Bizzare News: नौकरी के लिए इंटरव्यू कई लोगों के लिए बेहद तनावपूर्ण होता है. वहीं इस प्रक्रिया के बाद हर उम्मीदवार सलेक्शन के लिए ट्रांसपेरेंसी की उम्मीद करता है, हालांकि हाल ही में वायरल हो रहे एक रेडिट पोस्ट ने हायरिंग एथिक्स को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसमें नौकरी चाहने वाले ने दावा किया है कि जिस व्यक्ति ने उसका इंटरव्यू लिया था, उसे ही बाद वह पोस्ट मिल गई. इस घटना ने लोगों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है.
इंटरव्यू देने वाले को मिला पद
टेक्नोलॉजी मार्केटिंग सेक्टर में काम करने वाले एक शख्स ने बताया कि वह एक सीनियर मार्केटिंग पद के लिए इंटरव्यू के आखिरी स्टेज तक पहुंच गया. प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसने जवाब का इंतजार किया, लेकिन कंपनी से कोई सूचना नहीं मिली. कोई फॉलो अप न मिलने के बाद शख्स ने लिंक्डइन पर इस पद से जुड़ा अपडेट देखना चाहा, हालांकि तभी उसने देखा कि उसका इंटरव्यू लेने वाले साक्षात्कारकर्ताओं में से एक ने हाल ही में अपने प्रोफाइल में एक नया डेसिजनेशन जोड़ा था. यह वही पोस्ट थी जिसके लिए शख्स ने इंटरव्यू दिया था.
हाथ लगी निराशा
शख्स के मुताबिक इंटरव्यू के दौरान कंपनी ने संकेत दिया था कि उम्मीदवार इस व्यक्ति के साथ मिलकर काम करेगा न कि उसकी जगह लेगा या उसे रिपोर्ट करेगा, जिससे यह खुलासा और भी चिंताजनक हो गया. इसको लेकर शख्स ने अपने रेडिट पोस्ट में संभावना जताई की यह हायरिंग प्रोसेस या इंटरव्यू वैकेंसी को इंटरनली फिल करने से पहले जानकारी इकट्ठा करने की एक ट्रिक हो सकती है. वहीं आखिरी इंटरव्यू के बाद कम्यूनिकेशन की कमी ने उसकी निराशा को और बढ़ावा दिया.
लोगों का रिएक्शन
इस घटना को लेकर कई इंटरनेट यूजर्स ने अपना रिएक्शन दिया है. एक यूजर ने कहा कि कभी-कभी इंटरव्यू का इस्तेमाल इनफॉर्मल रिसर्च एक्सरसाइज के लिए किया जाता है, जिससे इंटरनल कर्मचारियों को एक्सपेंडेड रोल में डालने से पहले इंडस्ट्री की नॉलेज का पता लगाने का मौका मिलता है. वहीं कई लोगों ने इस तरह के लंबे इंटरव्यू और केस स्टडी की आलोचना भी की. वहीं कई लोगों ने कहा कि इंटरव्यू पैनल में शामिल किसी भी व्यक्ति को बाद में वही पद देना गंभीर नैतिक चिंताएं पैदा करता है.

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