Last Updated:February 21, 2026, 15:38 IST
ब्रिटेन में बिहार का नाम ऊंचा करने वाले ब्रिटेन के एआई मंत्री कनिष्क नारायण मूल रूप से वैशाली जिले के रहने वाले है. वैशाली के ग़ोरौल प्रखंड क्षेत्र के सोंधो गांव में आज भी उनका पुश्तैनी मकान है जहाँ कनिष्क नारायण तो कभी नहीं आए. लेकिन उनके पिता और सगे सम्बन्धी आते रहते है.

ब्रिटेन में बिहार का नाम ऊंचा करने वाले ब्रिटेन के एआई मंत्री कनिष्क नारायण मूल रूप से वैशाली जिले के रहने वाले है. वैशाली के ग़ोरौल प्रखंड क्षेत्र के सोंधो गांव में आज भी उनका पुश्तैनी मकान है जहाँ कनिष्क नारायण तो कभी नहीं आए. लेकिन उनके पिता और सगे सम्बन्धी आते रहते है.आज कनिष्क नारायण की उपलब्धि पर उनके गांव के लोग भी गर्व महसूस कर रहे है. गांव लोग बताते है की कनिष्क नारायण ने ना सिर्फ वैशाली बल्कि बिहार का नाम भी रौशन कर दिया है.
जिस तरह से वह ब्रिटेन सरकार में मंत्री बने है उससे गांव के लोग काफी खुश है. ग्रामीण बताते है कि कनिष्क नारायण के दादा जी किशोर नारायण उस समय जिला परिषद के अध्यक्ष हुआ करते थे. जब मुजफ्फरपुर और वैशाली जिला एक ही था. लेकिन मुजफ्फरपुर से वैशाली के अलग होने के बाद उनका पूरा परिवार मुजफ्फरपुर में बस गया लेकिन फिर भी उनके पिता संतोष प्रसाद और सगे सम्बन्धी यहाँ आते रहते थे.
ब्रिटेन के एआई मंत्री का पुश्तैनी मकान
ग्रामीणों ने बताया कि कनिष्क नारायण का परिवार जमींदार परिवार था. गांव के लिए इस परिवार ने बहुत कुछ किया है. गांव में बना अस्पताल भी कनिष्क नारायण के परिवार द्वारा दी गई जमीन पर बना है. ग्रामीण आज अपने गांव के बेटे की उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे है. कनिष्क नारायण से अनुरोध कर रहे है कि एक बार कनिष्क नारायण अपने गांव जरूर आए. कनिष्क नारायण के चाचा जयंत प्रसाद मुजफ्फरपुर में स्थित लॉ कॉलेज के प्रिंसिपल रह चुके है जो अब सेवानिवृत्त हो चुके है. बहरहाल गांव लोग अपने उस लाल की एक झलक पाने को बेताब है जिसने सात समंदर पार जा कर उनके गांव का नाम रौशन कर दिया है.
First Published :
February 21, 2026, 15:38 IST

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