Last Updated:January 23, 2026, 14:03 IST
Republic Day security: गणतंत्र दिवस से पहले अलकायदा की कथित साजिश ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. जम्मू में हुई गिरफ्तारी के बाद मेरठ के उजैद कुरैशी का नाम सामने आया. आरोप है कि वह फिदायीन हमले की योजना से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा था. यूपी एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस उसकी तलाश में जुटी हैं.
जम्मू से मेरठ तक अलकायदा के कथित सुसाइड बॉम्बर नेटवर्क की जांच तेज. (फोटो AI)नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस से पहले देश की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं. जम्मू-कश्मीर से लेकर यूपी के मेरठ तक एक ही नाम ने खलबली मचा दी है वह है उजैद कुरैशी. आशंका है कि अलकायदा से जुड़े नेटवर्क ने 26 जनवरी को निशाना बनाने की साजिश रची थी और उजैद उस फिदायीन प्लान का अहम कड़ी हो सकता है. सुराग डिजिटल चैट्स से लेकर जमीनी मूवमेंट तक फैले हैं. उसके घर पर ताला लगा है और परिवार लापता है. इस बीच एजेंसियां हर लिंक खंगाल रही हैं.
यह मामला तब और गंभीर हो गया जब जम्मू में 24 नवंबर को हुई गिरफ्तारी के बाद मेरठ का कनेक्शन सामने आया. जांच में संदिग्ध व्हाट्सऐप चैट्स, कथित भर्ती और आत्मघाती हमले की बातें उजागर हुईं. इसी कड़ी में 19 वर्षीय उजैद कुरैशी का नाम उभरा. अब सवाल यह नहीं कि तलाश क्यों है, बल्कि यह कि नेटवर्क कितना फैला है. कितने ‘उजैद’ तैयार किए गए हैं और 26 जनवरी से पहले अलकायदा की मंशा क्या थी.
कैसे खुला अलकायदा के सुसाइड बॉम्बर प्लान का राज?
24 नवंबर की रात जम्मू में नियमित नाकाबंदी के दौरान एक संदिग्ध को रोका गया. भागने की कोशिश पर पकड़े गए व्यक्ति मोहम्मद साजिद के मोबाइल से संदिग्ध डिजिटल सामग्री मिली. प्रारंभिक जांच में सेशन ऐप और व्हाट्सऐप पर आपत्तिजनक चैट्स सामने आईं. पूछताछ में सुरक्षा बलों पर आत्मघाती हमले की योजना का दावा किया गया, जिसके बाद केस दर्ज कर जांच तेज कर दी गई.
मेरठ कनेक्शन कैसे सामने आया?
मोबाइल की फॉरेंसिक जांच में कुछ चैट्स मेरठ से जुड़े खातों तक पहुंचीं. इन्हीं में उजैद कुरैशी का नाम आया. बताया गया कि उजैद भी उसी व्हाट्सऐप ग्रुप का हिस्सा था, जहां फिदायीन हमले की बातें हो रही थीं. इसके बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस और यूपी एटीएस की संयुक्त टीमें सक्रिय हुईं.
उजैद कुरैशी कौन है और शक क्यों?
उजैद मेरठ का रहने वाला है. परिवार फल कारोबार से जुड़ा है और कश्मीर आना-जाना रहा है. जांच एजेंसियों का शक है कि 2024 में कश्मीर यात्रा के दौरान ही उसका संपर्क अलकायदा से हुआ. बीते रविवार जब टीमें उसके घर पहुंचीं, वह मौजूद नहीं था. पूछताछ के बाद भाइयों को छोड़ा गया लेकिन उसी दौरान उजैद के फरार होने का दावा है. एक सीसीटीवी फुटेज में वह स्कूटी से घर के सामने से जाता दिखा.
घर पर ताला, परिवार लापता
मेरठ में उजैद के घर पर ताला जड़ा है. दरवाजे पर नोटिस चस्पा है. पड़ोसी बताते हैं कि परिवार पहले कभी पुलिस जांच में नहीं आया था. पिता मंडी में फल की दुकान चलाते हैं. कुल पांच भाई हैं. फिलहाल परिवार के सभी सदस्य नदारद बताए जा रहे हैं.
क्या सोशल मीडिया बना भर्ती का जरिया?
जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि उजैद का संपर्क सोशल मीडिया के जरिए हुआ या वह कश्मीर में किसी स्लीपर सेल से मिला. उस व्हाट्सऐप ग्रुप में और कौन-कौन शामिल थे? क्या सभी मेरठ या यूपी से थे? और क्या यह नेटवर्क देश के अन्य हिस्सों तक फैला है. इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं.
अब आगे क्या?
सेंट्रल एजेंसियां, यूपी एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस मिलकर उजैद की तलाश में दबिशें दे रही हैं. 26 जनवरी से पहले किसी भी संभावित खतरे को निष्क्रिय करने पर फोकस है. जांच का दायरा बढ़ाया गया है और डिजिटल ट्रेल्स की गहन पड़ताल जारी है.
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सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 3 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह...और पढ़ें
First Published :
January 23, 2026, 14:03 IST

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