Goat Farming Tips: पारंपरिक खेती के भरोसे बैठे किसानों के लिए पशुपालन अब मुनाफे की गारंटी बन रहा है. देवघर कृषि विज्ञान केंद्र की पशु चिकित्सक डॉ. पूनम सोरेन के अनुसार बकरी पालन छोटे किसानों के लिए एक चलता-फिरता ATM साबित हो सकता है. खासकर झारखंड और बिहार के वातावरण के लिए ब्लैक बंगाल नस्ल सबसे सटीक है. डॉ.सोरेन बताती हैं कि ब्लैक बंगाल नस्ल की सबसे बड़ी खूबी इसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता है. कम बीमार पड़ने और स्थानीय जलवायु में आसानी से ढलने के कारण इसकी देखभाल का खर्च न के बराबर है. इसके मांस की बाजार में भारी मांग है. जिससे किसानों को सीधा और बेहतर मुनाफा मिलता है. सफलता के 3 बड़े सूत्रों में सही नस्ल का चुनाव है. शुरुआत के लिए ब्लैक बंगाल, सिरोही या बीटल का चुनाव करें. मचाननुमा शेड बनाएं. बकरियों को जमीन से ऊंचे मचान पर रखें ताकि गंदगी और नमी से होने वाली बीमारियों से बचाव हो सके. वहीं समय पर वैक्सीन और खुले चारागाह की व्यवस्था बकरियों की ग्रोथ दोगुनी कर देती है. डॉक्टर की सलाह है कि नए पशुपालक 3-4 बकरियों से शुरुआत कर धीरे-धीरे अपना बिजनेस बढ़ा सकते हैं.
Video: बीमारी कम, कमाई ज्यादा! इस नस्ल और विधि से पालें बकरियां, होगा दोगुना मुनाफा
2 hours ago
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