Last Updated:August 06, 2025, 18:56 IST
India Railway Insurance : केंद्रीय रेलवे मंत्री ने बताया है कि ऑनलाइन टिकट बुक करने वाले यात्रियों को महज 45 पैसे में ही 10 लाख रुपये का बीमा दिया जाता है. पिछले 5 साल में 333 लोगों को 27 करोड़ का क्लेम दिया ज...और पढ़ें

नई दिल्ली. देश में सबसे सस्ते बीमा की बात करें तो यह कारनामा भारतीय रेलवे ही कर रहा है. टिकट बुक कराने वालों को सिर्फ 45 पैसे में ही 10 लाख रुपये का बीमा मिल जाता है. अगर किसी दुर्घटना में कोई अनहोनी हो जाए तो यह पैसा बीमा कंपनियां भुगतान करती हैं. सरकार खुद इस बीमा पर अपनी तरफ से गारंटी देती है. सरकार ने यह भी बताया कि महज 5 साल में ही बीमा कंपनियों ने 333 लोगों को 27 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का क्लेम दिया है.
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को कहा कि यात्री ई-टिकट खरीदते समय सभी टैक्स सहित 45 पैसे का प्रीमियम देकर वैकल्पिक यात्रा बीमा योजना का लाभ उठा सकते हैं. वैसे तो यह सुविधा वैकल्पिक है, लेकिन मेरा मानना है कि यात्रियों को अनिवार्य रूप से इसे अपनाना चाहिए. बेहद कम प्रीमियम में इतना अच्छा कवर और किसी योजना में नहीं मिलता है. रेलमंत्री ने बताया कि बीमा कंपनियों ने पिछले 5 साल में करोड़ों रुपये का क्लेम भी निपटारा किया है.
क्या बोले रेल मंत्री
लोकसभा में रेल यात्रा बीमा से संबंधित प्रश्नों के लिखित जवाब में रेलवे मंत्री वैष्णव ने कहा कि सभी यात्री ऑनलाइन या आरक्षण काउंटरों से टिकट बुक कर सकते हैं. हालांकि, वैकल्पिक यात्रा बीमा योजना (ओटीआईएस) केवल उन कन्फर्म/आरएसी यात्रियों के लिए उपलब्ध है जिन्होंने अपनी टिकट ऑनलाइन बुक की है. कोई भी यात्री, जो बीमा लाभ प्राप्त करना चाहता है, वह टिकट बुक करते समय अपने विवेक से इस योजना का विकल्प चुन सकता है. यह योजना ई-टिकट बुक करने वाले यात्रियों के लिए उपलब्ध है और यह उन लोगों को अतिरिक्त बीमा कवर प्रदान करती है जिन्होंने इसे चुना है और प्रीमियम का भुगतान किया है.
कितना है इस बीमा का प्रीमियम
रेल मंत्री ने कहा कि वर्तमान में वैकल्पिक यात्रा बीमा योजना के तहत बीमा प्राप्त करने के लिए सभी करों सहित प्रति यात्री प्रति यात्रा प्रीमियम 0.45 रुपये (पैंतालीस पैसे) है. यात्री टिकट बुक करते समय बीमा योजना का विकल्प चुनता है और किराये के साथ प्रीमियम का भुगतान करता है. रेल मंत्री के अनुसार, यात्रियों को बीमा कंपनी से सीधे उनके पंजीकृत मोबाइल और ईमेल आईडी पर संदेश के माध्यम से पॉलिसी की जानकारी प्राप्त होती है. साथ ही नामांकन विवरण दर्ज करने के लिए लिंक भी मिलता है. इसके अलावा, बीमा कंपनी पॉलिसी जारी करने और दावों के निपटान के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार होती है.
कितने यात्रियों को मिला है क्लेम
रेल मंत्री ने बताया कि यात्री बीमा कंपनी से ईमेल के माध्यम से प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, सीधे बीमा कंपनी के पास दावा दायर करते हैं और दावा दायर करना यात्री और बीमा कंपनी के बीच एक सतत प्रक्रिया है. इन दावों के तहत पिछले पांच वर्षों के दौरान 333 लोगों के क्लेम का निपटारा किया गया और बीमा कंपनियों द्वारा यात्रियों को 27.22 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया गया है. रेल मंत्री ने सदन को सूचित किया कि यात्री आईआरसीटीसी वेबसाइट या ऐप पर टिकट बुक करते समय केवल टिक बॉक्स पर क्लिक करके आसानी से योजना को स्वीकार कर सकते हैं.
कब मिलता है बीमा का लाभ
रेलवे की ओर से किए जाने वाले इस बीमा में अलग-अलग स्थितियों के लिए अलग कवरेज दिया जाता है. बीमा पॉलिसी के अनुसार, इस पॉलिसी को खरीदने वाली हादसे में मौत होने पर नॉमिनी को 10 लाख रुपये दिया जाता है. अगर स्थायी विकलांगता हो जाए तो भी 10 लाख रुपये का क्लेम दिया जाता है. अगर आशिंक रूप से कोई दिव्यांग हो जाता है तो उसे 7.5 लाख रुपये दिए जाते हैं, जबकि घायल होने पर अस्पताल में भर्ती किए जाने पर 2 लाख रुपये का क्लेम दिया जाता है. हादसे के बाद अगर ट्रेन आगे नहीं जाती है और यात्री को अपने पैसे से सफर पूरा करना पड़ता है तो रेलवे 10 हजार रुपये का क्लेम देता है.
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि...और पढ़ें
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि...
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Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
August 06, 2025, 18:56 IST