Last Updated:January 22, 2026, 16:26 IST
Cyber Fraud News: डिजिटल अरेस्ट, लींक, ओटीपी ये सब पुराना हो गया है. साइबरों ठगों ने लोगों के बैंक अकाउंट खाली करने के नए तकनीक डेवलप कर लिए हैं.
साइबर ठगों से सावधानी ही एक मात्र उपाए हैं. अनजान नंबरों की कॉल से बचें. (सांकेतिक फोटो)जैसे-जैसे हम टेक्नोलॉजी की ओर बढ़ते जा रहे हैं, ये हमारे दिन-प्रतिदिन के खतरा भी बनते जा रहे हैं. ऑनलाइन ऐसे-ऐसे फ्रॉड हो रहे हैं कि लोगों की जिंदगी भर की कमाई फ्रॉडिए पलक झपकते ही उड़ा ले जाते हैं. पिछले कुछ महीने में डिजिटल अरेस्ट की खबरें खूब ट्रेंड में थी. हालांकि, पुलिस और सरकार की तरह तरह की जागरूता अभियान ने रंग दिखाई और ऐसे मामले कम होने लगे. लेकिन, अब साइबर फ्रॉड नए तकनीक लेकर आए हैं, जो एक पल में ही आपके अकाउंट खाली कर सकते हैं. इसके लिए आपको सावधान रहना होगा.
दरअसल, साइबर अपराधियों ने ठगी का एक और नया और बेहद खतरनाक तरीका निकाल लिया है. इसका नाम है ‘कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम’ (Call Forwarding Scam). इस नए स्कैम में ठग कूरियर बॉय या डिलीवरी एजेंट बनकर लोगों को निशाना बना रहे हैं. आपकी एक छोटी सी चूक और मोबाइल पर डायल किया गया एक कोड आपकी मेहनत की कमाई को पल भर में उड़ा सकता है.
कैसे बिछाया जाता है जाल?
साइबर एक्सपर्ट अभिषेक सक्सेना ने इस नए खतरे के बारे में विस्तार से जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि ठग सबसे पहले आपके बारे में बेसिक जानकारी (जैसे नाम, पता और मोबाइल नंबर) जुटाते हैं. इसके बाद वे आपको कॉल करते हैं और कहते हैं कि ‘सर/मैडम, आपका एक पार्सल आया है.’ जब आप कहते हैं कि आपने कुछ नहीं मंगाया, तो वे ‘पार्सल कैंसिल’ करने या ‘डिलीवरी रीशेड्यूल’ करने का झांसा देते हैं.
भरोसा जीतकर लगाते हैं चूना
भरोसा जीतने के बाद, वे आपको एक SMS भेजते हैं या फोन पर ही एक विशेष कोड डायल करने को कहते हैं. यह कोड अक्सर 21, 61, 67 या 401 से शुरू होता है. वे इसे ‘कन्फर्मेशन कोड’ बताते हैं, लेकिन असलियत में यह आपके फोन की सेटिंग्स बदलने की चाल होती है.
फिर शुरू होता है असली खेल
कोड डालते ही शुरू होता है ‘असली खेल’ जैसे ही आप उनके बताए कोड को अपने फोन पर डायल करते हैं. आपके नंबर पर ‘कॉल फॉरवर्डिंग’ एक्टिवेट हो जाती है. इसका मतलब यह है कि अब आपके फोन पर आने वाली सभी कॉल्स सीधे ठग के नंबर पर ट्रांसफर होने लगती हैं. सबसे बड़ा खतरा यहीं पैदा होता है. बैंक ट्रांजेक्शन के लिए आने वाले OTP (वन टाइम पासवर्ड) और वेरिफिकेशन कॉल्स भी आपके पास आने के बजाय सीधे ठग के पास पहुंच जाते हैं. जब तक आपको कुछ समझ आता है, ठग आपके बैंकिंग डिटेल्स का इस्तेमाल कर खाते से पैसे निकाल लेते हैं और बैलेंस ‘शून्य’ हो जाता है.
आंकड़े दे रहे गवाही
साइबर अपराध के आंकड़े डराने वाले हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2019 में जहां साइबर फाइनेंशियल फ्रॉड करीब 500 करोड़ रुपये का था, वहीं यह आंकड़ा लगातार बढ़ता गया. साल 2024 में ठगों ने आम जनता को लगभग 22 हजार करोड़ रुपये का चूना लगाया है. यह वृद्धि बताती है कि जागरूकता की कमी कितनी भारी पड़ रही है.
अनजान लिंक और कोड से बचें
किसी के कहने पर *21, *61, *401 जैसे कोड कभी डायल न करें. चेक करें: अगर आपको शक है कि आपकी कॉल फॉरवर्ड की गई है, तो अपने फोन से *21# डायल करें. इससे आपको पता चल जाएगा कि कॉल फॉरवर्डिंग एक्टिव है या नहीं. बंद कैसे करें: अगर कॉल फॉरवर्डिंग एक्टिव है, तो इसे तुरंत बंद करने के लिए ##002# डायल करें. यह कोड सभी प्रकार की फॉरवर्डिंग को मिटा देता है.About the Author
दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व...और पढ़ें
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New Delhi,Delhi
First Published :
January 22, 2026, 16:26 IST

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