सस्‍पेंड सांसद सदन में लौटेंगे, व‍िपक्ष के प्रस्‍ताव पर स्‍पीकर लेंगे फैसला, बन गई सहमत‍ि

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सस्‍पेंड सांसद सदन में लौटेंगे, व‍िपक्ष के प्रस्‍ताव पर स्‍पीकर लेंगे फैसला

Last Updated:March 16, 2026, 18:23 IST

संसद सत्र में गतिरोध समाप्त होने जा रहा है. निलंबित सांसदों का निलंबन वापस लिया जाएगा. सर्वदलीय बैठक में सहमति बनी है. मंगलवार को प्रस्ताव पेश होगा. स्पीकर ने सांसदों के आचरण पर कड़ी हिदायतें दी हैं.

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संसद से निलंब‍ित सांसद फ‍िर लौटेंगे...

संसद सत्र में पिछले कुछ दिनों से चल रहा भारी गतिरोध अब समाप्त होने जा रहा है. निलंबित किए गए सभी सांसदों का निलंबन जल्द ही वापस ले लिया जाएगा. सोमवार को लोकसभा स्पीकर की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आम सहमति बन गई है. उम्मीद है कि कल यानी मंगलवार से सदन की कार्यवाही एक बार फिर से सामान्य रूप से चलने लगेगी.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को संसद की कार्यवाही शुरू होने के बाद इन सांसदों का निलंबन रद्द करने के ल‍िए एक प्रस्‍ताव सदन में पेश क‍िया जाएगा. ध्यान देने वाली बात यह है कि सांसदों का निलंबन वापस लेने का यह प्रस्ताव खुद विपक्ष की ओर से ही लाया जाएगा. सर्वदलीय बैठक में बनी सहमति के आधार पर, सत्ता पक्ष इस प्रस्ताव का समर्थन करेगा और स्पीकर की मंजूरी के बाद सांसदों की सदन में दोबारा वापसी हो सकेगी.

स्पीकर की सर्वदलीय बैठक में बनी आम राय

संसद के सुचारू संचालन और लगातार हो रहे हंगामे को रोकने के ल‍िए स्पीकर ने सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं की बैठक बुलाई थी. इसमें सत्ता पक्ष के वरिष्ठ मंत्रियों और विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं ने हिस्सा लिया. बैठक का मुख्य एजेंडा सदन के कामकाज को सुचारू रूप से चलाना और निलंबित सांसदों की वापसी का रास्ता साफ करना था. लंबी चर्चा के बाद दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि लोकतंत्र के इस सर्वोच्च मंदिर का कामकाज बिना किसी बाधा के चलना चाहिए.

“गलत मिसाल नियम नहीं बननी चाहिए”
सांसदों का निलंबन वापस लेने का फैसला यूं ही नहीं लिया गया है; इसके साथ सदन की मर्यादाओं को लेकर कुछ कड़ी शर्तें और हिदायतें भी जुड़ी हुई हैं. सर्वदलीय बैठक में सदन के भीतर सांसदों के आचरण और व्यवहार को लेकर बहुत ही गंभीर और विस्तृत चर्चा हुई.

लोकसभा स्पीकर ने हाल की घटनाओं पर चिंता जताते हुए सभी दलों के नेताओं को बहुत स्पष्ट और कड़ा संदेश दिया. स्पीकर ने जोर देकर कहा कि संसद में विरोध प्रदर्शन के नाम पर जो कुछ भी अनुचित आचरण हुआ है, वह किसी भी हाल में एक सामान्य नियम या गलत मिसाल नहीं बननी चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि असहमति जताना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि संसदीय मर्यादाओं को ताक पर रख दिया जाए.

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Gyanendra Mishra

Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for 'Hindustan Times Group...और पढ़ें

Location :

Delhi,Delhi,Delhi

First Published :

March 16, 2026, 18:23 IST

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