नई दिल्ली (JEE Main 2026 Result FAQ). लाखों छात्रों की मेहनत का फल जेईई मेन रिजल्ट 2026 के डिजिटल स्कोरकार्ड के रूप में आने वाला है. जैसे ही घड़ी की सुइयां जेईई मेन सेशन 1 रिजल्ट के समय के करीब पहुंच रही हैं, छात्रों और अभिभावकों के मन में सवालों का सैलाब उमड़ रहा है- पर्सेंटाइल कैसे कैलकुलेट होता है?, क्या मेरा स्कोर एनआईटी के लिए काफी है? या अगर वेबसाइट न खुले तो क्या करें?.. ये सवाल जेईई मेन के ज्यादातर परीक्षार्थियों के दिमाग में रहते हैं.
जेईई मेन स्कोरकार्ड इंजीनियरिंग करियर की पहली सीढ़ी है. लेकिन कई छात्र स्कोरकार्ड पर लिखे आंकड़ों को समझने में गलती कर देते हैं. जेईई मेन सेशन 1 का रिजल्ट आते ही सबसे बड़ी दौड़ शुरू होती है जेईई एडवांस्ड की पात्रता और सेशन 2 की तैयारी के बीच. क्या आपको एक और मौका लेना चाहिए या इसी स्कोर पर संतोष करना चाहिए? इन सभी तकनीकी पहलुओं को समझना जरूरी है. जानिए 10 ऐसे सवाल-जवाब, जो हर जेईई एस्पिरेंट के दिमाग में घूम रहे हैं.
जेईई मेन 2026 रिजल्ट: 10 सबसे बड़े सवाल और उनके जवाब
जेईई मेन रिजल्ट चेक करने के लिए कौन-कौन से क्रेडेंशियल्स चाहिए?
जेईई मेन स्कोरकार्ड चेक करने के लिए एप्लीकेशन नंबर और जन्म तिथि (DOB) तैयार रखें. सुरक्षा के लिए एक ‘सिक्योरिटी पिन’ (कैप्चा) भी भरना होगा.
अगर मैं अपना पासवर्ड या एप्लीकेशन नंबर भूल गया हूं तो क्या करूं?
घबराएं नहीं! एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट पर ‘Forgot Application No.’ या ‘Reset Password’ का विकल्प होता है. वहां अपना नाम और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर डालकर इसे रिकवर कर सकते हैं.
क्या जेईई मेन सेशन 1 के बाद मेरी ऑल इंडिया रैंक (AIR) पता चल जाएगी?
नहीं. जेईई मेन सेशन 1 के बाद NTA केवल स्कोर (पर्सेंटाइल) जारी करता है. रैंक लिस्ट सेशन 2 के बाद जारी होगी, जिसमें आपके दोनों सत्रों के बेस्ट स्कोर को देखा जाएगा.
90 पर्सेंटाइल का मतलब क्या 90% अंक हैं?
बिल्कुल नहीं. 90 पर्सेंटाइल का मतलब है कि आपने उस शिफ्ट में बैठने वाले 90% छात्रों से ज्यादा या उनके बराबर अंक हासिल किए हैं. यह आपकी ‘रिलेटिव परफॉरमेंस’ है.
अगर जेईई वेबसाइट क्रैश हो जाए तो रिजल्ट देखने का दूसरा तरीका क्या है?
भारी ट्रैफिक से साइट क्रैश होने पर आप DigiLocker या UMANG App का इस्तेमाल कर सकते हैं. वहां एनटीए आधिकारिक स्कोरकार्ड अपलोड करता है.
जेईई मेन क्वॉलिफाइंग कट-ऑफ क्या होता है?
यह वह न्यूनतम पर्सेंटाइल है जो आपको जेईई एडवांस्ड (IIT प्रवेश परीक्षा) में बैठने के लिए चाहिए. यह हर कैटेगरी (जनरल/ओबीसी/एससी/एसटी) के लिए अलग-अलग होता है.
क्या जेईई मेन सेशन 1 रिजल्ट के बाद उत्तरों को चुनौती दी जा सकती है?
नहीं. जेईई मेन रिजल्ट से पहले जेईई मेन फाइनल आंसर की जारी होती है. इसके बाद किसी भी तरह का चैलेंज या री-इवैल्यूएशन स्वीकार नहीं किया जाता.
मेरा स्कोर कम है, क्या मुझे सेशन 2 के लिए दोबारा फॉर्म भरना होगा?
अगर आपने पहले ही दोनों सेशन के लिए फीस भर दी है तो दोबारा फॉर्म नहीं भरना होगा. लेकिन अगर केवल सेशन 1 के लिए फीस भरी थी तो आपको सेशन 2 के लिए नए सिरे से रजिस्ट्रेशन करना होगा.
क्या स्कोरकार्ड का प्रिंट आउट लेना जरूरी है?
हां, यह बहुत जरूरी है. जोसा (JoSAA) काउंसलिंग और कॉलेज एडमिशन के समय ओरिजिनल स्कोरकार्ड की हार्ड कॉपी दिखानी होती है.
जेईई मेन रिजल्ट में नॉर्मलाइजेशन (Normalization) क्या है?
जेईई मेन परीक्षा कई दिनों तक कई शिफ्ट में होती है. इसलिए किसी शिफ्ट का पेपर कठिन होता है तो किसी का आसान. सबको बराबर मौका देने के लिए एनटीए नॉर्मलाइजेशन प्रोसेस अपनाता है. इससे कठिन शिफ्ट वाले छात्रों को नुकसान नहीं होता है.

1 hour ago
