प्रसारक यंत्रों, लाउडस्पीकर और एम्प्लीफायर के उपयोग पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. यह आदेश राजस्थान ध्वनि नियंत्रण अधिनियम 1963 की धारा 5 के तहत जारी किया गया है.
आदेश में कुछ छूट दी गई
हालांकि, इस आदेश में कुछ छूट भी दी गई है. मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारों में होने वाली नियमित पूजा-पाठ, धार्मिक कार्यक्रमों और मस्जिदों की अजान पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा. लेकिन यदि किसी विशेष धार्मिक अनुष्ठान, कीर्तन या विवाह समारोह में ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग करना हो, तो इसके लिए पहले संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेट से अनुमति लेना अनिवार्य होगा.
आवाज करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा
जिला मजिस्ट्रेट ने यह भी स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी हाल में लाउडस्पीकर या डीजे का उपयोग नहीं किया जा सकेगा. इसके अलावा अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों, न्यायालयों, दूरदर्शन केंद्रों और सरकारी कार्यालयों के चारों ओर 100 मीटर का क्षेत्र शांत क्षेत्र घोषित रहेगा. इन इलाकों में तय मानकों से अधिक आवाज करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा.
पुलिस ऐसे उपकरणों को जब्त कर सकती है
यदि कोई व्यक्ति तय समय सीमा के बाहर या बिना अनुमति के लाउडस्पीकर, डीजे या ध्वनि प्रसारक यंत्रों का उपयोग करता पाया गया, तो पुलिस ऐसे उपकरणों को जब्त कर सकती है. साथ ही संबंधित व्यक्ति के खिलाफ ध्वनि प्रदूषण नियम 2000, संशोधित नियम 2017 और राजस्थान कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1963 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यह आदेश जारी होने की तारीख से 31 मई 2026 तक प्रभावी रहेगा. आदेश का उल्लंघन करने पर राजस्थान कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1963 की धारा 6 के तहत दंड का प्रावधान भी रखा गया है.
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Location :
Karauli,Rajasthan
First Published :
January 31, 2026, 17:28 IST

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