टैरिफ और ट्रेड डील की टेंशन के बीच ट्रंप को पड़ गई पीएम मोदी की जरूरत, वजह है गंभीर; भेजा न्योता

2 hours ago

Gaza Board Of Peace: भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ और ट्रेड डील को लेकर सालभर से जारी तनाव के बीच एक गंभीर मसले को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को पीएम मोदी की जरूरत महसूस हुई तो उन्होंने भारत को न्योता भेजकर इनवाइट किया है. व्हाइट हाउस से आ रही खबरों के मुताबिक ट्रंप ने मिडिल ईस्ट में शांति के लिए अपने गाजा पीस बोर्ड में शामिल होने के लिए भारत को न्योता भेजा है. जिसका मकसद युद्ध के बाद गाजा में नई सरकार और पुनर्निमाण के कामकाज की देखभाल करना है.

क्या है पीस बोर्ड

व्हाइट हाउस से मिली जानकारी के मुताबिक गाजा पीस बोर्ड की कमान खुद चेयरमैन खुद ट्रंप संभालेंगे. टेक्नोक्रेट्स की फिलिस्तीन की एक कमेटी को तैनात किया जाएगा जो युद्ध से तबाह हुए इलाके पर अपना शाषन चलाएगी. वहीं एक दूसरा एग्जीक्यूटिव बोर्ड होगा जो ज्यादातर वहां पर सही सलाह देने के लिए बनाया जाएगा.

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पाकिस्तान भी शामिल

पश्चिमी देशों से आ रही मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत को न्योता मिलने की खबर के बाद पाकिस्तान ने कहा है कि उसे भी ट्रंप से गाजा बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का न्योता मिला है. दरअसल भारत की जरूरत ट्रंप को इसलिए महसूस हो रही है क्योंकि इजरायल और फिलिस्तीन दोनों देशों से नई दिल्ली के अच्छे रिश्ते हैं, दोनों देश भारत की बात सुनते हैं और अमल भी करते हैं. दोनों के साथ भारक के ऐतिहासिक रिश्तों को ध्यान में रखते हुए भारत को ये न्योता भेजा गया है कि. दरअसल भारत की इजरायल के साथ स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप है तो उसने फिलिस्तीन को लगातार दशकों से मानवीय मदद भेजी है.

बोर्ड का दायरा बढ़ा

आपको बताते चलें कि 15 जनवरी को गाजा के लिए ट्रंप के बीस सूत्रीय कार्यक्रम को दुनियाभर के सैन्य झगड़ों को सुलझाने के लिए एक बड़े सिस्टम के तौर पर देखा जा रहा था. अब इसका विस्तार वेनेजुएला और यूक्रेन तक होने की खबरें आ रही हैं.

60 देशों को गया न्योता

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बोर्ड में शामिल होने के लिए 60 देशों को न्योता गया था लेकिन कुछ देशों को छोड़कर बहुत से देशों ने इसे लेकर सार्वजनिक बयान देने से कन्नी काटने में भलाई समझी. इसकी वजह ये परसेप्शन था कि इससे संयुक्त राष्ट्र के काम पर असर पड़ेगा और उसकी प्रासंगिकता खतरे में आ जाएगी. 

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नेतन्याहू नाराज!

हालांकि11 सदस्यों वाले गाजा एग्जीक्यूटिव बोर्ड में तुर्की के विदेश मंत्री हकन फिदान, UN मिडिल ईस्ट पीस कोऑर्डिनेटर सिग्रिड काग, यूएई के इंटरनेशनल कोऑपरेशन मिनिस्टर रीम अल-हाशिमी, इजरायली-साइप्रस के अरबपति याकिर गबे और कतर और यूएई के अफसर शामिल होंगे.

इस घटनाक्रम को लेकर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू कुछ नाराज लग रहे हैं. दरअसल नेतन्याहू के प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा है कि इस बोर्ड की प्रॉपर बनावट की जानकारी इजराइल के साथ साझा नहीं की गई. बोर्ड में तुर्की और कतर भी है जिसके इजरायल से काफी तनावपूर्ण  रिश्ते हैं. इसलिए नेतन्याहू भले ही अंदर से नाराज हों, लेकिन ट्रंप के मूड को भांपते हुए सधी बयानबाजी कर रहे हैं.

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