Mausam News Live: उत्तर भारत में कड़ाके की सर्दी का सबसे तीखा दौर अब पीछे छूटता दिख रहा है. मौसम विभाग (IMD) के ताजा अनुमान के मुताबिक आने वाले दिनों में ठंड की तीव्रता धीरे-धीरे कम होगी और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी. हालांकि राहत पूरी नहीं है. सुबह और रात के समय घना कोहरा अब भी लोगों की परेशानी बना हुआ है. उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में दिन की शुरुआत धुंध और कम विजिबिलिटी के साथ हो रही है. कोल्ड वेव भले ही कमजोर पड़ गई हो, लेकिन विजिबिलिटी ही अब सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभर रही है.
मौसम विभाग का साफ कहना है कि अब सवाल यह नहीं है कि ठंड कितनी ज्यादा है, बल्कि यह है कि राहत किस रफ्तार से मिलेगी. पश्चिमी विक्षोभ के असर से तापमान में इजाफा होगा और कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हो सकती है. इससे सर्दी और नरम पड़ेगी. लेकिन इसके साथ-साथ नमी बढ़ने से कोहरा अभी कुछ दिन और बना रह सकता है. यानी दिन में राहत और सुबह-शाम सतर्कता उत्तर भारत का मौसम फिलहाल इसी संतुलन पर टिका है.
दिल्ली में हवा बनी जहर, सांस लेना मुश्किल
दिल्ली में वायु प्रदूषण ने एक बार फिर गंभीर रूप ले लिया है. सुबह 7 बजे दिल्ली का औसत AQI 439 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है. सबसे खराब स्थिति आनंद विहार में रही, जहां AQI 483 पहुंच गया, जबकि मुंडका में 482, पंजाबी बाग में 476, अशोक विहार और चांदनी चौक में 463, बवाना में 467 और बुराड़ी में 457 AQI दर्ज किया गया. जहरीली हवा के कारण लोगों को आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, वहीं प्रशासन की ओर से सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
उत्तर भारत का मौसम: ठंड घटी, कोहरा बना सिरदर्द
18 जनवरी को उत्तर भारत में कोल्ड वेव की स्थिति नहीं रही. IMD के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में अगले एक सप्ताह तक भीषण ठंड की वापसी के संकेत नहीं हैं. हालांकि सुबह और रात में कोहरा बना रहेगा. पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार में विजिबिलिटी कई जगह 50 से 200 मीटर तक सिमट गई. न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री नीचे रहा लेकिन पिछले सप्ताह की तुलना में सुधार दिखा. यही वजह है कि ठंड से राहत का दौर शुरू माना जा रहा है.
कोहरा अभी भी सबसे बड़ी समस्या बना हुआ है. (फाइल फोटो PTI)
UP-बिहार में आज का मौसम
उत्तर प्रदेश और बिहार में 18 जनवरी को कोहरे का असर सबसे ज्यादा रहेगा. पश्चिमी यूपी में कहीं-कहीं घना कोहरा छाया रहेगा, जबकि पूर्वी यूपी और बिहार में कई इलाकों में घना कोहरा रहेगा. लखनऊ, कानपुर जैसे शहरों में न्यूनतम तापमान 6 से 9 डिग्री रहेगा. वाराणसी, गोरखपुर, पटना और गया में यह 7 से 11 डिग्री के बीचर हेगा. अधिकतम तापमान 20 से 24 डिग्री के आसपास रहेगा. स्काइमेट के अनुसार, कोल्ड वेव अब कमजोर पड़ चुकी है, लेकिन अगले 3 से 5 दिन सुबह का कोहरा परेशान करता रहेगा.
दिल्ली में बारिश की आहट क्यों अहम है?
दिल्ली में 18 जनवरी को कोल्ड वेव नहीं रहेगा, लेकिन सुबह के वक्त हल्का और घना कोहरा रहेगा. न्यूनतम तापमान 6 से 8 डिग्री के बीच रहा. IMD के अनुसार 19 से 21 जनवरी के बीच एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर दिखेगा. इससे बादल छा सकते हैं और हल्की बारिश या छींटे पड़ने की संभावना है. यह बारिश तापमान को और ऊपर ले जाएगी. ठंड में राहत बढ़ेगी लेकिन नमी बढ़ने से सुबह का कोहरा कुछ दिन और टिक सकता है.
