Last Updated:January 16, 2026, 18:21 IST
Maharashtra 29 Nagar Nigam Results: महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों के नतीजों में भाजपा ने 21 नगर निगमों पर कब्जा जमाया है. ठाकरे गुट और कांग्रेस 3 से 4 सीटों पर सिमट गए है, जबकि मालेगांव में निर्दलीय किंगमेकर बन रहे हैं. महाराष्ट्र की 29 निकायों पर किस पार्टी का कहां कब्जा हुआ जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर...
महाराष्ट की 29 निकायों में कौन सी पार्टी जीती जानें पूरा हालमुंबई. महाराष्ट्र की राजनीति में नगर निगम चुनावों ने बड़ा सियासी बदलाव दर्ज कर दिया है. राज्य की 29 नगर निगमों के चुनाव परिणाम घोषित हो चुके हैं और इन नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने स्पष्ट बढ़त बनाते हुए विपक्ष को करारा झटका दिया है. आंकड़ों के मुताबिक, भाजपा ने मुंबई समेत 21 नगर निगमों पर नियंत्रण हासिल कर लिया है, जबकि शिवसेना (शिंदे गुट), कांग्रेस और शिवसेना (ठाकरे गुट) को सीमित सफलता ही मिल सकी है.
सबसे बड़ा झटका शिवसेना (ठाकरे गुट) को लगा है, जिसने मुंबई में 25 वर्षों बाद सत्ता गंवा दी. कभी महानगरों की राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाली कांग्रेस भी इस चुनाव में सीमित प्रभाव ही छोड़ पाई.
21 नगर निगमों में भाजपा की ‘बड़ी जीत’
मतगणना के नतीजे बताते हैं कि राज्य में भाजपा की स्पष्ट लहर देखने को मिली. भाजपा ने न सिर्फ मुंबई में सत्ता हासिल की, बल्कि पुणे, नागपुर, नासिक जैसे बड़े और राजनीतिक रूप से अहम शहरों में भी अपना वर्चस्व बनाए रखा.
भाजपा शासित नगर निगम
मुंबई नवी मुंबई मीरा-भयंदर उल्हासनगर पनवेल पुणे पिंपरी-चिंचवड़ इचलकरंजी सांगली-मिराज-कुपवाड कोल्हापुर सोलापुर नागपुर अकोला अमरावती नासिक धुले जलगांव अहिल्यानगर (अहमदनगर) जालना नांदेड़-वाघाला छत्रपति संभाजीनगरइन नतीजों से साफ है कि शहरी महाराष्ट्र में भाजपा की पकड़ और मजबूत हुई है.
शिवसेना (शिंदे गुट): ठाणे-कल्याण में किला बरकरार
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने
ठाणे कल्याण-डोम्बिवलीनगर निगमों में अपना दबदबा बनाए रखा है. ये दोनों क्षेत्र शिवसेना के पारंपरिक गढ़ माने जाते हैं, जहां पार्टी की भगवा पकड़ अभी भी कायम है.
कांग्रेस को इस बार सिर्फ 3 नगर निगमों में सफलता मिली है:
लातूर- अकेले दम पर सत्ता भिवंडी-निज़ामपुर- अकेले दम पर सत्ता चंद्रपुर- शिवसेना (यूबीटी) के साथ गठबंधन में सरकार शिवसेना (ठाकरे गुट)उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट को केवल परभणी नगर निगम में सफलता मिली है, जहां कांग्रेस के समर्थन से सत्ता बनी है. कुल मिलाकर ठाकरे गुट का शहरी प्रभाव इस चुनाव में कमजोर पड़ा है.
बहुजन विकास अघाड़ी (BVA) की वापसी
वसई-विरार नगर निगम में बहुजन विकास अघाड़ी (BVA) ने एक बार फिर अपनी पकड़ मजबूत रखी है. लोकसभा और विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद, यह जीत BVA के लिए राजनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है.
मालेगांव: निर्दलीयों के हाथ में सत्ता की चाबी
मालेगांव नगर निगम में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है. ऐसे में यहां निर्दलीय उम्मीदवार ‘किंगमेकर’ की भूमिका में आ गए हैं. अब मालेगांव का महापौर कौन बनेगा, यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि निर्दलीय किस दल को समर्थन देते हैं.
First Published :
January 16, 2026, 18:21 IST
ठाकरे भाइयों के हाथ से BMC निकला... कहां-कहां खिला कमल, 29 निगमों का पूरा हाल

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