क्‍या है SFDR तकनीक? हवा से ऑक्सीजन खींचकर दुश्मन का होगा खात्‍मा, DRDO ने किया सफल टेस्‍ट

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Last Updated:February 03, 2026, 18:21 IST

भारत के DRDO ने ओडिशा के चांदीपुर में Solid Fuel Ducted Ramjet (SFDR) तकनीक का सफल परीक्षण किया है. यह स्वदेशी तकनीक लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों को सुपरसोनिक रफ्तार देगी. इस सफलता से भारत अब उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जिनके पास अपनी रामजेट पावर है. अब भारतीय मिसाइलें दुश्मन के विमानों को नो एस्केप जोन में फंसाकर पल भर में तबाह कर सकेंगी.

क्या है SFDR तकनीक? हवा से ऑक्सीजन खींच दुश्मन का खात्मा, DRDO का सफल टेस्टडीआरडीओ ने किया सफल टेस्‍ट.

भारतीय रक्षा क्षेत्र में आज एक नया इतिहास रचा गया है. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी DRDO ने ओडिशा के चांदीपुर में सॉलिड फ्यूल डक्टेड रामजेट (SFDR) तकनीक का सफल परीक्षण किया. यह परीक्षण 3 फरवरी 2026 को सुबह 10:45 बजे इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से किया गया. इस कामयाबी के साथ भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जिनके पास यह घातक मिसाइल तकनीक मौजूद है. यह तकनीक भविष्य की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों को सुपरसोनिक रफ्तार और लंबी दूरी की मारक क्षमता प्रदान करेगी. परीक्षण के दौरान मिसाइल के बूस्टर और इंजन ने उम्मीद के मुताबिक शानदार प्रदर्शन किया है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे आत्मनिर्भर भारत की ओर एक बड़ा कदम बताया है. वैज्ञानिकों की इस उपलब्धि ने दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों का ध्यान भारत की ओर खींचा है.

क्यों खास है SFDR तकनीक?
SFDR एक ऐसी अत्याधुनिक तकनीक है जो मिसाइल को बहुत तेज गति प्रदान करती है. इसमें ‘नोजल-रहित बूस्टर’ का इस्तेमाल किया गया है जो इसे शुरुआती रफ्तार देता है. इसके बाद इसका रामजेट इंजन इसे हवा में ही ऑक्सीजन का उपयोग करके लंबी दूरी तक ले जाता है. यह तकनीक मिसाइल को ‘नो एस्केप जोन’ बनाने में मदद करती है. यानी अगर एक बार मिसाइल दाग दी गई तो दुश्मन का विमान बच नहीं पाएगा.

Solid Fuel Ducted Ramjet (SFDR) technology was successfully flight tested from the Integrated Test Range (ITR), Chandipur off the coast of Odisha today. SFDR is very crucial for development of long range Air to Air Missiles pic.twitter.com/66ZwE0micY

दुश्मन के पास नहीं है इसका कोई तोड़
चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों के पास इस स्तर की स्वदेशी तकनीक की फिलहाल कमी है. लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों (Long Range Air-to-Air Missiles) के लिए यह तकनीक रीढ़ की हड्डी मानी जाती है. इससे भारत की हवाई ताकत अब कई गुना बढ़ गई है. अब हमारी मिसाइलें रडार की पकड़ में आए बिना ही लक्ष्य को तबाह कर सकती हैं.

वैज्ञानिकों और रक्षा मंत्री ने जताई खुशी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO और भारतीय उद्योग जगत को इस सफलता पर बधाई दी है. DRDO प्रमुख डॉ. समीर वी. कामत ने भी अपनी टीम के वैज्ञानिकों की सराहना की है. उन्होंने कहा कि यह परीक्षण भविष्य की मिसाइल प्रणालियों के लिए मील का पत्थर साबित होगा. पूरी लॉन्चिंग की निगरानी चांदीपुर के आधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए की गई थी.

सवाल-जवाब

SFDR का पूरा नाम क्या है?
इसका पूरा नाम सॉलिड फ्यूल डक्टेड रामजेट (Solid Fuel Ducted Ramjet) है.

SFDR का परीक्षण कहां और कब किया गया?
यह परीक्षण 3 फरवरी 2026 को ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) में किया गया.

SFDR तकनीक से भारतीय वायुसेना को क्या फायदा होगा?
इससे हमारी हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें बहुत तेज और लंबी दूरी तक मार करने वाली हो जाएंगी.

क्या भारत के अलावा अन्य देशों के पास भी यह SFDR तकनीक है?
उत्तर: जी हां, लेकिन भारत अब उन गिने-चुने देशों के क्लब में शामिल हो गया है जिनके पास यह स्वदेशी तकनीक है.

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Sandeep Gupta

पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्‍त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्‍कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और...और पढ़ें

First Published :

February 03, 2026, 18:21 IST

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क्या है SFDR तकनीक? हवा से ऑक्सीजन खींच दुश्मन का खात्मा, DRDO का सफल टेस्ट

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