Last Updated:February 12, 2026, 19:31 IST
Parliament Budget Session: संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव चरम पर पहुंच गया है. बीजेपी के निशिकांत दुबे ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करने और आजीवन प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव दिया है. हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही शुक्रवार सुबह तक स्थगित करनी पड़ी. वहीं, राज्यसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 पर चर्चा का जवाब दिया.

Parliament Budget Session: संसद के बजट सत्र में हंगामे के बीच बजट पर चर्चा गुरुवार को पूरी हो गई. राज्यसभा में चर्चा के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ किया कि केंद्र सरकार का फंड नागरिकों की मेहनत की कमाई है, जिसे महज डेडलाइन पूरी करने के लिए बेकार नहीं किया जा सकता. वित्त मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार पैसे के सही इस्तेमाल और जवाबदेही को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह बजट भारत के लिए एक ‘दुर्लभ संतुलन’ के क्षण में पेश किया गया है. राज्यसभा में उनकी समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन से नोक-झोंक भी हुई. उधर, लोकसभा में बीजेपी ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी को हमेशा के लिए चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित करने से जुड़ा प्रस्ताव पेश किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल ‘अर्बन नक्सल’ की तरह व्यवहार कर रहे हैं.
राज्यसभा में बजट पर बहस गरमाई, जया बच्चन का तंज – ग्रेट स्टोरी टेलर मैम!
राज्यसभा में बजट पर चर्चा के दौरान माहौल अचानक गरमा गया. समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के जवाब पर तीखा तंज कसा. उन्होंने कहा, ‘अगर आप जो मैंने कहा उसको ठीक से पढ़ें आपने बहुत अच्छा जवाब दिया. यू अरे ए ग्रेट स्टोरी टेलर मैम. कॉन्गरेचुलेशंस, लेकिन मैंने टिकट की बात की है.’ इस दौरान सत्ता पक्ष से शोर हुआ तो वह नाराज दिखीं. जया ने कहा, ‘मैं चुपचाप खड़ी थी. डोंट डू दिस. सर प्लीज गेट द हाउस इन ऑर्डर.’ उन्होंने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को बड़े टैक्सपेयर बताया. जवाब में वित्त मंत्री ने कहा, ‘एक सदस्य ने सवाल पूछा है और मैं उसका जवाब देने को राजी हूं. बाकी सदस्यों को क्या तकलीफ है?’भारत बंद पर मांडविया का पलटवार- ‘देश मोदी के साथ, झूठ की राजनीति नहीं चलेगी’
भारत बंद को लेकर केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि बंद का असर देश ने देख लिया है. जनता सच के साथ खड़ी है, न कि राजनीतिक विरोध के साथ. मांडविया ने साफ कहा कि अगर विपक्ष सच बोल रहा होता तो लोग सड़कों पर उतरते. उनके मुताबिक देश आज भी प्रधानमंत्री नरेंद्र के साथ मजबूती से खड़ा है. मांडविया ने कहा, ‘जितनी मेहनत करनी है कर लीजिए, देश आपके साथ नहीं है.’ उन्होंने दावा किया कि बंद बेअसर रहा और जनता ने इसे नकार दिया. मंत्री ने इसे विपक्ष की असफल रणनीति बताया.‘जनता के पैसे की बर्बादी नहीं होगी’, राज्यसभा में निर्मला सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘आज ज़्यादा लोगों की इनकम टैक्सेबल है. ज़्यादा इनकम दिख रही है और फॉर्मल सेक्टर में है और इसकी रिपोर्ट भी हो रही है. इकॉनमी अब छोटी नहीं रही या सिर्फ अमीर लोगों की नहीं रही. मिडिल क्लास बढ़ रहा है. 2013-14 और 2024-25 के बीच, रिटर्न फाइल करने वाले या TDS वाले लोगों की संख्या 5.26 करोड़ से बढ़कर 12.13 करोड़ हो गई… अगर 12 लाख तक की इनकम पर टैक्स नहीं लगता है तो टैक्सपेयर को कैसे दबाया जा रहा है?… महंगाई अब तक के सबसे निचले स्तर पर है…’ फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘कांग्रेस बढ़ते कर्ज पर मगरमच्छ के आंसू बहाती है. आप चाहते हैं कि हम और पैसे उधार लें और राज्यों को भी फंड दें, मैं कहना चाहूंगी कि सरकार बहुत ज़्यादा उधार नहीं ले सकती. यही एक सिद्धांत है जो हमें गाइड करता है. कांग्रेस खर्च को लेकर ऑब्सेस्ड है, लेकिन हम कहते हैं कि इससे आपको पैसा मिलेगा लेकिन आपको हमें नतीजे देने होंगे. हमें नतीजे चाहिए.’ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने RS में विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि बिना नौकरियों के ग्रोथ UPA के जमाने की कहानी थी, अब नहीं. महंगाई आज जितनी है, उससे कम कभी नहीं रही; भारत अपनी कम महंगाई को इत्तेफ़ाक से नहीं, बल्कि स्ट्रेटेजी से बनाए हुए है. आज भारत में महंगाई का कोई संकट नहीं है; इसे काबू में कर लिया गया है. केंद्र सरकार ने साफ किया है कि सरकारी फंड कोई खुला खजाना नहीं है जिसे मनमर्जी से खर्च किया जाए. राज्यसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह हर भारतीय के पसीने की कमाई है और डेडलाइन पूरी करने के लिए इसे बर्बाद नहीं किया जाएगा. उन्होंने बताया कि पिछले 10 साल में 14 सोशल सेक्टर योजनाओं में सिर्फ 37,000 करोड़ रुपये अनस्पेंट रहे, जबकि यूपीए दौर में यह आंकड़ा 94,000 करोड़ रुपये था. मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी राज्य की योजनाओं के फंड रोके या बंद नहीं किए गए हैं. देश की इकोनॉमी को नई रफ्तार मिलती दिख रही है. नॉन फूड बैंक क्रेडिट में 13% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि एनबीएफसी क्रेडिट भी 15.5% की मजबूत ग्रोथ के साथ आगे बढ़ा है. राज्यसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि विकसित भारत के लक्ष्य के तहत हाई लेवल बैंकिंग कमेटी सेक्टर की व्यापक समीक्षा करेगी. साथ ही सरकार ने अगले पांच साल में 1 लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल तैयार करने का लक्ष्य रखा है. इस योजना के लिए अगले 12 महीनों में 1000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. सरकार का दावा है कि यह कदम ग्रोथ और रोजगार दोनों को नई दिशा देगा. बजट 2026-27 पर चर्चा का जवाब देते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘हम एक हाई-पावर्ड एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज स्टैंडिंग कमेटी बना रहे हैं जो यह पक्का करेगी कि हमारे युवा सर्विस सेक्टर के लिए तैयार हों, जहां हमारा लक्ष्य 2047 तक ग्लोबल मार्केट का लगभग 10% हिस्सा हासिल करना है.’ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण केंद्रीय बजट 2026-27 पर राज्यसभा में हुई सामान्य चर्चा का जवाब दे रही हैं.लोकसभा से इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड (अमेंडमेंट) बिल पास
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि राहुल ‘अर्बन नक्सल’ की तरह व्यवहार कर रहे हैं. इस पर सदन में हंगामा होने लगा जिसके बाद लोकसभा की कार्यवाही शुक्रवार (13 फरवरी, 2026) की सुबह 11:00 बजे तक के लिए स्थगित हुई. लोकसभा ने इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड (अमेंडमेंट) बिल, 2026 पास कर दिया है, जिसका मकसद इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड, 2020 में बदलाव करना है. केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने लोकसभा में कहा, ‘जिसको जॉब मिलेगी, उसे नियुक्ति पत्र भी मिलेगा, ताकि नौकरी की शर्तों का लिखित प्रमाण रहे. समान काम के लिए महिला और पुरुष कामगारों के वेतन अब अलग नहीं होंगे, पहले इसकी कानूनी पाबंदी नहीं थी. लेबर कोड ने समान काम के लिए समान वेतन की गारंटी दी है. आज तक ऐसा होता था कि कोई 5 साल तक काम करता था, तभी उसे ग्रेच्युटी मिलती थी. अब लेबर कोड में एक साल काम करने पर भी ग्रेच्युटी की गारंटी है.’ केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने संशोधित औद्योगिक संबंध संहिता बिल पर जवाब देते हुए कहा, ‘वामपंथी दलों की आलोचना करते हुए केंद्रीय श्रम मंत्री ने कहा कि केरल की एलडीएफ सरकार ने राज्य में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए आवश्यक प्रमाण पत्र नहीं दिया. उन्होंने विधेयक के लाभों पर प्रकाश डालते हुए समय पर वेतन भुगतान, औद्योगीकरण को बढ़ावा देने वाले प्रावधान और न्यूनतम वेतन की गारंटी का उल्लेख किया.’ लोकसभा में केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया की ओर से पेश औद्योगिक संबंध संहिता (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा जारी है. वहीं, केंद्रीय बजट 2026-27 पर राज्यसभा में चल रही सामान्य चर्चा का जवाब थोड़ी देर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देंगी.संसद का मौजूदा सत्र आरोप-प्रत्यारोप और हंगामे की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है. एक तरफ बीजेपी सांसद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सदन से पूरी तरह बाहर करने की रणनीति बना रहे हैं, तो दूसरी ओर कांग्रेस सांसदों पर लोकसभा स्पीकर के चैंबर में घुसकर अभद्रता करने के गंभीर आरोप लगे हैं.
