2026 में किम जोंग उन का नया पावर पंच! पहले मिसाइल टेस्ट, फिर नए रॉकेट लॉन्चर तैनात; US तक बढ़ी टेंशन!

1 hour ago

North Korea Test: उत्तर कोरिया के तानाशाह ने एक बार फिर पूरी दुनिया को चेतावनी दी है. उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने अपनी पार्टी के अहम सम्मेलन से पहले सैन्य ताकत का ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ा दिया है. कहा जा रहा है कि किम ने दबाया बटन तो अमेरिका में दिखी टेंशन. अब सवाल ये है कि मिसाइल परीक्षण के लिए किम ने क्यों बटन दबाया? ऐसा इसलिए क्योंकि प्योंगयांग में किम खुद परमाणु क्षमता वाले मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर चलाते नजर आए और संदेश साफ है कि उत्तर कोरिया, अमेरिका या किसी के दबाव में पीछे हटने वाला नहीं है.

किम जोंग उन ने दिखाई ताकत

राजधानी प्योंगयांग में आयोजित इस सैन्य शक्ति के मेगा प्रदर्शन में किम जोंग उन काले जैकेट में मोबाइल मिसाइल लॉन्चर से उतरते दिखाई दिए. आगे किम जोंग ने खुद वाहन की कमान संभालते हुए रॉकेट सिस्टम को ऑपरेट किया. नॉर्थ कोरिया की सरकारी मीडिया का दावा है कि ये दुनिया के सबसे शक्तिशाली मल्टीपल रॉकेट लॉन्च सिस्टम में से एक है. सम्मेलन स्थल के बाहर कई रॉकेट लॉन्चरों की कतारें लगाकर किम ने साफ संकेत दिया है कि उनका फोकस सैन्य शक्ति और परमाणु क्षमता पर ही है. ये कदम दक्षिण कोरिया और उसके सहयोगियों पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है.

रूस-चीन के पास बहुत सारा परमाणु मैटीरियल और न्यूक्लियर बम

दुनिया जानती है कि किम जोंग उन की शी जिनपिंग और पुतिन दोनों से गहरी छनती है. ऐसे में उसके लिए न्यूक्लियर सामान मंगवाना या बम बनाने की तैयारी कोई मुश्किल काम नहीं है. किम आए दिन बैलेस्टिक मिसाइल का परीक्षण करके अमेरिका और उसके करीबी दक्षिण कोरिया को धमकाए रखता है. 

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उत्तर कोरिया की दोस्ती चीन और रूस से है.

दक्षिण कोरिया के ऊपर अमेरिका का वरदहस्त है.

यही महाशक्तियों के बीच टकराव की एक वजह है.

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने अपनी पार्टी के एक अहम सम्मेलन से पहले अपनी सैन्य ताकत दिखाने और दक्षिण कोरिया पर दबाव बनाने के लिए 50 नए रॉकेट लॉन्चर तैनात किए हैं, इसकी चिंता सियोल तक ही नहीं बल्कि वाशिंगटन डीसी तक महसूस की जा रही है. KCNA के मुताबिक ये पूरा सिस्टम AI और एडवांस्ड गाइडेंस तकनीक से लैस है. ये फैसला दक्षिण कोरिया के साथ बढ़ते तनाव के बीच उत्तर कोरिया का एक कड़ा रणनीतिक संदेश माना जा रहा है. किम का आक्रामक रुख हैरान करने वाला है क्योंकि वो अपने रुख में रत्ती भर बदलाव किए बगैर डोनाल्ड ट्रंप को उनके पिछले कार्यकाल में अपने दरवाजे तक मुलाकात के लिए बुला चुके हैं.

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