स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, 9 मार्च को डिबेट, सरकार लाएगी अहम बिल

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ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, 9 मार्च को डिबेट, सरकार लाएगी अहम बिल

Last Updated:February 15, 2026, 13:20 IST

No Confidence Motion Against Om Birla: संसदीय कार्यमंत्री किरेण रिजिजू ने कहा है कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव पर 9 मार्च को लोकसभा में बहस और वोटिंग होगी. इसके बाद बजट सेशन में कई महत्वपूर्ण बिल पेश किए जाएंगे.

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संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 9 मार्च को स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी.

No Confidence Motion Against Om Birla: संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने रविवार को कहा कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर डिबेट और उसके बाद वोटिंग 9 मार्च को होगी, जब संसद का बजट सेशन का दूसरा चरण शुरू होगा. उन्होंने कहा कि सेशन का यह हिस्सा ‘रोचक’ होगा, क्योंकि इसमें कई महत्वपूर्ण विधेयक और एक ‘क्रिटिकल’ बिल पेश किए जाएंगे. अपनी लोकसभा सीट अरुणाचल वेस्ट के दौरे पर आए रिजिजू ने कहा कि 9 मार्च को लोकसभा में स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस होगी. नियम के मुताबिक इसे पहले दिन ही लिया जाता है. बहस के बाद वोटिंग होगी.

बजट सेशन 28 जनवरी को राष्ट्रपति के संयुक्त सत्र को संबोधन से शुरू हुआ था और 12 फरवरी को रिसेस पर चला गया. 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश किया गया. सेशन 9 मार्च से दोबारा शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा. मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर विपक्ष सेशन के पहले हिस्से की तरह विरोध प्रदर्शन जारी रखता है, तो यह उनके लिए ही नुकसानदेह होगा. उन्होंने कहा कि विपक्ष अगर विपक्ष सदन नहीं चलने देगा, तो हम गिलोटिन का सहारा लेंगे. यह उनके लिए नुकसान होगा. गिलोटिन का मतलब है कि बिना बहस के विधेयकों को पास कराना. रिजिजू ने बताया कि दूसरे चरण में सरकार विशिष्ट मंत्रालयों पर चर्चा कराएगी. लोकसभा में पांच मंत्रालयों के डिमांड फॉर ग्रांट्स पर डिस्कशन होगा, जबकि राज्यसभा में पांच अन्य मंत्रालयों के कामकाज पर बहस होगी.

सरकार लाएगी क्रिटिकल बिल

उन्होंने सेशन को इंटरेस्टिंग बताने की वजह बताते हुए कहा कि यह चार प्रमुख राज्यों – पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम और केरल तथा केंद्र शासित प्रदेश पुड्डुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों के साथ मेल खाता है. हम कुछ महत्वपूर्ण बिल्स लाएंगे, जिसमें एक क्रिटिकल बिल शामिल है. अभी हम इसका खुलासा नहीं करेंगे, लेकिन दूसरे चरण में एक बहुत महत्वपूर्ण बिजनेस होगा. हम सभी बिल्स पास कराएंगे.

रिजिजू से वन नेशन वन इलेक्शन बिल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सरकार ने अभी फैसला नहीं किया है, क्योंकि इसकी जांच के लिए बनी संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट फाइनल नहीं की है. मंत्री ने विपक्ष की एकता में दरार का इशारा करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए. ज्यादातर छोटी पार्टियां सदन ठप करने के पक्ष में नहीं हैं. वे अपने मुद्दे उठाना चाहती हैं, खासकर चुनाव से पहले.

सेशन के पहले हिस्से में 2 फरवरी से लोकसभा में हंगामा शुरू हो गया था, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पूर्व सेनाध्यक्ष एम एम नरवणे की अप्रकाशित संस्मरण से 2020 के भारत-चीन संघर्ष से जुड़े अंश पढ़ने की अनुमति नहीं दी गई. 4 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब नहीं दे सके, क्योंकि विपक्ष के विरोध प्रदर्शन से सदन नहीं चला.एक अभूतपूर्व कदम में, 5 फरवरी को धन्यवाद प्रस्ताव बिना प्रधानमंत्री के भाषण के पास हो गया. स्पीकर ने राष्ट्रपति के अभिभाषण को पढ़ा और विपक्ष के नारेबाजी के बीच वॉयस वोट से इसे पास कर दिया.

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संतोष कुमार

न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स...और पढ़ें

First Published :

February 15, 2026, 13:20 IST

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