Last Updated:February 26, 2026, 00:01 IST
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के लिए नगर निगम ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की. निगम अमले ने पुलिस बल के साथ नृसिंह घाट से लालपुल ब्रिज मार्ग तक 2016 के बाद बने पक्के निर्माणों को हटाया. नगर निगम की तरफ से बताया गया है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.

उज्जैन में सिंहस्थ क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज हो गई है. नगर निगम प्रशासन ने बुधवार सुबह से बुलडोजर अभियान शुरू कर दिया. पहले ही दिन साधु-संतों के चार टीन शेड और एक लग्जरी होटल को जमींदोज कर दिया गया. दरअसल, आगामी सिंहस्थ-2028 को देखते हुए प्रशासन तैयारियों में जुट गया है. इसी क्रम में सिंहस्थ क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं.
इंद्र देव सरस्वती के आश्रम के अवैध हिस्से को तोड़ा गया
उज्जैन कार्रवाई के दौरान लालपुर स्थित स्वामी संदीपेंद्र आश्रम, नरसिंह घाट पर क्षत्रिय कलोता समाज पारमार्थिक न्यास और अखिल भारतीय चंद्रवंशी समाज आश्रम में किए गए निर्माण को हटाया गया. इसके बाद भूखी माता मंदिर के सामने महामंडलेश्वर इंद्र देव सरस्वती के आश्रम के अवैध हिस्से को तोड़ा गया.
नगर निगम ने 127 अतिक्रमण किए चिन्हित
उज्जैन में दोपहर में नर्सिंग घाट के पास शंकराचार्य मठ चौराहा स्थित पूर्णानंद महाराज के आश्रम परिसर में संचालित एक लग्जरी होटल पर भी बुलडोजर चला दिया गया. उज्जैन नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक सिंहस्थ क्षेत्र में कुल 127 अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं. समय कम होने के कारण इन्हें चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा.
लगातार जारी रहेगी अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई
उज्जैन नगर निगम के अपर आयुक्त संतोष टैगोर ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पहले दिन पांच स्थानों पर कार्रवाई की गई है और शेष अतिक्रमणों पर भी जल्द कार्रवाई की जाएगी. वहीं, जिला प्रशासन का कहना है कि कुंम्भ के मेले क्षेत्र में जितने भी अवैध अतिक्रमण हैं. उनको हटाने की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी.
Location :
Ujjain,Madhya Pradesh
First Published :
February 26, 2026, 00:01 IST

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