कोरोना के बाद अब 'जंग' ने रोके एग्जाम! सीबीएसई के इतिहास में कब-कब हुआ ऐसा?

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कोरोना के बाद अब 'जंग' ने रोके एग्जाम! सीबीएसई के इतिहास में कब-कब हुआ ऐसा?

Last Updated:March 08, 2026, 14:58 IST

CBSE Board Exam 2026: पश्चिम एशिया में चल रही जंग की वजह से सीबीएसई ने 10वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं. अब बिना बोर्ड परीक्षा दिए रिजल्ट कैसे बनेगा? 'बेस्ट ऑफ थ्री' से लेकर प्री-बोर्ड के नंबर तक, क्या है बोर्ड का नया फॉर्मूला?

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CBSE Board Exam 2026: सीबीएसई बिना परीक्षा के भी रिजल्ट बना सकता है

नई दिल्ली (CBSE Board Exam 2026). सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं किसी टेंशन से कम नहीं होती हैं. महीनों की तैयारी और दिन-रात की पढ़ाई के बाद जब एग्जाम देने का समय आता है तो हर कोई नर्वस हो जाता है. लेकिन कभी-कभी हालात ऐसे बन जाते हैं कि बोर्ड को खुद कहना पड़ता है- अब एग्जाम नहीं होंगे. ताजा मामला पश्चिम एशिया यानी खाड़ी देशों का है, जिन्हें मिडिल ईस्ट भी कहते हैं. यहां ईरान और इजरायल के बीच चल रही जंग और अशांति की वजह से सीबीएसई ने 10वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं.

यह कोई पहली बार नहीं है जब बोर्ड ने 10वीं की परीक्षाएं रद्द करने का फैसला लिया है. जब भी बच्चों की जान और सुरक्षा पर खतरा होता है तो सीबीएसई परीक्षा को किनारे रख देता है. दुबई, कतर और सऊदी अरब जैसे खाड़ी देशों में रहने वाले हजारों भारतीय स्टूडेंट्स इस वक्त डरे हुए हैं. एक तरफ जंग का खतरा तो दूसरी तरफ बोर्ड परीक्षाओं की असमंजस वाली स्थिति. हर किसी के मन में बस एक ही सवाल है- अगर पेपर नहीं हुए तो मार्कशीट में नंबर कैसे मिलेंगे और रिजल्ट कैसे बनेगा?

सीबीएसई की परीक्षाएं किन हालात में टाली जाती हैं?

बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करना कोई छोटी बात नहीं है. ऐसा तभी होता है जब स्थिति काबू से बाहर हो जाए, जैसे:

देश या दुनिया में संकट: जैसे 2020 में कोरोना महामारी ने सब कुछ रोक दिया था. युद्ध या दंगे: जैसे अभी पश्चिम एशिया में हो रहा है या जैसा 2020 में दिल्ली के कुछ इलाकों में दंगों के वक्त हुआ था. कुदरत का कहर: बहुत ज्यादा बाढ़, भूकंप या चक्रवात आने पर. कर्फ्यू या अशांति: जब सड़कों पर निकलना ही सुरक्षित न हो.

सीबीएसई का इतिहास: कब-कब रुकीं परीक्षाएं?

सीबीएसई के इतिहास में सबसे बड़ा ब्रेक 2021 में आया था. तब कोरोना की दूसरी लहर की वजह से 10वीं और 12वीं दोनों के पेपर रद्द हुए थे. उससे पहले 2020 में भी कई पेपर नहीं हो पाए थे. अब 2026 में युद्ध की वजह से पश्चिम एशिया के सेंटर्स पर 10वीं के एग्जाम कैंसल करने पड़े हैं, जबकि 12वीं के पेपर फिलहाल आगे बढ़ा दिए गए हैं.

बिना परीक्षा के रिजल्ट कैसे बनता है?

अगर पेपर नहीं होते हैं तो सीबीएसई रिजल्ट बनाने के लिए एक खास फॉर्मूला अपनाता है, जिसे ‘ऑब्जेक्टिव क्राइटेरिया’ कहते हैं:

साल भर की परफॉरमेंस: आपके स्कूल के यूनिट टेस्ट, छमाही परीक्षा (Mid-term) और प्री-बोर्ड के नंबर देखे जाते हैं. बेस्ट ऑफ थ्री फॉर्मूला: अगर आपने कुछ पेपर दे दिए हैं तो जिन 3 विषयों में सबसे ज्यादा नंबर आए हैं, उनका औसत निकाल कर बचे हुए पेपरों में नंबर दे दिए जाते हैं. स्कूल का रिकॉर्ड: बोर्ड देखता है कि आपके स्कूल का पिछला 3 साल का रिजल्ट कैसा रहा है, जिससे नंबर देने में कोई धांधली न हो सके.

खाड़ी देशों के 10वीं के स्टूडेंट्स के लिए सीबीएसई जल्द ही नया रिजल्ट फॉर्मूला जारी करेगा. वहीं 12वीं वालों को थोड़ा इंतजार करना होगा. उनके पेपर पूरी तरह रद्द नहीं हुए हैं, बस टाले गए हैं.

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Deepali Porwal

With more than 10 years of experience in journalism, I currently specialize in covering education and civil services. From interviewing IAS, IPS, IRS officers to exploring the evolving landscape of academic sys...और पढ़ें

First Published :

March 08, 2026, 14:58 IST

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