Iranian Fighter Jets: ईरान राजनीतिक अस्थिरता से गुजर रहा है, सरकार के खिलाफ काफी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए हैं. कुछ जानकार कयास लगा रहे हैं कि ईरान में तख्तापलट होने वाला है. प्रदर्शन के बीच अमेरिका और ईरान में भी काफी ज्यादा तनाव बढ़ गया है. दोनों एक-दूसरे को धमकी देते हुए नजर आ रहे हैं. इसी बीच हम बताने जा रहे हैं कि ईरान अकेला ऐसा देश है जो 'टॉप गन' फाइटर एफ-14 उड़ाता है. इसके बावजूद भी ईरान इसे संचालित कर रहा है, इसके पीछे की क्या वजह है आइए जानते हैं.
क्या था मुख्य काम?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक US ने इस पुराने फाइटर जेट को रिटायर कर दिया है जो अपने पावरफुल रडार और लंबी दूरी की एयर-टू-एयर मिसाइल AIM-54 फीनिक्स के लिए जाना जाता था, F-14 का मुख्य काम कैरियर स्ट्राइक ग्रुप्स को उन स्ट्रेटेजिक बॉम्बर्स से बचाना था जो लंबी दूरी की एंटी-शिप मिसाइलें लॉन्च कर सकते थे.
US ने ईरान को दिया था
US ने 1970 के दशक में ईरान को 79, F-14 बेचे थे, जब ईरान मिडिल ईस्ट में एक अहम साथी था, इस खरीद ने उनकी दोस्ती को और पक्का कर दिया. हालांकि ईरानी क्रांति के बाद रिश्ते खराब हो गए और अयातुल्ला रूहोल्लाह खुमैनी ने ईरान के आखिरी शाह मोहम्मद रजा पहलवी की जगह ले ली. दशकों से ईरान अपने कीमती F-14 के बेड़े को बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहा है. इस वजह से बेड़े में दूसरे F-14 को भी खत्म कर दिया गया ताकि कम से कम ठीक-ठाक संख्या में विमान उड़ते रहें.
अकेला देश है ईरान
अमेरिका के अलावा दुनिया में केवल ईरान के पास ही F-14 है, इस फाइटर जेट को ईरान ने ही खरीदा अन्य देशों के पास ये नहीं है. ऐसे में अमेरिका से रिटायरमेंट के बाद केवल ईरान ही ऐसा बचा जिसके पास ये जेट्स है. हालांकि ईरान के पास कितना F-14 है इसका सटीक आकलन कर पाना मुश्किल है.
काफी घातक है ये फाइटर जेट्स
ईरान ने कुछ पार्ट्स की रिवर्स इंजीनियरिंग भी की और उन्हें लोकल लेवल पर बनाया, लेकिन इसमें थोड़ी सफलता मिली. एक्सपर्ट्स का कहना है कि ईरान के हथियारों के जखीरे में मौजूद F-14, जो अपने पहले के, ताकतवर रूप की बस एक परछाईं है, फारस की खाड़ी में आने वाली किसी भी अमेरिकी सेना के लिए कोई खतरा नहीं है. कहा ये भी जाता है कि ईरान-इराक युद्ध में इन विमानों ने 160+ इराकी विमान मार गिराए थे.

1 hour ago