बीजेपी के फायरब्रांड सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार को एक बड़ा कदम उठाते हुए राहुल गांधी के खिलाफ ‘विशिष्ट प्रस्ताव’ (Substantive Motion) लाने का नोटिस दिया है. दुबे ने मांग की है कि नेता प्रतिपक्ष की लोकसभा सदस्यता रद्द की जाए और उन पर आजीवन चुनाव लड़ने का प्रतिबंध लगाया जाए. निशिकांत दुबे का आरोप है कि राहुल गांधी विदेश यात्राओं के दौरान भारत विरोधी तत्वों के साथ सांठगांठ करते हैं. उन्होंने सोरोस फाउंडेशन, फोर्ड फाउंडेशन और यूएसएड जैसी संस्थाओं का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल थाईलैंड, कंबोडिया और अमेरिका जाकर देश विरोधी ताकतों से मिलते हैं. दुबे ने स्पष्ट किया कि यह कोई विशेषाधिकार हनन का नोटिस नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र प्रस्ताव है जिस पर सदन की मुहर लगनी चाहिए.
राहुल के आपत्तिजनक शब्दों को हटाने का प्रस्ताव
संसद का विवाद केवल सदस्यता तक सीमित नहीं है. बीजेपी सांसद संजय जायसवाल ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर राहुल गांधी के भाषण से ‘आपत्तिजनक’ शब्दों को हटाने की मांग की है. जायसवाल के मुताबिक, बजट चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने ‘आपने भारत माता को बेच दिया’ और ‘यूएस ट्रेड डील शर्मनाक है’ जैसे शब्दों का प्रयोग किया. उन्होंने नियम 380 का हवाला देते हुए कहा कि ये शब्द असंसदीय हैं और बिना किसी प्रमाण के लगाए गए हैं. जायसवाल का तर्क है कि यदि इन शब्दों को रिकॉर्ड से नहीं हटाया गया, तो ये संसदीय इतिहास का हिस्सा बन जाएंगे, जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है.कांग्रेस सांसद स्पीकर के चैंबर में घुसे, किरेन रिजिजू का आरोप
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एक सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के 20-25 सांसद जबरन स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में घुस गए. रिजिजू के अनुसार, वहां प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी में सांसदों ने न केवल अपशब्द कहे, बल्कि प्रधानमंत्री को लेकर धमकी भी दी. रिजिजू ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए इसे ‘गैर-कानूनी रिकॉर्डिंग’ बताया और कहा कि कांग्रेस की सोच पूरी तरह बिखर चुकी है. उन्होंने एनडीए सांसदों की सहनशीलता की तारीफ करते हुए कहा कि अगर वे प्रतिक्रिया देते, तो संसद में स्थिति अनियंत्रित हो सकती थी.लोकसभा में गुरुवार को अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते (US Trade Deal) को लेकर भी जमकर नारेबाजी हुई. प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी सदस्य तख्तियां लेकर आसन के पास पहुंच गए. पीठासीन सभापति कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने सदस्यों को समझाने की कोशिश की कि महिला सांसदों के सवालों का जवाब देने दिया जाए, लेकिन हंगामा नहीं थमा. नतीजतन, कार्यवाही शुरू होने के मात्र सात मिनट के भीतर ही सदन को स्थगित करना पड़ा.
सदन के शोर-शराबे के बीच राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने एक संवेदनशील मुद्दा उठाया. उन्होंने कार्यस्थलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में हो रहे जातिगत भेदभाव पर गहरी चिंता जताई. खरगे ने ओडिशा और मध्य प्रदेश की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि जाति आधारित भेदभाव संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 17 का सीधा उल्लंघन है. उन्होंने सरकार से इन मामलों की समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने का आग्रह किया ताकि दलित और पिछड़ों की गरिमा की रक्षा हो सके.
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दीपक वर्मा (Deepak Verma) एक पत्रकार हैं जो मुख्य रूप से विज्ञान, राजनीति, भारत के आंतरिक घटनाक्रमों और समसामयिक विषयों से जुडी विस्तृत रिपोर्ट्स लिखते हैं. वह News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़...और पढ़ें
Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
February 12, 2026, 15:43 IST

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