Last Updated:February 04, 2026, 20:04 IST
Best Pediatrician Dr Arun Kumar Mandal: डॉ.अरुण कुमार मंडल बिहार के चर्चित गैस्ट्रो सर्जन और पटना के आईजीआईएमएस के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. मनीष मंडल के पिता थे. वे अपने पीछे पत्नी उर्मिला मंडल, बड़े पुत्र डॉ. मनीष मंडल और छोटे पुत्र आशीष आनंद को छोड़ गए हैं.

पटनाः लगभग आधी शताब्दी तक बच्चों का इलाज करने वाले बिहार के सुप्रसिद्ध एवं वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण कुमार मंडल का मंगलवार की शाम लगभग 6:15 बजे पटना के आईजीआईएमएस में इलाज के दौरान निधन हो गया. वे गंभीर स्थिति में आईसीयू में भर्ती थे. उनके निधन से मधेपुरा सहित पूरे बिहार के चिकित्सा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है. आपको बता दें कि डॉ. अरुण कुमार मंडल बिहार के चर्चित गैस्ट्रो सर्जन और पटना के आईजीआईएमएस के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. मनीष मंडल के पिता थे. वे अपने पीछे पत्नी उर्मिला मंडल, बड़े पुत्र डॉ. मनीष मंडल और छोटे पुत्र आशीष आनंद को छोड़ गए हैं.
1968 में पीएमसीएच से की थी पढ़ाई
डॉ. अरुण कुमार मंडल ने 1968 में पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल यानी पीएमसीएच से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की थी. शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने मधेपुरा को अपनी कार्यस्थली चुना और करीब 46 वर्षों तक बाल रोग विशेषज्ञ के रूप में समर्पित भाव से सेवाएं दी. अपने लंबे चिकित्सकीय जीवन में वे मधेपुरा के सबसे भरोसेमंद और प्रतिष्ठित पेडियाट्रिशियन के रूप में स्थापित हुए. इस दौरान उन्होंने अनगिनत बच्चों की जिंदगी बचाई.
चिकित्सा सेवा के साथ-साथ उन्होंने अपने परिवार को भी अच्छे संस्कार दिए. उनके बड़े पुत्र डॉ. मनीष मंडल आज बिहार के बेस्ट गैस्ट्रो सर्जन के रूप में पहचाने जाते हैं. सिर्फ बिहार ही नहीं, विदेशों में भी इनकी धमक है. छोटे पुत्र आशीष आनंद दिल्ली में स्थित एक निजी फर्म में निदेशक के पद पर कार्यरत हैं.
सात वर्षों तक रहें आईएमए के अध्यक्ष
डॉ. अरुण कुमार मंडल इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, मधेपुरा के सात वर्षों तक अध्यक्ष रहे, जबकि रेड क्रॉस सोसायटी मधेपुरा के अध्यक्ष पद पर उन्होंने तीन वर्षों तक कार्य किया. उनके नेतृत्व में मधेपुरा के चिकित्सा क्षेत्र को नई दिशा मिली. वे समाज की सेवा करने वाले, इंसानियत को सबसे ऊपर रखने वाले और ईमानदारी से इलाज करने वाले डॉक्टर के रूप में जाने जाते थे.
पिता थे जज
डॉ. अरुण कुमार मंडल, स्वर्गीय न्यायमूर्ति आर.पी. मंडल के बड़े बेटे थे. अपने सरल, विनम्र स्वभाव और मरीजों के प्रति समर्पण के कारण वे हर वर्ग में सम्मानित थे. निधन की सूचना मिलते ही चिकित्सा जगत, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियां पटना स्थित उनके आवास पर पहुंची और अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की.
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मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले...और पढ़ें
First Published :
February 04, 2026, 20:04 IST

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