10 साल में 4 गुना बढ़ गया होम लोन, पब्लिक में बैंकों का 37 लाख करोड़ बकाया, इसी के दम पर बढ़ रहा रियल एस्‍टेट

1 hour ago

Last Updated:January 29, 2026, 16:31 IST

Economic Survey : सरकार की ओर से पेश आर्थिक सर्वे में बताया गया है कि होम लोन का बकाया 10 साल में 4 गुना बढ़ गया है. फिलहाल यह बकाया बढ़कर 37 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है.

10 साल में 4 गुना बढ़ गया होम लोन, पब्लिक में बैंकों का 37 लाख करोड़ बकायादेश में हाउसिंग फाइनेंस की ग्रोथ 10 साल में 4 गुना हो चुकी है.

नई दिल्‍ली. अपने घर का सपना तो हर किसी की आंखों में होता है. लेकिन, मौजूदा समय में यह सपना बिना होम लोन के पूरा नहीं होता. पिछले 10 साल में होम लोन की डिमांड और भी ज्‍यादा बढ़ गई है. सरकार ने गुरुवार को संसद में पेश आर्थिक सर्वे में बताया कि साल 2015 से 2025 तक होम लोन का बकाया 4 गुना बढ़ गया है. हाउसिंग फाइनेंस की बढ़ती डिमांड से बैंकों का आम आदमी पर बकाया भी पिछले 10 साल में करीब चार गुना बढ़ गया है.

आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, हाउसिंग फाइनेंस लगातार बढ़ रहा है और मार्च 2025 के अंत तक व्यक्तिगत होम लोन का बकाया लगभग चार गुना बढ़कर 37 लाख करोड़ रुपये हो गया है. सर्वे में बताया गया है कि होम लोन का जीडीपी में हिस्सा साल 2015 में 8 फीसदी था, जो बढ़कर 2024-25 में 11 फीसदी हो गया है. कोविड महामारी के बाद हाउसिंग सेल्स में बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे होम लोन की मांग भी बढ़ी है.

रियल एस्‍टेट में भी बड़ा योगदान
रिपोर्ट में कहा गया है कि रियल एस्टेट और आवास स्वामित्व क्षेत्र ने पिछले दशक में औसतन वार्षिक जीवीए में लगभग 7 फीसदी का योगदान दिया है, जो सेवा क्षेत्र की वृद्धि और निर्माण व वित्तीय सेवाओं से मजबूत जुड़ाव को दर्शाता है. सर्वे ने यह भी बताया कि सरकार के नीतिगत सुधारों, जैसे रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट (रेरा), जीएसटी और हाउसिंग फॉर ऑल मिशन ने रियल एस्टेट क्षेत्र को अधिक औपचारिक बनाने में मदद की है.

लोन तक आसान पहुंच से फायदा
सर्वे में बताया गया कि पीएमएवाई (शहरी) योजना के तहत ब्याज सबवेंशन, अफोर्डेबल हाउसिंग फंड, कम ब्याज दरें और आसान क्रेडिट प्रक्रिया जैसी योजनाओं ने हाउसिंग फाइनेंस तक पहुंच को मजबूत किया है. स्मार्ट सिटी मिशन और अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (UIDF) जैसी शहरी पहल ने टियर 2 और टियर 3 शहरों में हाउसिंग की मांग को बढ़ाया है. इसका फायदा हाउसिंग फाइनेंस सेक्‍टर को भी मिला है. इन सुधारों के चलते, रियल एस्टेट क्षेत्र ने सितंबर 2021 से कोविड के बाद लगातार वृद्धि का दौर चल रहा है.

घर खरीदा कर्ज पर और बचत को निवेश किया
सर्वे के मुताबिक, हाउसिंग सेल्स में सुधार हुआ है, जिसमें घरों की बचत का बड़ा हिस्सा भौतिक संपत्तियों में निवेश किया गया है. हाल के तिमाहियों में भी सेल्स की गति बनी हुई है, जिसमें अनुकूल अफोर्डेबिलिटी और घटती महंगाई का योगदान है. रियल एस्टेट कंसल्टेंट प्रॉपटाइगर के अनुसार, औसत हाउसिंग वॉल्यूम सेल्स वित्तवर्ष 22-24 की तुलना में अब भी अधिक है. हाउसिंग फाइनेंस भी लगातार बढ़ा है, जिसमें व्यक्तिगत हाउसिंग लोन मार्च साल 2015 के अंत में लगभग 10 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर मार्च 2025 के अंत तक 37 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है. अब हाउसिंग लोन का जीडीपी में हिस्सा 8 फीसदी से बढ़कर 11 फीसदी से अधिक हो गया है.

About the Author

Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि...और पढ़ें

Location :

New Delhi,Delhi

First Published :

January 29, 2026, 16:31 IST

homebusiness

10 साल में 4 गुना बढ़ गया होम लोन, पब्लिक में बैंकों का 37 लाख करोड़ बकाया

Read Full Article at Source