अगले 5 दिन का मौसम ट्रेंड
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, 18 से 23 जनवरी के बीच उत्तर भारत में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री की बढ़ोतरी होगी.
कोल्ड वेव की वापसी के संकेत नहीं. सुबह के समय हल्का और घना कोहरा. 19 से 21 जनवरी के बीच हल्की बारिश या बूंदाबांदी संभव. 22 से 23 जनवरी तक ठंड काफी कमजोर रहेगा.दिल्ली में 18 जनवरी को कोल्ड वेव नहीं रहेगा. (फाइल फोटो PTI)
कोहरे का असर
कोहरा अभी भी सबसे बड़ी समस्या बना हुआ है. ट्रेनों की लेटलतीफी बढ़ी है. फ्लाइट्स डायवर्ट या डिले हो रही हैं. सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही ठंड कम हो रही हो, लेकिन सुबह-शाम ठंडी हवा और नमी से बुजुर्गों और बच्चों को सावधानी बरतनी चाहिए.
क्यों मिल रही है ठंड से राहत?
इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह वेस्टर्न डिस्टर्बेंस है. हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है. मैदानों में बादल और हल्की बारिश तापमान को संतुलित कर रही है. स्काइमेट के अनुसार जनवरी के दूसरे हिस्से में ठंड आमतौर पर कमजोर पड़ती है और यही ट्रेंड इस बार भी दिख रहा है.
पहाड़ें का मौसम
18 जनवरी को उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में मौसम पश्चिमी विक्षोभ के असर से बदला रहेगा. IMD और स्काइमेट वेदर के अनुसार जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी देखने को मिलेगी. जबकि हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों जैसे शिमला, मनाली और कुल्लू में बर्फबारी तथा निचले इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना है. उत्तराखंड के औली, चोपता और बद्रीनाथ जैसे ऊंचे इलाकों में भी छिटपुट बर्फबारी देखी जाने की संभावना है. न्यूनतम तापमान कई जगह 0 डिग्री से नीचे या 0 से 5 डिग्री के बीच रहेगा. जबकि अधिकतम तापमान 8 से 15 डिग्री के आसपास देखने को मिलेगा. अगले पांच दिनों में हल्की से मध्यम बर्फबारी जारी रहने की संभावना है. इससे पहाड़ी सड़कों पर असर पड़ सकता है. 22 से 23 जनवरी से मौसम में धीरे-धीरे सुधार होगा, बादल छंटेंगे और बर्फबारी कम होगी, हालांकि ठंड बनी रहेगी.
दक्षिण भारत का मौसम
दक्षिण भारत में 18 जनवरी को मौसम पूरी तरह स्थिर, शुष्क और सामान्य बना रहेगा. उत्तर-पूर्वी मानसून की विदाई के बाद तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई है. IMD के अनुसार केवल सुबह के समय हल्की धुंध या मिस्ट देखने को मिल सकती है. चेन्नई में अधिकतम तापमान 29 से 31 डिग्री और न्यूनतम 22 से 24 डिग्री के आसपास बना रहेगा. बेंगलुरु में 17 से 19 डिग्री की हल्की सर्दी रहेगी, जबकि हैदराबाद में अधिकतम 27 से 30 और न्यूनतम 19 से 22 डिग्री के आसपास बना रहेगा. स्काइमेट के मुताबिक अगले पांच दिनों तक दक्षिण भारत में मौसम शुष्क और स्थिर बना रहेगा. तापमान सामान्य रहेगा और किसी तरह की बारिश की संभावना नहीं है. जनवरी के इस दौर में दक्षिण भारत उत्तर की कड़ाके की ठंड से पूरी तरह राहत देता नजर आ रहा है और जनजीवन सामान्य गति से चल रहा है.

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