ड्रिप इरिगेशन से बदला गुमला के किसान का जीवन,10 एकड़ में खेती से कमा रहे लाखों

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Last Updated:March 11, 2026, 21:09 IST

लक्ष्मण साहू ने बताया कि पहले वे दूसरों के यहां मजदूरी करते थे. बाद में उन्होंने कुछ अलग करने का फैसला किया और गुमला शहर के डेली मार्केट से सब्जियां खरीदकर बेचने का काम शुरू किया. इससे उन्हें कुछ कमाई तो होने लगी, लेकिन बढ़ती महंगाई और परिवार के खर्च को देखते हुए उन्होंने सोचा कि यह काम लंबे समय तक नहीं चल सकता.

गुमला: झारखंड का गुमला जिला मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्र है, जहां करीब 95 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है. जिले में बड़े उद्योग, रेलवे या बड़े कारखाने नहीं होने के कारण यहां के लोगों की आय का मुख्य साधन कृषि ही है. हालांकि रोजगार के सीमित अवसरों के कारण कई लोग खेती छोड़कर दूसरे काम करने लगते हैं या फिर रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन कर जाते हैं. वहीं अगर खेती में आधुनिक तकनीक अपनाई जाए तो इससे अच्छी आमदनी भी संभव है. इसका उदाहरण गुमला जिले के तेलगांव के किसान लक्ष्मण साहू हैं, जो आज आधुनिक तरीके से खेती कर सालाना लाखों रुपये कमा रहे हैं और कई लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं.

लक्ष्मण साहू ने बताया कि पहले वे दूसरों के यहां मजदूरी करते थे. बाद में उन्होंने कुछ अलग करने का फैसला किया और गुमला शहर के डेली मार्केट से सब्जियां खरीदकर बेचने का काम शुरू किया. इससे उन्हें कुछ कमाई तो होने लगी, लेकिन बढ़ती महंगाई और परिवार के खर्च को देखते हुए उन्होंने सोचा कि यह काम लंबे समय तक नहीं चल सकता. उनके पास अपनी जमीन भी थी, इसलिए उन्होंने खेती को ही अपना मुख्य व्यवसाय बनाने का निर्णय लिया.

शुरुआत में लक्ष्मण साहू पारंपरिक तरीके से खेती करते थे, जिससे उत्पादन कम होता था और आय भी सीमित रहती थी. इसी दौरान उनका संपर्क जिला उद्यान विभाग और कृषि विभाग से हुआ. यहां से उन्हें उन्नत किस्म के बीज, पौधे और आधुनिक तकनीक से खेती करने की जानकारी मिली. इसके बाद उन्होंने ड्रिप इरिगेशन तकनीक से खेती शुरू की. इस पद्धति से कम पानी में भी अच्छी खेती हो जाती है और फसल का उत्पादन भी बेहतर होता है.

वर्तमान में लक्ष्मण साहू लगभग 10 एकड़ जमीन में ड्रिप इरिगेशन के माध्यम से विभिन्न प्रकार की सब्जियों की खेती कर रहे हैं. उनके खेतों में मटर, बीन्स, टमाटर, प्याज, लहसुन, ग्राफ्टेड बैंगन, कद्दू, करेला, सेम और स्ट्रॉबेरी जैसी फसलें उगाई जा रही हैं. जिसको लेकर उन्होंने पूरे 10 एकड़ खेत में अलग-अलग हिस्सों में विभिन्न सब्जियों की खेती की जा रही है. इससे उनकी सालभर आमदनी होती है और अच्छा मुनाफा भी होता है. उनकी सब्जियों की गुणवत्ता अच्छी होने के कारण कई खरीदार खुद उनके घर आकर सब्जियां खरीद लेते हैं.

लक्ष्मण साहू ने बताया कि आज उनके साथ 15 से 20 लोग काम कर रहे हैं, जिन्हें रोजगार भी मिल रहा है. लक्ष्मण साहू का कहना है कि बहुत से लोग रोजगार के लिए बाहर चले जाते हैं, जबकि अगर किसान आधुनिक तकनीक अपनाकर खेती करें तो घर पर रहकर भी अच्छी कमाई कर सकते हैं. उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि अपने खेतों में मेहनत करें और आधुनिक तरीके से खेती करें. इससे न केवल अच्छी आमदनी होगी, बल्कि परिवार के साथ रहकर भी सम्मानजनक जीवन जिया जा सकता है.

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Amita kishor

न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क...और पढ़ें

Location :

Gumla,Jharkhand

First Published :

March 11, 2026, 21:09 IST

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